#बालाघाट
जनकल्याण शिविरों में किसानों को आधुनिक खेती, डीएसआर और प्राकृतिक कृषि की दी गई जानकारी
जिलेभर में आयोजित शिविरों में कृषि विभाग ने किसानों को उन्नत तकनीकों से किया जागरूक
मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित जनकल्याण शिविरों में कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती एवं खरीफ फसल प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा शिविरों में किसानों को उन्नत एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
बालाघाट विकासखंड के ग्राम सालेटेका स्थित शासकीय माध्यमिक शाला परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री जनकल्याण शिविर में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को 17 प्रतिशत नमक घोल से धान बीज उपचार, बीजोपचार की वैज्ञानिक विधि, नरवाई प्रबंधन, डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर), प्राकृतिक खेती, हरी खाद तथा धान एवं अरहर फसल प्रदर्शनों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
इसी प्रकार लालबर्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत बकोड़ा में आयोजित जनकल्याण शिविर में किसानों को डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई, नरवाई प्रबंधन तथा मूंग एवं उड़द फसलों की गिरदावरी कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को समय पर गिरदावरी कराने के लाभों से भी अवगत कराया गया। वहीं बैहर विकासखंड के ग्राम सिजोरा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में किसानों को नमक के घोल द्वारा बीज उपचार की वैज्ञानिक पद्धति की जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को डीएसआर तकनीक से धान की बुवाई के लिए प्रेरित किया गया। वनाधिकार पट्टा धारक कृषकों को ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण की प्रक्रिया एवं उसके लाभों की भी जानकारी प्रदान की गई।
किरनापुर विकासखंड के ग्राम पाला में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में खेत बचाओ अभियान के तहत प्राकृतिक एवं जैविक खेती, धान की सीधी बुवाई (डीएसआर), हरी खाद के उपयोग, सरकारी प्रमाणित बीजों के महत्व, बीज उपचार की आवश्यकता एवं उसके लाभ तथा नरवाई प्रबंधन के संबंध में किसानों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
इसके अलावा ग्राम नेवरगांवकला में डॉ. उत्तम बिसेन एवं पंचायत प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में आईआरआरआई (इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट) के सहयोग से संचालित “मध्यप्रदेश के लिए जलवायु-अनुकूल एवं पोषण-संवर्धित उच्च उपज देने वाली किस्मों के विकास” कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को उन्नत किस्मों के बीज वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप अधिक उत्पादन देने वाली फसल किस्मों से जोड़ना है।
उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन के दौरान जिलेभर में जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, ताकि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा सकें और खेती को अधिक लाभकारी बना सकें। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक खेती एवं प्रमाणित बीजों के उपयोग को अपनाने का आह्वान किया।
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