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मईया नर्मदा से अयोध्याजी तक मोटरसाइकल यात्रा पड़ाव में प्रयागराज राम घाट माघ मेला में मैया गंगा की आरती कर जल ले सरयू चले

Damoh, Damoh | Jan 17, 2024

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अभाना में दो बाइकों की आमने-सामने से जोरदार भिड़ंत, दो युवक गंभीर घायल, गंभीर हालात में कराया भर्ती 

दमोह। दमोह-जबलपुर मार्ग पर स्थित अभाना के पास रविवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों बाइकों पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए।

घटना के बाद मौके पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस को बुलाया गया, जिसके माध्यम से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में दोनों का उपचार जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घायलों में एक किशोर की हालत गंभीर थी और वह बोलने की स्थिति में नहीं था। इसके चलते उसकी पहचान तथा वह कहां से आ रहा था और कहां जा रहा था, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों एवं घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामला

अभाना में दो बाइकों की आमने-सामने से जोरदार भिड़ंत, दो युवक गंभीर घायल, गंभीर हालात में कराया भर्ती दमोह। दमोह-जबलपुर मार्ग पर स्थित अभाना के पास रविवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों बाइकों पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। घटना के बाद मौके पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस को बुलाया गया, जिसके माध्यम से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में दोनों का उपचार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घायलों में एक किशोर की हालत गंभीर थी और वह बोलने की स्थिति में नहीं था। इसके चलते उसकी पहचान तथा वह कहां से आ रहा था और कहां जा रहा था, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों एवं घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामला

Damoh, Damoh | Jun 16, 2026

जनसेवा के पर्याय बने दमोह-दतिया कलेक्टर, नवाचारों और संवेदनशील कार्यशैली की प्रदेशभर में चर्चा

जनता से सीधा संवाद, त्वरित समाधान और जमीनी प्रशासन ने बनाई अलग पहचान

छतरपुर/दमोह। प्रशासनिक कार्यों में संवेदनशीलता, नवाचार और जनता से सीधा संवाद किसी भी अधिकारी की पहचान बन जाते हैं। मध्यप्रदेश में इन दिनों दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। दोनों अधिकारियों द्वारा किए जा रहे नवाचार और जनहित के निर्णय प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं।

दोनों कलेक्टरों ने पारंपरिक कार्यालयी व्यवस्था से आगे बढ़कर प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है। गांवों में चौपाल लगाना, रात्रि विश्राम करना, स्कूलों और अस्पतालों का औचक निरीक्षण करना तथा आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का मौके पर निराकरण करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता बन गया है। इससे प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास का माहौल मजबूत हुआ है।

दमोह जिले में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों की व्यापक सराहना हो रही है। सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए गए प्रयोग मॉडल के रूप में देखे जा रहे हैं। जिले में विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी उनके प्रयास चर्चा में हैं।

वहीं दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और जनसुनवाई की प्रभावी प्रणाली के माध्यम से लोगों का भरोसा जीता है। लंबित मामलों के शीघ्र समाधान और जवाबदेही तय करने की उनकी कार्यप्रणाली को प्रशासनिक हलकों में सराहा जा रहा है।

दोनों जिलों में प्रशासनिक नवाचारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अन्य जिलों के अधिकारी भी इन मॉडलों का अध्ययन कर रहे हैं। शासन स्तर पर भी इन पहलों को बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर भी दोनों कलेक्टरों के कार्यों को लेकर लगातार सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आम नागरिकों का मानना है कि जब अधिकारी संवेदनशीलता के साथ जमीनी स्तर पर पहुंचकर समस्याओं को समझते हैं और उनका समाधान करते हैं, तो प्रशासन की छवि स्वतः मजबूत होती है।

जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता और जनहित केंद्रित कार्यशैली ने दमोह और दतिया के इन दोनों कलेक्टरों को प्रशासनिक सेवा में एक नई पहचान दिलाई है। यही कारण है कि उनकी कार्यप्रणाली की गूंज अब पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है।

Collector Office Damoh

जनसेवा के पर्याय बने दमोह-दतिया कलेक्टर, नवाचारों और संवेदनशील कार्यशैली की प्रदेशभर में चर्चा जनता से सीधा संवाद, त्वरित समाधान और जमीनी प्रशासन ने बनाई अलग पहचान छतरपुर/दमोह। प्रशासनिक कार्यों में संवेदनशीलता, नवाचार और जनता से सीधा संवाद किसी भी अधिकारी की पहचान बन जाते हैं। मध्यप्रदेश में इन दिनों दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। दोनों अधिकारियों द्वारा किए जा रहे नवाचार और जनहित के निर्णय प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। दोनों कलेक्टरों ने पारंपरिक कार्यालयी व्यवस्था से आगे बढ़कर प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है। गांवों में चौपाल लगाना, रात्रि विश्राम करना, स्कूलों और अस्पतालों का औचक निरीक्षण करना तथा आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का मौके पर निराकरण करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता बन गया है। इससे प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास का माहौल मजबूत हुआ है। दमोह जिले में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों की व्यापक सराहना हो रही है। सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए गए प्रयोग मॉडल के रूप में देखे जा रहे हैं। जिले में विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी उनके प्रयास चर्चा में हैं। वहीं दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और जनसुनवाई की प्रभावी प्रणाली के माध्यम से लोगों का भरोसा जीता है। लंबित मामलों के शीघ्र समाधान और जवाबदेही तय करने की उनकी कार्यप्रणाली को प्रशासनिक हलकों में सराहा जा रहा है। दोनों जिलों में प्रशासनिक नवाचारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अन्य जिलों के अधिकारी भी इन मॉडलों का अध्ययन कर रहे हैं। शासन स्तर पर भी इन पहलों को बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी दोनों कलेक्टरों के कार्यों को लेकर लगातार सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आम नागरिकों का मानना है कि जब अधिकारी संवेदनशीलता के साथ जमीनी स्तर पर पहुंचकर समस्याओं को समझते हैं और उनका समाधान करते हैं, तो प्रशासन की छवि स्वतः मजबूत होती है। जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता और जनहित केंद्रित कार्यशैली ने दमोह और दतिया के इन दोनों कलेक्टरों को प्रशासनिक सेवा में एक नई पहचान दिलाई है। यही कारण है कि उनकी कार्यप्रणाली की गूंज अब पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। Collector Office Damoh

Damoh, Damoh | Jun 16, 2026

धरमपुरा स्थित तलैया में 50 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी, मर्ग कायम कर जांच में जुटी कोतवाली पुलिस

दमोह शहर के धर्मपुरा नाका स्थित तलैया में सोमवार सुबह एक व्यक्ति का शव तैरता मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाया। प्रारंभिक तौर पर मृतक की पहचान नहीं हो सकी, जिसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से फोटो साझा कर शिनाख्त के प्रयास शुरू किए।

कुछ देर बाद प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों की मदद से मृतक की पहचान बड़ापुरा निवासी चंदू उर्फ चंद्रकांत पिता बाबूलाल अहिरवार उम्र 50 वर्ष के तौर पर की गई। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना से एएसआई रघुराज सिंह, आरक्षक रतिराम एवं नवीन मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। आज सोमवार सुबह करीब 11 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई �

धरमपुरा स्थित तलैया में 50 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी, मर्ग कायम कर जांच में जुटी कोतवाली पुलिस दमोह शहर के धर्मपुरा नाका स्थित तलैया में सोमवार सुबह एक व्यक्ति का शव तैरता मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाया। प्रारंभिक तौर पर मृतक की पहचान नहीं हो सकी, जिसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से फोटो साझा कर शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। कुछ देर बाद प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों की मदद से मृतक की पहचान बड़ापुरा निवासी चंदू उर्फ चंद्रकांत पिता बाबूलाल अहिरवार उम्र 50 वर्ष के तौर पर की गई। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना से एएसआई रघुराज सिंह, आरक्षक रतिराम एवं नवीन मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। आज सोमवार सुबह करीब 11 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई �

Damoh, Damoh | Jun 16, 2026

बड़ापुरा में विक रही अवैध शराब, जुआ और बढ़ते अपराधों पर फूटा वार्डवासियों का गुस्सा, एसपी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 

ज्ञापन सौंप की बंद कराए जाने की मांग, 15 दिन का अल्टीमेटम देकर दी आंदोलन की चेतावनी

दमोह। बड़ापुरा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री, जुआ संचालन, चाकूबाजी और बढ़ते अपराधों के विरोध में वार्डवासी आज सोमवार दोपहर 1 बजे रैली निकालकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी आनंद कलादगी को ज्ञापन सौंपते हुए क्षेत्र में वर्षों से संचालित अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने, जुआ अड्डों पर कार्रवाई करने तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र में पिछले एक वर्ष के दौरान कई चाकूबाजी की घटनाएं, तीन हत्याएं और कई गंभीर हमले हो चुके हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। वार्डवासियों ने हाल ही में पत्थर पटककर की गई कमलेश अहिरवार की हत्या के पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की भी मांग की। साथ ही बड़ापुरा से धरमपुरा, सीताबावली, आशाराम चौक और बिलवारी मोहल्ला मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग उठाई। वार्डवासियों ने चेतावनी दी कि 15 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर चक्काजाम और शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। 

वहीं इस दौरान मुख्य रूप से मोहनीश राव, नवीन बौद्ध, धर्मेंद्र रोहित, जुगेंद्र बौद्ध, बिंदु पटोटया, बिजेंद्र अहिरवार, महेंद्र अहिरवार सहित बड़ी संख्या में महिलाओं एवं वार्डवासियों की मौजूदगी रही।

बड़ापुरा में विक रही अवैध शराब, जुआ और बढ़ते अपराधों पर फूटा वार्डवासियों का गुस्सा, एसपी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन ज्ञापन सौंप की बंद कराए जाने की मांग, 15 दिन का अल्टीमेटम देकर दी आंदोलन की चेतावनी दमोह। बड़ापुरा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री, जुआ संचालन, चाकूबाजी और बढ़ते अपराधों के विरोध में वार्डवासी आज सोमवार दोपहर 1 बजे रैली निकालकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी आनंद कलादगी को ज्ञापन सौंपते हुए क्षेत्र में वर्षों से संचालित अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने, जुआ अड्डों पर कार्रवाई करने तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र में पिछले एक वर्ष के दौरान कई चाकूबाजी की घटनाएं, तीन हत्याएं और कई गंभीर हमले हो चुके हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। वार्डवासियों ने हाल ही में पत्थर पटककर की गई कमलेश अहिरवार की हत्या के पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की भी मांग की। साथ ही बड़ापुरा से धरमपुरा, सीताबावली, आशाराम चौक और बिलवारी मोहल्ला मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग उठाई। वार्डवासियों ने चेतावनी दी कि 15 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर चक्काजाम और शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। वहीं इस दौरान मुख्य रूप से मोहनीश राव, नवीन बौद्ध, धर्मेंद्र रोहित, जुगेंद्र बौद्ध, बिंदु पटोटया, बिजेंद्र अहिरवार, महेंद्र अहिरवार सहित बड़ी संख्या में महिलाओं एवं वार्डवासियों की मौजूदगी रही।

Damoh, Damoh | Jun 16, 2026

सीतानगर बड़ी शाला में राम-जानकी प्रतिमा को लेकर विवाद, महामंडलेश्वर ने लगाए गंभीर आरोप

महंत संतोष दास बोले- प्रतिमा अमानत थी, मिश्रा परिवार की मांग पर सुरक्षित लौटा दी

दमोह/पथरिया। जिले के पथरिया विकासखंड स्थित प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र सीतानगर की बड़ी शाला में स्थापित अष्टधातु की राम-जानकी प्रतिमा को लेकर विवाद गहरा गया है। गढ़ाकोटा जगदीश मंदिर के महामंडलेश्वर महंत हरिदास ने प्रतिमा और उससे जुड़े चांदी के आभूषण गायब होने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। वहीं बड़ी शाला के महंत संतोष दास ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष सामने रखा है।

महामंडलेश्वर महंत हरिदास ने चार दिन पूर्व पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सीतानगर बड़ी शाला में स्थापित करीब 400 वर्ष पुरानी प्राण-प्रतिष्ठित राम-जानकी की अष्टधातु प्रतिमा तथा उससे संबंधित चांदी के आभूषण मंदिर परिसर से हटा दिए गए हैं। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही ट्रस्ट की संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन में अनियमितताओं की भी जांच कराने की मांग उठाई है।

इधर सोमवार दोपहर बड़ी शाला के महंत संतोष दास ने बयान जारी कर आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रतिमाएं मिश्रा परिवार की अमानत थीं, जिन्हें उनकी मांग पर सभी की मौजूदगी में सुरक्षित रूप से वापस सौंप दिया गया। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार की गोपनीयता नहीं बरती गई और प्रतिमाएं विधिवत उनके वास्तविक दावेदारों को लौटाई गई हैं।

महंत संतोष दास ने आरोप लगाया कि मंदिर के उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े विवाद के कारण उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्भावनावश लगाए जा रहे आरोपों से धार्मिक संस्थान की छवि प्रभावित हो रही है, जिसकी वे निंदा करते हैं।

उधर मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होगी और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिमा को लेकर उठे इस विवाद ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया है। सभी की निगाहें अब पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।

सीतानगर बड़ी शाला में राम-जानकी प्रतिमा को लेकर विवाद, महामंडलेश्वर ने लगाए गंभीर आरोप महंत संतोष दास बोले- प्रतिमा अमानत थी, मिश्रा परिवार की मांग पर सुरक्षित लौटा दी दमोह/पथरिया। जिले के पथरिया विकासखंड स्थित प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र सीतानगर की बड़ी शाला में स्थापित अष्टधातु की राम-जानकी प्रतिमा को लेकर विवाद गहरा गया है। गढ़ाकोटा जगदीश मंदिर के महामंडलेश्वर महंत हरिदास ने प्रतिमा और उससे जुड़े चांदी के आभूषण गायब होने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। वहीं बड़ी शाला के महंत संतोष दास ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष सामने रखा है। महामंडलेश्वर महंत हरिदास ने चार दिन पूर्व पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सीतानगर बड़ी शाला में स्थापित करीब 400 वर्ष पुरानी प्राण-प्रतिष्ठित राम-जानकी की अष्टधातु प्रतिमा तथा उससे संबंधित चांदी के आभूषण मंदिर परिसर से हटा दिए गए हैं। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही ट्रस्ट की संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन में अनियमितताओं की भी जांच कराने की मांग उठाई है। इधर सोमवार दोपहर बड़ी शाला के महंत संतोष दास ने बयान जारी कर आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रतिमाएं मिश्रा परिवार की अमानत थीं, जिन्हें उनकी मांग पर सभी की मौजूदगी में सुरक्षित रूप से वापस सौंप दिया गया। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार की गोपनीयता नहीं बरती गई और प्रतिमाएं विधिवत उनके वास्तविक दावेदारों को लौटाई गई हैं। महंत संतोष दास ने आरोप लगाया कि मंदिर के उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े विवाद के कारण उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्भावनावश लगाए जा रहे आरोपों से धार्मिक संस्थान की छवि प्रभावित हो रही है, जिसकी वे निंदा करते हैं। उधर मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होगी और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रतिमा को लेकर उठे इस विवाद ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया है। सभी की निगाहें अब पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।

Damoh, Damoh | Jun 16, 2026

मईया नर्मदा से अयोध्याजी तक मोटरसाइकल यात्रा पड़ाव में प्रयागराज राम घाट माघ मेला में मैया गंगा की आरती कर जल ले सरयू चले - Damoh News