कहानी बदलाव की: सेवा संकल्प अभियान के तहत कुराली एवं मंधार गांव में अमृत सरोवर से बदली तस्वीर
यमुनानगर, (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो- बीडीपीओ व्यासपुर शबनम ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पंचायत कुराली में 26.80 लाख रुपये की लागत से व गांव मंधार में 54.84 लाख रुपये की लागत से अमृत सरोवर का निर्माण करवाया गया। विकसित अमृत सरोवर ग्रामीण विकास और जल संरक्षण की मिसाल बनकर सामने आया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले इन गांवों में तालाबों की स्थिति दयनीय थी और नालियों का गंदा पानी सीधे तालाब में गिरने से दुर्गंध फैलती थी और इसका पानी किसानों के लिए भी उपयोगी नहीं था। अब तालाब के नवीनीकरण से ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
बीडीपीओ शबनम ने बताया कि दोनों गांवों में वर्ष 2022-23 में अमृत सरोवर का निर्माण कार्य शुरू किया गया। इसके तहत गांव कुराली में तालाब की सफाई, नाले और पाइपलाइन का निर्माण तथा पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए ट्रीटमेंट यूनिट स्थापित की गई। इससे तालाब के पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और किसानों को फसलों में उपयोग के लिए बेहतर पानी उपलब्ध होने लगा है। वहीं ग्राम पंचायत मंधार में सरपंच मंगत राम के नेतृत्व में पुराने तालाब की खुदाई और नवीनीकरण करवाकर उसकी जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने बताया कि तालाब का क्षेत्रफल 10,572.825 वर्ग मीटर है। नवीनीकरण से पहले तालाब की जल संग्रहण क्षमता लगभग 10,194.086 थी, जो खुदाई और मरम्मत के बाद बढक़र करीब 25,998.68 हो गई। इससे बारिश के पानी को अधिक मात्रा में एकत्रित करने और लंबे समय तक संरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
सुबह-शाम सैर के लिए विकसित हुआ सुंदर स्थल
खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी शबनम ने बताया कि गांव कुराली में अमृत सरोवर के चारों ओर ग्रामीणों के घूमने के लिए पक्की पटरी बनाई गई है। वहीं, रात के समय पर्याप्त रोशनी के लिए लाइटें भी लगाई गई हैं। इससे तालाब अब जल संरक्षण के केंद्र के साथ-साथ ग्रामीणों के बैठने, टहलने और समय बिताने के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल बन गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कुराली गांव की आबादी 710 थी। अमृत सरोवर से पूरे गांव को लाभ मिल रहा है। ग्रामीण जगवंत सिंह ने बताया कि तालाब के चारों ओर पक्की पटरी और रोशनी की व्यवस्था से लोगों को सुबह-शाम सैर करने की सुविधा मिली है। वहीं, पानी की गुणवत्ता में सुधार से किसानों को भी फायदा हुआ है। यह परियोजना सामुदायिक भागीदारी और टिकाऊ ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसी प्रकार जिला यमुनानगर के व्यासपुर ब्लॉक के गांव मंधार में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब का जीर्णोद्धार जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की मिसाल बनकर उभरा है। इस परियोजना पर गांव मंधार में 54.84 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
भूजल स्तर सुधारने में मिलेगी मदद
बीडीपीअे शबनम ने बताया कि अमृत सरोवर के जीर्णोद्धार से गांव में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। तालाब में वर्षा जल संग्रहित होने से भूजल रिचार्ज में सहायता मिलेगी और स्थानीय पर्यावरण को भी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत की सक्रिय भागीदारी से पारंपरिक जल स्रोत को नया स्वरूप दिया गया है। यह पहल दर्शाती है कि पुराने तालाबों का वैज्ञानिक तरीके से नवीनीकरण कर जल संरक्षण के प्रयासों को मजबूत बनाया जा सकता है। अमृत सरोवर आने वाली पीढिय़ों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने और टिकाऊ ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।