तेज बहाव के बीच रपटे से गुजर रहे श्रद्धालु, जिम्मेदारों की लापरवाही से हादसे का खतरा
सिरसौद में सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर जाने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे श्रद्धालु
सिरसौद। सावन के चौथे सोमवार को शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव स्थित प्राचीन सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर तक पहुंचने के रास्ते में महुअर नदी के रपटे पर तेज पानी का बहाव होने के बावजूद श्रद्धालु अपनी जान हथेली पर रखकर पैदल नदी पार करते नजर आए। कई श्रद्धालु एक-दूसरे का सहारा लेकर तेज बहाव के बीच रपटे से गुजरते रहे।
बताया गया है कि रविवार से ग्रामीण क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जो सोमवार सुबह तक जारी रही। बारिश के चलते नदी-नालों में पानी का बहाव बढ़ गया है। ऐसे में रपटे के ऊपर से बह रहे पानी के बीच श्रद्धालुओं का आवागमन किसी बड़े हादसे को न्योता देता नजर आया।
प्रशासन की चेतावनी के बावजूद जोखिम भरा आवागमन
जल संसाधन विभाग द्वारा रविवार शाम को गाइडलाइन जारी कर बताया गया था कि ऊपरी इलाकों में हुई बारिश के कारण बांध का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके चलते रात 10 बजे से बांध के गेटों से करीब 120 क्यूमेक्स पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई थी। विभाग ने निचले इलाकों के ग्रामीणों से नदी किनारे नहीं जाने और सतर्क रहने की अपील भी की थी।
इसके बावजूद सिरसौद में सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं का तेज बहाव वाले रपटे से आवागमन चिंता का विषय बना हुआ है। यदि अचानक पानी का बहाव बढ़ता है और कोई श्रद्धालु पानी में बह जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यवस्था जरूरी
सावन के सोमवार को मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना पहले से रहती है। इसके बावजूद तेज बहाव वाले रपटे पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आए। ऐसे में प्रशासन को तत्काल मौके पर पुलिस या प्रशासनिक अमले की तैनाती कर तेज बहाव के दौरान रपटे से आवागमन रोकना चाहिए, ताकि किसी संभावित हादसे को टाला जा सके।
यह केवल एक लापरवाही नहीं, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका है। प्रशासन को श्रद्धालुओं की आस्था के साथ उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करनी होगी।