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बरेली के आँवला में प्रसिद्ध प्राचीन राई सती देवी माता का मेला लगा

Vidisha Nagar, Vidisha | Jul 23, 2026

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मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी: कृषि विशेषज्ञ डॉ. डी.के. तिवारी ने विद्यार्थियों को दिए वैज्ञानिक खेती और करियर के मंत्र 
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शासकीय आदर्श महाविद्यालय की छह दिवसीय कार्यशाला के चौथे दिन कृषि, रोजगार और स्वास्थ्य से जुड़े सवालों के दिए व्यावहारिक जवाब 
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शासकीय आदर्श महाविद्यालय, विदिशा में "प्रशासनिक अधिकारी कैसे बनें" विषय पर आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला का चौथा दिवस कृषि, वैज्ञानिक खेती और कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि विभाग के जिला समन्वयक डॉ. डी.के. तिवारी एवं विशेष अतिथि सहायक तकनीकी प्रबंधक अशोक रघुवंशी उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मिट्टी संरक्षण, जैविक खेती तथा कृषि क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य अतिथि डॉ. डी.के. तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में कृषि केवल परंपरागत आजीविका नहीं, बल्कि विज्ञान और तकनीक पर आधारित लाभकारी व्यवसाय बन चुकी है। उन्होंने कहा कि खेती की वास्तविक पूंजी मिट्टी है और यदि मिट्टी की गुणवत्ता एवं उर्वरता सुरक्षित नहीं रहेगी तो भविष्य में कृषि उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग करें तथा जैविक खाद और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि "मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी और खेती बचेगी तो किसान तथा देश का भविष्य सुरक्षित रहेगा।"
विशेष अतिथि अशोक रघुवंशी ने कृषि विभाग की आत्मा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण, नई कृषि तकनीकों का प्रदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इससे खेती की लागत कम होती है, उत्पादन बढ़ता है और किसानों की आय में वृद्धि होती है।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा विद्यार्थियों के साथ हुआ संवाद रहा, जिसमें उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार और आधुनिक खेती से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सभी प्रश्नों के सरल, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उत्तर देकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। बीए प्रथम वर्ष की छात्रा मुस्कान श्रीवास्तव ने कृषि क्षेत्र में नौकरी करने वाले अधिकारियों की कार्यशैली के बारे में प्रश्न किया। इस पर डॉ. तिवारी ने बताया कि कृषि अधिकारी किसानों से नियमित संपर्क रखते हैं, खेतों का निरीक्षण करते हैं, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं तथा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

छात्रा रूचि जैन ने हाईब्रिड बीजों के स्वास्थ्य पर प्रभाव के संबंध में सवाल किया। डॉ. तिवारी ने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक परीक्षण एवं स्वीकृति प्राप्त हाईब्रिड बीज पूरी तरह सुरक्षित होते हैं तथा स्वास्थ्य पर उनका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि संतुलित पोषण और सही खेती पद्धति अधिक महत्वपूर्ण है। अमोल सोले ने ऑर्गेनिक फसलों की पहचान के बारे में जानकारी चाही। इस पर डॉ. तिवारी ने बताया कि प्रमाणित जैविक उत्पादों पर अधिकृत प्रमाणन चिह्न अंकित होता है और केवल देखकर किसी फसल के ऑर्गेनिक होने की पहचान हमेशा संभव नहीं होती। शानू (बी.कॉम. प्रथम वर्ष) ने पूछा कि क्या अधिक यूरिया डालने से मिट्टी की क्षमता कम हो जाती है। इस पर डॉ. तिवारी ने कहा कि यूरिया का अत्यधिक उपयोग मिट्टी के जैविक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने के साथ-साथ जैविक खाद का प्रयोग भी आवश्यक है। राशि कुशवाह (कक्षा 9वीं) ने कृषि क्षेत्र में करियर के अवसरों पर प्रश्न किया। डॉ. तिवारी ने बताया कि कृषि क्षेत्र में कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी, एग्री-बिजनेस विशेषज्ञ, कृषि उद्यमी, कृषि पत्रकार और शोधकर्ता सहित अनेक क्षेत्रों में उज्ज्वल करियर की संभावनाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्मिता सिंघई ने प्रभावी ढंग से किया तथा अंत में डॉ. अवधेश पांडे ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला के अगले दिन शुक्रवार को डॉ. सुरेश गर्ग विद्यार्थियों के साथ बेहतर स्वास्थ्य, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की भूमिका तथा आदर्श नागरिक विषयों पर संवाद करेंगे। आयोजकों के अनुसार इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों की व्यावहारिक एवं समसामयिक जानकारी उपलब्ध कराकर उनके व्यक्तित्व और करियर विकास को नई दिशा देना है। #vidisha

मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी: कृषि विशेषज्ञ डॉ. डी.के. तिवारी ने विद्यार्थियों को दिए वैज्ञानिक खेती और करियर के मंत्र .. शासकीय आदर्श महाविद्यालय की छह दिवसीय कार्यशाला के चौथे दिन कृषि, रोजगार और स्वास्थ्य से जुड़े सवालों के दिए व्यावहारिक जवाब .. शासकीय आदर्श महाविद्यालय, विदिशा में "प्रशासनिक अधिकारी कैसे बनें" विषय पर आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला का चौथा दिवस कृषि, वैज्ञानिक खेती और कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि विभाग के जिला समन्वयक डॉ. डी.के. तिवारी एवं विशेष अतिथि सहायक तकनीकी प्रबंधक अशोक रघुवंशी उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मिट्टी संरक्षण, जैविक खेती तथा कृषि क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. डी.के. तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में कृषि केवल परंपरागत आजीविका नहीं, बल्कि विज्ञान और तकनीक पर आधारित लाभकारी व्यवसाय बन चुकी है। उन्होंने कहा कि खेती की वास्तविक पूंजी मिट्टी है और यदि मिट्टी की गुणवत्ता एवं उर्वरता सुरक्षित नहीं रहेगी तो भविष्य में कृषि उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग करें तथा जैविक खाद और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि "मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी और खेती बचेगी तो किसान तथा देश का भविष्य सुरक्षित रहेगा।" विशेष अतिथि अशोक रघुवंशी ने कृषि विभाग की आत्मा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण, नई कृषि तकनीकों का प्रदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इससे खेती की लागत कम होती है, उत्पादन बढ़ता है और किसानों की आय में वृद्धि होती है। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा विद्यार्थियों के साथ हुआ संवाद रहा, जिसमें उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार और आधुनिक खेती से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सभी प्रश्नों के सरल, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उत्तर देकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। बीए प्रथम वर्ष की छात्रा मुस्कान श्रीवास्तव ने कृषि क्षेत्र में नौकरी करने वाले अधिकारियों की कार्यशैली के बारे में प्रश्न किया। इस पर डॉ. तिवारी ने बताया कि कृषि अधिकारी किसानों से नियमित संपर्क रखते हैं, खेतों का निरीक्षण करते हैं, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं तथा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। छात्रा रूचि जैन ने हाईब्रिड बीजों के स्वास्थ्य पर प्रभाव के संबंध में सवाल किया। डॉ. तिवारी ने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक परीक्षण एवं स्वीकृति प्राप्त हाईब्रिड बीज पूरी तरह सुरक्षित होते हैं तथा स्वास्थ्य पर उनका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि संतुलित पोषण और सही खेती पद्धति अधिक महत्वपूर्ण है। अमोल सोले ने ऑर्गेनिक फसलों की पहचान के बारे में जानकारी चाही। इस पर डॉ. तिवारी ने बताया कि प्रमाणित जैविक उत्पादों पर अधिकृत प्रमाणन चिह्न अंकित होता है और केवल देखकर किसी फसल के ऑर्गेनिक होने की पहचान हमेशा संभव नहीं होती। शानू (बी.कॉम. प्रथम वर्ष) ने पूछा कि क्या अधिक यूरिया डालने से मिट्टी की क्षमता कम हो जाती है। इस पर डॉ. तिवारी ने कहा कि यूरिया का अत्यधिक उपयोग मिट्टी के जैविक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने के साथ-साथ जैविक खाद का प्रयोग भी आवश्यक है। राशि कुशवाह (कक्षा 9वीं) ने कृषि क्षेत्र में करियर के अवसरों पर प्रश्न किया। डॉ. तिवारी ने बताया कि कृषि क्षेत्र में कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी, एग्री-बिजनेस विशेषज्ञ, कृषि उद्यमी, कृषि पत्रकार और शोधकर्ता सहित अनेक क्षेत्रों में उज्ज्वल करियर की संभावनाएं उपलब्ध हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्मिता सिंघई ने प्रभावी ढंग से किया तथा अंत में डॉ. अवधेश पांडे ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला के अगले दिन शुक्रवार को डॉ. सुरेश गर्ग विद्यार्थियों के साथ बेहतर स्वास्थ्य, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की भूमिका तथा आदर्श नागरिक विषयों पर संवाद करेंगे। आयोजकों के अनुसार इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों की व्यावहारिक एवं समसामयिक जानकारी उपलब्ध कराकर उनके व्यक्तित्व और करियर विकास को नई दिशा देना है। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 23, 2026

जिले की पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन विकास पर मंथन
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जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक में पर्यटन विकास के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई
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जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बेतवा सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया ने की। इस दौरान जिले के पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण, पर्यटन विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
    
बैठक में पुरातत्व एवं संरक्षण वाले प्रमुख स्थलों पर लाइट एंड साउंड शो की संभावनाओं, पुरातात्विक मूर्तियों की सुरक्षा, अतिक्रमण रोकने, विजय मंदिर-विजय मंडल में व्याख्या केंद्र विकसित करने, ग्यारसपुर स्थित माला देवी मंदिर, चौसठ योगिनी मंदिर के जीर्णोद्धार, बिखरी हुई पुरासंपदा के संरक्षण तथा बटेश्वर मंदिर समूह तक पहुंच मार्ग एवं पर्यटक सुविधाओं के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
    
पर्यटन विकास की समीक्षा के दौरान पर्यटन सर्किट को एकीकृत करने, आवास, शौचालय, पेयजल, पार्किंग, साइनेज, क्यूआर आधारित ऑडियो गाइड, डिजिटल प्रचार-प्रसार, होम स्टे एवं रूरल होम स्टे को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने के संबंध में पर्यटन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
    
बैठक में संस्कृति एवं आयोजनों के अंतर्गत बेतवा महोत्सव सहित वार्षिक सांस्कृतिक आयोजनों की समीक्षा की गई। साथ ही लोककला एवं हस्तशिल्प को बाजार और मंच उपलब्ध कराने, संग्रहालयों के डिजिटल उन्नयन तथा स्कूलों में विरासत जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
    
सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संवेदनशील पुरातात्विक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, अतिक्रमण हटाने और सीमांकन कार्यों पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि उदयपुर मंदिर में शीघ्र ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
     
सीईओ श्री ओपी सनोडिया ने श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उदयपुर मंदिर में सुरक्षा एवं सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने और अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में पांडुलिपियों के संरक्षण पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा परिषद में उपस्थित अधिकारियों एवं पुरातत्व विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए विभिन्न प्रस्तावों पर प्रस्तुतीकरण के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पर्यटन विभाग, नगर पालिका, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन एवं पुरातत्व से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित रहे। #vidisha #JansamparkMP

जिले की पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन विकास पर मंथन .. जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक में पर्यटन विकास के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई .. जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बेतवा सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया ने की। इस दौरान जिले के पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण, पर्यटन विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में पुरातत्व एवं संरक्षण वाले प्रमुख स्थलों पर लाइट एंड साउंड शो की संभावनाओं, पुरातात्विक मूर्तियों की सुरक्षा, अतिक्रमण रोकने, विजय मंदिर-विजय मंडल में व्याख्या केंद्र विकसित करने, ग्यारसपुर स्थित माला देवी मंदिर, चौसठ योगिनी मंदिर के जीर्णोद्धार, बिखरी हुई पुरासंपदा के संरक्षण तथा बटेश्वर मंदिर समूह तक पहुंच मार्ग एवं पर्यटक सुविधाओं के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। पर्यटन विकास की समीक्षा के दौरान पर्यटन सर्किट को एकीकृत करने, आवास, शौचालय, पेयजल, पार्किंग, साइनेज, क्यूआर आधारित ऑडियो गाइड, डिजिटल प्रचार-प्रसार, होम स्टे एवं रूरल होम स्टे को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने के संबंध में पर्यटन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में संस्कृति एवं आयोजनों के अंतर्गत बेतवा महोत्सव सहित वार्षिक सांस्कृतिक आयोजनों की समीक्षा की गई। साथ ही लोककला एवं हस्तशिल्प को बाजार और मंच उपलब्ध कराने, संग्रहालयों के डिजिटल उन्नयन तथा स्कूलों में विरासत जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संवेदनशील पुरातात्विक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, अतिक्रमण हटाने और सीमांकन कार्यों पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि उदयपुर मंदिर में शीघ्र ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी। सीईओ श्री ओपी सनोडिया ने श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उदयपुर मंदिर में सुरक्षा एवं सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने और अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पांडुलिपियों के संरक्षण पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा परिषद में उपस्थित अधिकारियों एवं पुरातत्व विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए विभिन्न प्रस्तावों पर प्रस्तुतीकरण के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पर्यटन विभाग, नगर पालिका, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन एवं पुरातत्व से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित रहे। #vidisha #JansamparkMP

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 23, 2026

नव्या योजना की 40 बालिकाओं ने वर्धमान फैब्रिक्स, बुधनी का किया शैक्षणिक भ्रमण, औद्योगिक कार्यप्रणाली से हुए रूबरू
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित नव्या योजना अंतर्गत 40 बालिकाओं का शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण वर्धमान फैब्रिक्स, बुधनी में कराया गया। भ्रमण का उद्देश्य बालिकाओं को औद्योगिक कार्यप्रणाली, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों से अवगत कराना था।
    
भ्रमण के दौरान बालिकाओं ने वर्धमान फैब्रिक्स में कपड़ा निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने धागे से कपड़ा तैयार होने तक की विभिन्न उत्पादन इकाइयों, अत्याधुनिक मशीनों, गुणवत्ता परीक्षण तथा पैकेजिंग व्यवस्था को निकट से देखा। संस्थान के अधिकारियों द्वारा बालिकाओं को वस्त्र उद्योग में उपलब्ध रोजगार एवं कौशल विकास के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनके प्रश्नों का समाधान भी किया गया।
    
इस अवसर पर आईटीआई की प्राचार्या सुश्री कविता रघुवंशी ने बालिकाओं को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग से श्री संतोष रघुवंशी ने बालिकाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण उनके व्यक्तित्व विकास, करियर चयन एवं रोजगार संबंधी जानकारी को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    
भ्रमण के उपरांत बालिकाओं ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए आधुनिक उद्योगों की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नव्या योजना के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी अवसरों से जोड़ने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। #vidisha

नव्या योजना की 40 बालिकाओं ने वर्धमान फैब्रिक्स, बुधनी का किया शैक्षणिक भ्रमण, औद्योगिक कार्यप्रणाली से हुए रूबरू .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित नव्या योजना अंतर्गत 40 बालिकाओं का शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण वर्धमान फैब्रिक्स, बुधनी में कराया गया। भ्रमण का उद्देश्य बालिकाओं को औद्योगिक कार्यप्रणाली, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों से अवगत कराना था। भ्रमण के दौरान बालिकाओं ने वर्धमान फैब्रिक्स में कपड़ा निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने धागे से कपड़ा तैयार होने तक की विभिन्न उत्पादन इकाइयों, अत्याधुनिक मशीनों, गुणवत्ता परीक्षण तथा पैकेजिंग व्यवस्था को निकट से देखा। संस्थान के अधिकारियों द्वारा बालिकाओं को वस्त्र उद्योग में उपलब्ध रोजगार एवं कौशल विकास के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनके प्रश्नों का समाधान भी किया गया। इस अवसर पर आईटीआई की प्राचार्या सुश्री कविता रघुवंशी ने बालिकाओं को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग से श्री संतोष रघुवंशी ने बालिकाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण उनके व्यक्तित्व विकास, करियर चयन एवं रोजगार संबंधी जानकारी को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भ्रमण के उपरांत बालिकाओं ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए आधुनिक उद्योगों की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नव्या योजना के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी अवसरों से जोड़ने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 23, 2026

विधायक ने जल जीवन मिशन के प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी, ग्रामीणों में सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूकता का होगा व्यापक प्रसार 
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 जल जीवन मिशन के अंतर्गत शुक्रवार को विकासखंड विदिशा में योजना के व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। क्षेत्रीय विधायक श्री मुकेश टंडन ने अपने निज निवास से प्रचार रथ को रवाना करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए जनभागीदारी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

प्रचार रथ के माध्यम से विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में भ्रमण कर ग्रामीणों को जल जीवन मिशन की प्रमुख गतिविधियों, हर घर नल से जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था, पेयजल स्रोतों के संरक्षण, जल की गुणवत्ता, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी जाएगी। साथ ही लोगों को सुरक्षित पेयजल अपनाने एवं जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा।

कार्यक्रम में बताया गया कि जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को जल जीवन मिशन के उद्देश्यों, योजनाओं एवं उनके लाभों से अवगत कराया जाएगा, जिससे योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने जल संरक्षण एवं सुरक्षित पेयजल के महत्व का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। #vidisha

विधायक ने जल जीवन मिशन के प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी, ग्रामीणों में सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूकता का होगा व्यापक प्रसार .. जल जीवन मिशन के अंतर्गत शुक्रवार को विकासखंड विदिशा में योजना के व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। क्षेत्रीय विधायक श्री मुकेश टंडन ने अपने निज निवास से प्रचार रथ को रवाना करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए जनभागीदारी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। प्रचार रथ के माध्यम से विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में भ्रमण कर ग्रामीणों को जल जीवन मिशन की प्रमुख गतिविधियों, हर घर नल से जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था, पेयजल स्रोतों के संरक्षण, जल की गुणवत्ता, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी जाएगी। साथ ही लोगों को सुरक्षित पेयजल अपनाने एवं जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम में बताया गया कि जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को जल जीवन मिशन के उद्देश्यों, योजनाओं एवं उनके लाभों से अवगत कराया जाएगा, जिससे योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने जल संरक्षण एवं सुरक्षित पेयजल के महत्व का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 18, 2026

पुलिस को लोग गलत बोलते हैं लेकिन जब विदिशा के एडिशनल एसपी का स्थानांतरण होता है शहर की जनता भावुक

पुलिस को लोग गलत बोलते हैं लेकिन जब विदिशा के एडिशनल एसपी का स्थानांतरण होता है शहर की जनता भावुक

Vidisha Nagar, Vidisha | Jul 18, 2026

बरेली के आँवला में प्रसिद्ध प्राचीन राई सती देवी माता का मेला लगा - Vidisha Nagar News