प्रेस नोट
चम्बा, 10.02.2026
आज चम्बा में सीटू और एस एफ आई ने जिलाधीश कार्यालय के बाहर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करके गिरफ्तार करने व लोकतंत्र एवं चुनावी पारदर्शिता की रक्षा की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और उसका पुतला जलाया । प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त की ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने और सरकार की तानाशाही के खिलाफ जोरदार नारे बाजी की गई। प्रदर्शन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने में 14 बार लिखित आपत्ति जताई की चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार उनसे चर्चा किए बगैर फैसले लेते हैं दोनों चुनाव आयुक्त मतदाता सूची में नाम जोड़ने हटाने और रिकॉर्ड अपडेट करने की पावर केंद्रीयकृत करने का विरोध कर रहे हैं फॉर्म 6 में बिना कानून बदले मनमर्जी से नए वोटरों से उनके माता-पिता दादा दादी की पुराने रिकॉर्ड की जानकारी मांगना शुरू कर दिया लाखों युवाओं के पास पुरखों के कागजात नहीं है जिस वजह से उनके फॉर्म रिजेक्ट होने लगे ज्ञानेश कुमार चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर ने बिना संसद और कानून मंत्रालय की मंजूरी के बिना सॉफ्टवेयर में बदलाव कर दिया ।
SIR के चलते देश में 13 करोड़ 37 लाख लोगों के नाम काट दिए अकेले पश्चिम बंगाल में 91 लाख वोटरों के नाम काट दिए गए। उत्तर प्रदेश में 70 लाख वोट बनाने के लिए फॉर्म भरे गए चुनाव आयोग ने 84 लाख वोट बना दिए 13 लाख ज्यादा वोट बना कर चुनाव आयोग बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहा है। इसलिए ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करके गिरफ्तार किया जाए।
जब तक संसद में चुनाव आयोग में चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए कानून नहीं बनाया जाता हमारे संविधान का अनुच्छेद 324 राष्ट्रपति को चुनाव आयोग में आयुक्तों की नियुक्ति का अधिकार देता है। 2 मार्च 2023 को पांच जजों की संवैधानिक पीट ने फैसला दिया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को सिर्फ कार्यपालिका पर नहीं छोड़ा जा सकता इसलिए संसद में जब तक चुनाव आयुक्तों कि नियुक्ति के लिए कानून नहीं बनाया जाता तब तक अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त और आयुक्तों कि नियुक्ति प्रधानमंत्री विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की कमेटी की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाए । मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अध्यादेश लाकर बदल दिया और अपनी मनमर्जी से चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करने का कानून बना दिया जिसका सीपीएम जोरदार विरोध करती है।
हाल ही में इंडिया ब्लॉक की 19 पार्टियों के 141 सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च किया सरकार ने सांसदों को संसद मार्ग पर रोक दिया गया विपक्ष के नेताओं को जबरदस्ती गिरफ्तार किया गया मोदी सरकार पूरी तानाशाही ओर फासीवादी तरीके अपनाकर सरकार के खिलाफ बोलने वालों और भ्रष्टाचार को उजागर करने वालों पर दमन कर उनकी आवाज को दबाना चाहती है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
प्रदर्शन में मांग की गई की मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करके गिरफ्तार किया जाए।
SIR की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए।
उन सभी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में फिर से शामिल किए जाए जिनके नाम SIR की प्रक्रिया के दौरान काट दिए थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त तथा दूसरे आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को निरस्त किया जाए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का पालन किया जाए। वक्ताओं ने आज के प्रदर्शन के लिए आ रहे लोगों को जगह जगह से गिरफ़्तारी की भी निंदा की और सरकार के ताना शाही तरीके से आंदोलन को कुचलने के तरीके की भी निंदा की।उन्होंने कहा कि जनता के विरोध की आवाज को दवाया नहीं जा सकता। आज प्रदर्शन में नरेंद्र कुमार सीटू जिला अध्यक्ष विपिन शर्मा, एस एफ आई से चैन,हसन, प्रेम,भूपेन्द्र, इक्बाल, नारायण,संजीव कुमार आदि शामिल रहे।
सुदेश ठाकुर
सीटू जिला सचिव
चम्बा।
Chamba, Chamba | Oct 10, 2026