जान जोखिम में डालकर डुमक पहुंच रही SIR टीम, उफनते नालों के बीच जारी पुनरीक्षण!!
सड़क सुविधा से वंचित अति दुर्गम गांव में भारी बारिश के बीच टीम की चुनौतीपूर्ण आवाजाही, ग्रामीण भी वर्षों से इसी जोखिम भरे रास्ते से आने-जाने को मजबूर!!
चमोली जिले के अति दुर्गम एवं दूरस्थ डुमक गांव में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के लिए पहुंच रही टीम को भारी बारिश के बीच उफनते नालों को पार कर जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। सड़क सुविधा न होने के कारण टीम को पैदल ही दुर्गम रास्तों से होकर गांव तक पहुंचना पड़ रहा है।
भारी बारिश के चलते क्षेत्र के नाले उफान पर हैं। ऐसे में SIR टीम के सामने गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। टीम के सदस्य जोखिम उठाकर उफनते नालों को पार करते हुए गांव पहुंच रहे हैं, ताकि पुनरीक्षण अभियान का कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके।
डुमक गांव की यह तस्वीर क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सड़क सुविधा के अभाव की हकीकत भी बयां करती है। ग्रामीणों के लिए यह परेशानी केवल बारिश के दौरान नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। सड़क सुविधा नहीं होने के कारण स्थानीय ग्रामीण आवश्यक सामान लाने-ले जाने, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इसी तरह कठिन और जोखिम भरे रास्तों से आवागमन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान उफनते गाड़-गदेरे और खराब रास्ते उनकी मुश्किलें और बढ़ा देते हैं। ऐसे में डुमक गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना स्थानीय लोगों की लंबे समय से प्रमुख मांग बनी हुई है।