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43 करोड़ की निर्माणाधीन सड़क बनी मुसीबत, कीचड़ में फंस चुकी स्कूल बस और कार; दलदल से गुजरने को मजबूर मासूम व ग्रामीण जालौन। उरई के करमेर-इटौरा मार्ग पर चल रहा सड़क निर्माण कार्य इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बारिश के बाद निर्माणाधीन सड़क और बनाया गया वैकल्पिक मार्ग कीचड़ व दलदल में तब्दील हो गया, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों, एंबुलेंस और आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी दौरान कुछ दिन पहले कीचड़ में स्कूल बस फंसने और बच्चों को दलदली रास्ते से निकलने की तस्वीरें सामने आई थी। करमेर रोड के इस निर्माण कार्य की स्वीकृत लागत करीब 43.17 करोड़ रुपये बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसका कार्य प्रारंभ 25 फरवरी 2026 को हुआ शुरू हुआ था और निर्माण कार्य पूरा करने की निर्धारित तिथि 24 मई 2027 है। निर्माण कार्य अभी जारी है, लेकिन बारिश के दौरान आवागमन को सुगम बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिया निर्माण के चलते बनाया गया वैकल्पिक रास्ता: करमेर-इटौरा मार्ग पर पुलिया निर्माण का काम चल रहा है। आवागमन जारी रखने के लिए मुख्य मार्ग के बगल में वैकल्पिक रास्ता बनाया गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह रास्ता बेहद संकरा, ऊबड़-खाबड़ और बारिश के बाद कीचड़ से भर गया है। ऐसे में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ स्कूल बसों को भी निकलने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब इस मार्ग से स्कूली बच्चे या मरीजों को लेकर एंबुलेंस गुजरती है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य जरूरी है, लेकिन जब तक पुलिया और सड़क का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक वैकल्पिक मार्ग को सुरक्षित, मजबूत और जल निकासी की उचित व्यवस्था के साथ तैयार किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल: स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर अभी भी बड़े-बड़े गड्ढे हैं और पिछले कई महीनों से आवागमन में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति के बजाय केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि करमेर क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग उरई मुख्यालय आते-जाते हैं। ऐसे में सड़क का निर्माण मजबूत और निर्धारित मानकों के अनुरूप होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में लोगों को दोबारा ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय निवासी उदयभान राजपूत, करमेर द्वारा सड़क निर्माण से संबंधित जानकारी आरटीआई के माध्यम से विभाग से मांगे जाने की बात भी सामने आई है। उनका कहना है कि क्षेत्र की सड़क बेहतर, मजबूत और मानकों के अनुरूप बने, यही उनका लगातार प्रयास रहा है। जनता का सवाल—वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था क्यों नहीं?- निर्माणाधीन सड़क पर बारिश के दौरान जलभराव और कीचड़ की स्थिति को देखते हुए अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग द्वारा सुरक्षित आवागमन तथा जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई? ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ वैकल्पिक मार्ग को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि स्कूली बच्चों, एंबुलेंस और आम राहगीरों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। जनता चाहती है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर भी मजबूत और मानक के अनुरूप दिखाई दे।

Orai, Jalaun | Aug 16, 2026

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लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस के गौरव, शौर्य, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा को समर्पित गीत 'खाकी का सितारा' का शुभारंभ किया।

'खाकी का सितारा' वर्दी के पीछे मौजूद साहस, संघर्ष, संवेदना और जनसेवा के संकल्प को स्वर देता है। गायक एवं संगीतकार शंकर महादेवन ने गीत को अपनी आवाज एवं संगीत दिया है, जबकि महानायक अमिताभ बच्चन ने अपनी सशक्त आवाज से इसे विशेष प्रभाव प्रदान किया है।

#KhakiKaSitara #UPPolice

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस के गौरव, शौर्य, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा को समर्पित गीत 'खाकी का सितारा' का शुभारंभ किया। 'खाकी का सितारा' वर्दी के पीछे मौजूद साहस, संघर्ष, संवेदना और जनसेवा के संकल्प को स्वर देता है। गायक एवं संगीतकार शंकर महादेवन ने गीत को अपनी आवाज एवं संगीत दिया है, जबकि महानायक अमिताभ बच्चन ने अपनी सशक्त आवाज से इसे विशेष प्रभाव प्रदान किया है। #KhakiKaSitara #UPPolice

Orai, Jalaun | Aug 16, 2026

बेतवा नदी में मिला लापता युवक का शवः बकरी चराने गया था, तब से था लापता

जालौन। कोटरा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह बेतवा नदी में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान कोटरा निवासी पातीराम (उम्र करीब 40) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शनिवार को घर से निकला था और इसके बाद से लापता था।

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह कोटरा पुल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बेतवा नदी में ग्रामीणों ने एक युवक का शव उतराता देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में पुलिस तेज बारिश के बावजूद भी मौके पर पहुंची और स्थानीय नाविकों व गोताखोरों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पातीराम शनिवार को बकरियां चराने नदी किनारे गया था। देर शाम तक घर वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रातभर उसका कोई पता नहीं चला। रविवार सुबह नदी में शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान पातीराम के रूप में की।

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत हादसे में हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही, इसकी जांच की जा रही है। कोटरा थाना प्रभारी निरीक्षक विमलेश कुमार ने बताया कि बेतवा नदी से युवक का शव बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बेतवा नदी में मिला लापता युवक का शवः बकरी चराने गया था, तब से था लापता जालौन। कोटरा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह बेतवा नदी में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान कोटरा निवासी पातीराम (उम्र करीब 40) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शनिवार को घर से निकला था और इसके बाद से लापता था। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह कोटरा पुल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बेतवा नदी में ग्रामीणों ने एक युवक का शव उतराता देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में पुलिस तेज बारिश के बावजूद भी मौके पर पहुंची और स्थानीय नाविकों व गोताखोरों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पातीराम शनिवार को बकरियां चराने नदी किनारे गया था। देर शाम तक घर वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रातभर उसका कोई पता नहीं चला। रविवार सुबह नदी में शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान पातीराम के रूप में की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत हादसे में हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही, इसकी जांच की जा रही है। कोटरा थाना प्रभारी निरीक्षक विमलेश कुमार ने बताया कि बेतवा नदी से युवक का शव बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Orai, Jalaun | Aug 16, 2026

तलैया में मगरमच्छ दिखने से श्रद्धालुओं में दहशत, वन विभाग की टीम का इंतजार

कोटरा। कस्बा कोटरा स्थित प्रसिद्ध तलैया वाले हनुमान मंदिर परिसर की तलैया में पिछले कई दिनों से मगरमच्छ दिखाई देने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में तलैया में मगरमच्छ की मौजूदगी से लोगों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।

मंदिर के महंत एवं पुजारी अधिकारी महाराज ने भी तलैया में मगरमच्छ दिखाई देने की पुष्टि की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें कई बार तलैया में मगरमच्छ नजर आ चुका है। कुछ स्थानीय निवासियों ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को फोन के माध्यम से इसकी सूचना दी जा चुकी है। अधिकारियों की ओर से टीम भेजकर मगरमच्छ को पकड़ने का आश्वासन दिया गया था।

स्थानीय लोगों के अनुसार, 14 अगस्त को भी मंदिर में पूजा करने जा रहे श्रद्धालुओं को अचानक तलैया में मगरमच्छ दिखाई दिया, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया। मंदिर परिसर में छोटे बच्चे भी आते-जाते हैं, जिससे खतरे की आशंका और बढ़ गई है।

वहीं, आने वाले रक्षाबंधन पर्व पर तलैया वाले हनुमान मंदिर के समीप विशाल दंगल मेले का आयोजन भी प्रस्तावित है। ऐसे में स्थानीय लोग मगरमच्छ को लेकर और अधिक चिंतित हैं। उनका कहना है कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और लोगों के पहुंचने की संभावना है, इसलिए उससे पहले मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त स्थान पर छोड़ा जाना जरूरी है। 

सभी स्थानीय लोगों ने वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि समय रहते मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए, ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।

तलैया में मगरमच्छ दिखने से श्रद्धालुओं में दहशत, वन विभाग की टीम का इंतजार कोटरा। कस्बा कोटरा स्थित प्रसिद्ध तलैया वाले हनुमान मंदिर परिसर की तलैया में पिछले कई दिनों से मगरमच्छ दिखाई देने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में तलैया में मगरमच्छ की मौजूदगी से लोगों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। मंदिर के महंत एवं पुजारी अधिकारी महाराज ने भी तलैया में मगरमच्छ दिखाई देने की पुष्टि की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें कई बार तलैया में मगरमच्छ नजर आ चुका है। कुछ स्थानीय निवासियों ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को फोन के माध्यम से इसकी सूचना दी जा चुकी है। अधिकारियों की ओर से टीम भेजकर मगरमच्छ को पकड़ने का आश्वासन दिया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, 14 अगस्त को भी मंदिर में पूजा करने जा रहे श्रद्धालुओं को अचानक तलैया में मगरमच्छ दिखाई दिया, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया। मंदिर परिसर में छोटे बच्चे भी आते-जाते हैं, जिससे खतरे की आशंका और बढ़ गई है। वहीं, आने वाले रक्षाबंधन पर्व पर तलैया वाले हनुमान मंदिर के समीप विशाल दंगल मेले का आयोजन भी प्रस्तावित है। ऐसे में स्थानीय लोग मगरमच्छ को लेकर और अधिक चिंतित हैं। उनका कहना है कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और लोगों के पहुंचने की संभावना है, इसलिए उससे पहले मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त स्थान पर छोड़ा जाना जरूरी है। सभी स्थानीय लोगों ने वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि समय रहते मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए, ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।

Orai, Jalaun | Aug 16, 2026

श्री नागचंद्रेश्वर दर्शन नाग पंचमी..𓉸𓆗

वर्ष में केवल एक ही दिन 24 घंटो के लिए खुलते हैं श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर में नागराज तक्षक का वास है, और वर्ष के बाकी दिनों में वे भगवान शिव की आराधना में लीन रहते हैं, इसलिए आम भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी होती है। यह मंदिर उज्जैन महाकाल मंदिर के ऊपरी सतह पर मौजूद है।

जय श्री महाकाल 🛕🕉️
जय श्री नागचंद्रेश्वर जी 𓉸𓆗

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श्री नागचंद्रेश्वर दर्शन नाग पंचमी..𓉸𓆗 वर्ष में केवल एक ही दिन 24 घंटो के लिए खुलते हैं श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर में नागराज तक्षक का वास है, और वर्ष के बाकी दिनों में वे भगवान शिव की आराधना में लीन रहते हैं, इसलिए आम भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी होती है। यह मंदिर उज्जैन महाकाल मंदिर के ऊपरी सतह पर मौजूद है। जय श्री महाकाल 🛕🕉️ जय श्री नागचंद्रेश्वर जी 𓉸𓆗 #jaishrimahakal #reelsinstagram #ujjain #nagchandreshwar #mahakal

Orai, Jalaun | Aug 16, 2026

सेवा संकल्प ग्रुप ने तिरंगा रैली में बच्चों को बांटी ठंडे पानी की बोतलें

मधौगढ़। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मधौगढ़ में निकाली गई भव्य तिरंगा रैली के दौरान सेवा संकल्प ग्रुप ने सेवा और मानवता की मिसाल पेश की। रैली में शामिल होने वाले नन्हे-मुन्ने एवं अन्य बच्चों के लिए ग्रुप की ओर से ठंडे पानी की बोतल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

तिरंगा हाथों में लेकर देशभक्ति के उत्साह से रैली में शामिल बच्चों को उमस भरी गर्मी के बीच ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया। इस छोटी-सी पहल ने न केवल बच्चों को राहत दी, बल्कि उनके चेहरों पर मुस्कान भी बिखेर दी।

सेवा संकल्प ग्रुप का कहना है कि देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने और नारे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना और समाज में सेवा, सहयोग एवं मानवता की भावना को मजबूत करना भी सच्ची देशभक्ति है।

ग्रुप की इस पहल की लोगों ने सराहना की। स्वतंत्रता दिवस के उत्सव के बीच सेवा संकल्प ग्रुप ने अपने कार्य के माध्यम से समाज को यह प्रेरक संदेश दिया कि देश के प्रति प्रेम के साथ-साथ मानव सेवा का संकल्प भी जरूरी है।

इस सराहनीय सेवा कार्य में सेवा संकल्प ग्रुप के कुश तिवारी (सिहारी), गोपाल तिवारी, अंशू सेंगर, प्रशांत उपाध्याय, विकास राजावत, लव तिवारी, शुभम उपाध्याय, सागर उपाध्याय, कृष्णा, कन्हैया, प्रशांत गुप्ता आदि लोगों ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया।

सेवा संकल्प ग्रुप ने तिरंगा रैली में बच्चों को बांटी ठंडे पानी की बोतलें मधौगढ़। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मधौगढ़ में निकाली गई भव्य तिरंगा रैली के दौरान सेवा संकल्प ग्रुप ने सेवा और मानवता की मिसाल पेश की। रैली में शामिल होने वाले नन्हे-मुन्ने एवं अन्य बच्चों के लिए ग्रुप की ओर से ठंडे पानी की बोतल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। तिरंगा हाथों में लेकर देशभक्ति के उत्साह से रैली में शामिल बच्चों को उमस भरी गर्मी के बीच ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया। इस छोटी-सी पहल ने न केवल बच्चों को राहत दी, बल्कि उनके चेहरों पर मुस्कान भी बिखेर दी। सेवा संकल्प ग्रुप का कहना है कि देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने और नारे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना और समाज में सेवा, सहयोग एवं मानवता की भावना को मजबूत करना भी सच्ची देशभक्ति है। ग्रुप की इस पहल की लोगों ने सराहना की। स्वतंत्रता दिवस के उत्सव के बीच सेवा संकल्प ग्रुप ने अपने कार्य के माध्यम से समाज को यह प्रेरक संदेश दिया कि देश के प्रति प्रेम के साथ-साथ मानव सेवा का संकल्प भी जरूरी है। इस सराहनीय सेवा कार्य में सेवा संकल्प ग्रुप के कुश तिवारी (सिहारी), गोपाल तिवारी, अंशू सेंगर, प्रशांत उपाध्याय, विकास राजावत, लव तिवारी, शुभम उपाध्याय, सागर उपाध्याय, कृष्णा, कन्हैया, प्रशांत गुप्ता आदि लोगों ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया।

Orai, Jalaun | Aug 16, 2026