एक साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहा फरियादी, फिर भी नहीं मिली 1292 फसली जिल्द की नकल
संतकबीरनगर में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के बेलवनिया गांव निवासी गौरख प्रसाद चौरसिया का आरोप है कि वह पिछले लगभग एक वर्ष से जिल्द बंदोबस्त 1292 फसली (1885-1886) की नकल प्राप्त करने के लिए लगातार तहसील और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नकल उपलब्ध नहीं कराई गई।
पीड़ित ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि उनके पूर्वजों से संबंधित अभिलेखों की जानकारी के लिए 1292 फसली की जिल्द की नकल आवश्यक है। उनका कहना है कि संबंधित अभिलेख मुहाफिज खाने में होने के बावजूद उन्हें न तो नकल दी जा रही है और न ही कोई स्पष्ट जवाब मिल रहा है।
फरियादी का आरोप है कि कई बार आवेदन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द जिल्द बंदोबस्त 1292 फसली की प्रमाणित नकल उपलब्ध कराने की मांग की है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब एक आम नागरिक को अपने ही अभिलेखों की नकल पाने के लिए साल भर तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगना
स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।