#बालाघाट
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम शिविर में 319 बच्चों की जांच, 256 में विभिन्न बीमारियों की पहचान
प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने किया शिविर का शुभारंभ, ईको मशीन एवं वीईपी यूनिट का लोकार्पण
जिले के प्रभारी मंत्री एवं मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह ने शनिवार को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) परिसर में आयोजित जिला स्तरीय राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत हृदय रोग सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों की जांच एवं उपचार शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ईको मशीन यूनिट तथा नेत्र रोग जांच के लिए उच्च गुणवत्ता वाली वीईपी मशीन यूनिट का फीता काटकर लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक कटंगी श्री गौरव पारधी, विधायक लांजी श्री राजकुमार कर्राहे, पूर्व मंत्री एवं भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रामकिशोर कावरे, पूर्व मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती ठाकुर, कलेक्टर श्री मृणाल मीणा, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. नीलय जैन, डीईआईसी प्रबंधक श्री राजाराम चक्रवर्ती सहित जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, चिकित्सकीय स्टाफ, हितग्राही एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
शिविर में बच्चों के हृदय रोग, नेत्र रोग, हर्निया, हाइड्रोसिल एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच की गई। शिविर के दौरान कुल 319 बच्चों का पंजीयन किया गया। इनमें 120 बच्चों की ईको जांच की गई। जांच के दौरान 78 बच्चे हर्निया, 12 बच्चे हाइड्रोसिल तथा 46 बच्चे नेत्र संबंधी बीमारियों से ग्रसित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार शिविर में जांच किए गए बच्चों में से 256 बच्चे विभिन्न बीमारियों से प्रभावित पाए गए, जबकि 63 बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई। गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को आगे के उपचार के लिए चिन्हित कर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और निशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे बच्चों को स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य मिल सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार एवं सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विशेष शिविरों से गंभीर बीमारियों की शीघ्र पहचान संभव होती है और बच्चों को समय पर बेहतर उपचार मिल पाता है। शिविर में उपस्थित अभिभावकों ने भी स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की और बच्चों के लिए उपलब्ध कराई जा रही निशुल्क चिकित्सा सुविधाओं को अत्यंत लाभकारी बताया। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया गया।
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