बाढ़ राहत में तहसील प्रशासन जुटा, बंसीनगर में भोजन व्यवस्था पर उठे सवाल
पलिया। एक तरफ तहसील प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों में दिन-रात जुटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित बंसी नगर में बाढ़ पीड़ितों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंगलवार को नेपाल से छोड़े गए पानी के बाद बंसी नगर में घरों के अंदर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए तहसील प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। लेकिन गुरुवार को ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय से भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुधवार को केवल एक समय लंच पैकेट वितरित किया गया, जिसमें तहरी थी। वहीं गुरुवार को करीब 4:30 बजे तक कोई लंच पैकेट नहीं पहुंचा। शाम के समय ग्रामीणों को कच्ची खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिसमें 25 किलो चावल, 5 किलो दाल, एक लीटर तेल, प्याज, हरी मिर्च आदि शामिल था।
ग्रामीणों का कहना है कि जब चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा हुआ है और परिवारों में छोटे-छोटे बच्चे परेशान हैं, ऐसे में कच्चा राशन देकर भोजन की व्यवस्था पूरी मान लेना कितना उचित है। ग्रामीणों के सामने सवाल है कि बाढ़ के बीच वे खाना बनाएंगे कहां और कैसे?
मामले को लेकर जब उपजिलाधिकारी पलिया और तहसीलदार पलिया से बात की गई तो उन्होंने मामले को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई की बात कही। वहीं हल्का लेखपाल रूबी ने बुधवार को एक समय लंच पैकेट दिए जाने की बात स्वीकार की और गुरुवार को लांच पैकेट पहुंचने पर गोलमोल जवाब दिया।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दो समय भोजन की व्यवस्था की जानी है, तो बंसी नगर में एक दिन में लंच पैकेट बांटने और दूसरे दिन कच्चा राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था आखिर कितनी कारगर है? बाढ़ से परेशान ग्रामीणों और छोटे बच्चों को भोजन के लिए घंटों इंतजार क्यों करना पड़ा?
अब जरूरत है कि तहसील प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन वितरण की नियमित निगरानी करे, ताकि राहत के नाम पर कोई भी जरूरतमंद परिवार भोजन से वंचित न रह जाए। #MYogiAdityanath #रोमीसाहनी #NepalFloods #paliakalan #UPNews #fishing #nepal #LakhimpurKheri #followers #highlights #dmkheri