जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में दुर्गा पूजा जिला शांति समिति की बैठक का आयोजन हुआ
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पूजा आयोजन समितियों के प्रतिनिधियों से विस्तृत विमर्श किया गया तथा उनका सुझाव लिया गया
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आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें; संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कतामूलक कार्रवाई करें: डीएम व एसएसपी ने अधिकारियों को दिया निदेश
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पूजा समितियों से निरंतर समन्वय बनाएँ रखें; सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सार्थक संवाद कायम रखेंः डीएम ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिया निदेश
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सभी थानाध्यक्ष पंडालों का भ्रमण करेंगे; जुलूसों के साथ थाना की एस्कॉर्ट पार्टी चलेगी; क्यूआरटी नियमित गश्ती करेगीः एसएसपी
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डीएम ने कहाः विधि-व्यवस्था संधारण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है; पदाधिकारीगण सावधानी बरतें; क्यूआरटी एवं क्यूएमआरटी सक्रिय रखें; ड्रोन से नज़र रखें
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उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुगम यातायात एवं सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः डीएम व एसएसपी
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जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर श्री कांतेश कुमार मिश्र की संयुक्त अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभागार में दुर्गा पूजा, 2026 के अवसर पर जिला शांति समिति की बैठक का आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न पूजा समितियों के अध्यक्षों/ सदस्यों/ प्रतिनिधियों, अन्य गणमान्य व्यक्तियों, सिविल सोसाईटी के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने एक-एक कर सभी आयोजन समितियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की तथा उनके सुझावों से अवगत हुए। साथ ही उन्हें सरकार के आदेशों, जन सुरक्षा के मापदंडों, यातायात प्रबन्धन सहित जिला प्रशासन की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारीद्वय ने कहा कि दुर्गा पूजा के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुगम यातायात तथा सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्रीय पदाधिकारीगण सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) से सार्थक संवाद कायम रखें। पूजा समितियों से निरंतर समन्वय बनाएँ रखें। उनके सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई करें। सुविकसित कॉम्युनिकेशन प्लान सुनिश्चित कर विधि-व्यवस्था का संधारण करेंगे। आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कतामूलक कार्रवाई करें। सभी एसडीओ एवं एसडीपीओ स्वयं भ्रमणशील रहें एवं क्षेत्र का जायजा लें। सभी स्तरों पर शांति समिति की ससमय बैठक कर लें। जुलूस का मार्ग परम्परागत रहेगा। इसे बदला नहीं जाएगा। अपरिहार्य स्थिति में इसे बदलने के लिए एसडीओ एवं एसडीपीओ द्वारा सभी मानकों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों का पर्यवेक्षण करें। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सतत क्रियाशील रखें। अफवाहों का त्वरित खंडन करें। पूर्व की घटनाओं में शामिल लोगों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करें। भीड़ की गतिविधियों पर सीसीटीवी से निगरानी करें तथा इस आशय का फ्लेक्स/बैनर जगह-जगह प्रदर्शित करें कि आप सीसीटीवी की नजर में हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (क्यूएमआरटी) तैनात रखें। आवश्यकतानुसार ड्रोन से गतिविधियों पर नज़र रखें। मद्य-निषेध अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी ने निदेश देते हुए कहा किः-
1. त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार का मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रावण वध, जुलूस, विसर्जन जुलूस इत्यादि कार्यक्रमों का आयोजन जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा।
2. पूजा आयोजन हेतु शत-प्रतिशत अनुज्ञप्ति निर्गत कराना/नवीकरण कराना अनिवार्य है। पंडाल एवं जुलूस दोनों के लिए लाइसेंस अनिवार्य है।
3. आपदा प्रबंधन विभाग के गाईडलाईन के अनुसार पूजा पंडालों का निर्माण एवं संचालन सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है।
4. आयोजकों के द्वारा पंडालों के पास सीसीटीवी/वीडियोग्राफी की व्यवस्था रहेगी।
5. आयोजकों द्वारा अग्निशमन की ठोस व्यवस्था किया जाना अनिवार्य है।
6. सभी पूजा पंडालों में प्रावधान के अनुसार विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था सुनिश्चित रहनी चाहिए
7. भीड़ प्रबंधन हेतु लाउडस्पीकर की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए
8. आपत्तिजनक स्लोगन, कार्टून इत्यादि पर रोक है।
9. किसी भी प्रवाह में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। मूर्ति का विसर्जन अस्थायी तालाब में ही किया जाना है।
10. आतिशबाजी पर रोक है।
11. डीजे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि पूजा स्थलों पर महिलाओं एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग पंक्ति रहना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को भी कोई समस्या न हो तथा भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था संधारण भी सुगमता से किया जा सके। सभी संबंधित पदाधिकारी पूजा समितियों से समन्वय कर इसे सुनिश्चित करेंगे।
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विदित हो कि दुर्गा पूजा के आयोजन के क्रम में जनहित एवं आम जनता की व्यापक सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक दिशा-निर्देश दुर्गापूजा के आयोजकों/व्यवस्थापकों को दिये गये हैं जो निम्नलिखित हैः-
1. पूजा पंडाल में विधिवत विद्युत सम्बद्धता अवश्य लें एवं पंडाल का निर्माण विद्युत तारों से सुरक्षित दूरी पर ही करें जिसे विद्युत अधिनियमों का उल्लंघन नहीं हो।
2. पंडालों की मजबूती का विधिवत जाँच करायी जाए।
3. पूजा पंडाल के निर्माण में अग्नि सुरक्षा नियमों एवं मानकों का अनुपालन किया जाए।
4. पंडाल निर्माण के संबंध में सड़क, जलापूर्ति निकासी, टेलीफोन, बिजली के केबुल तथा सरकारी एवं लोक सम्पत्ति को क्षति न पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाय।
5. पंडाल निर्माण के क्रम में इस बात का ध्यान रखा जाय कि यातायात व्यवस्था प्रतिकूल ढंग से प्रभावित नहीं हो। वाहनों का परिचालन सजावटों के कारण प्रभावित न हो।
6. ध्वनि प्रदूषण यथा लाउडस्पीकर के संबंध में नियमों का अनुपालन किया जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित में ऐसा किया जाना आवश्यक है तथा इसकी अनुपालन न होने की स्थिति में सभी क्षतियों एवं परिणामों की जिम्मेवारी आयोजकों/व्यवस्थापकों/समितियों की होगी। विधिवत निर्माण हेतु आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र सम्बद्ध विभाग से प्राप्त कर लेना आवश्यक है।
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* *दुर्गा पूजा, दशहरा एवं रावण वध कार्यक्रम के अवसर पर जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा जनहित में जारी एडवाइजरी*:
* मेले के लिए घर से निकलते समय अपने बच्चों के पॉकेट में नाम, पता और मोबाईल नम्बर लिखकर अवश्य रखें। मेले में बच्चों का हाथ कभी न छोड़ें। उन्हें इधर-उधर जाने न दें। महिलाओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
* किसी भी प्रकार का अफवाह न फैलाएँ और न ही उस पर ध्यान दें। शांति बनाए रखें।
* मेले में पटाखे एवं ज्वलनशील पदार्थ साथ न ले जाएँ। धूम्रपान व किसी भी नशे का सेवन न करें। मेले में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैलाएँ।
* मेले में सड़क पर धीरे-धीरे जाएँ, कतारबद्ध होकर जाएँ, जल्दबाज़ी बिल्कुल न करें।
* इमरजेंसी मार्ग को कभी अवरुद्ध न करें।
* सुरक्षा मानकों का अनुपालन करें, स्वयं भी सुरक्षित रहें तथा अन्य लोगों को भी सुरक्षित रखें।
* सुरक्षा जाँच आपके एवं आपके परिवार की सुरक्षा हेतु आवश्यक है। अतः सुरक्षा जाँच में सहयोग करें।
* किसी भी प्रकार की लावारिस वस्तु या संदिग्ध वस्तु अगर आपको दिखाई पड़े, तो इसकी सूचना तुरंत वहाँ पर प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, थानाध्यक्ष, नियंत्रण कक्ष या डायल 112 को दें और उस संदिग्ध वस्तु को बिल्कुल ना छुएँ।
* आपकी सावधानी ही सबकी सुरक्षा है। आइए हम सब मिलकर त्योहार को आस्था, अनुशासन और सुरक्षा का पर्व बनाएं।
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जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पूजा आयोजन हेतु शत-प्रतिशत अनुज्ञप्ति निर्गत/नवीकरण कराना सुनिश्चित करेंगे। अनुज्ञप्ति में अंकित स्थल एवं मूर्ति विसर्जन मार्ग का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित करेंगे। पंडालों के पास सीसीटीवी की व्यवस्था रहनी चाहिए। आयोजन एवं पंडाल की अनुज्ञप्ति में ही यह शर्त प्रविष्ट करेंगे कि पूजा समिति के आयोजक पूजा पंडालों में चिन्हित स्थानों पर सी.सी.टी.वी. कैमरों का अस्थायी रूप से अधिष्ठापन करवायेंगें ताकि भीड़ की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके। किसी भी प्रकार के अफवाह से बचने तथा सोशल मीडिया पर भी अफवाहों से बचने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही माईकिंग भी कराया जाय। अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित करेंगे। आपतिजनक स्लोगन, कार्टून इत्यादि पर रोक है। इसे सभी पदाधिकारी सख्ती से सुनिश्चित करेंगे।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी थानाध्यक्ष पंडालों का भ्रमण करेंगे। क्यूआरटी नियमित गश्ती करेगी। सभी जुलूस के साथ थाना की एस्कॉर्ट पार्टी चलेगी।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने इस बैठक में पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पर्व-त्योहार के अवसर पर सुदृढ़ प्रशासनिक तैयारी सुनिश्चित रहनी चाहिए। विधि-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिला स्तर से मुख्य-मुख्य स्थलों पर दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सार्वजनिक स्थलों पर भीड़-नियंत्रण के मानकों के अनुसार क्षेत्रीय आवश्यकता का आकलन करते हुए दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की अतिरिक्त प्रतिनियुक्ति करेंगे।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूर्व की बैठक में अनुमंडलवार एवं अंचलवार तैयारियों की वृहद समीक्षा की गई थी। अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को ससमय शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निदेश दिया गया था। सभी पदाधिकारी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतेंगे तथा असामाजिक तत्वों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई करेंगे।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि एसडीओ अनुमंडल स्तरों पर नियंत्रण कक्ष का गठन करेंगे। नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों/पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों के अतिरिक्त क्विक रिसपॉन्स टीम (क्यू.आर.टी) का भी गठन करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा में विभिन्न मंदिरों तथा सावर्जनिक दुर्गा पूजन स्थलों पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होने की संभावना रहती है। अनेक स्थानों पर रावण-वध कार्यक्रम होता है। अतः सतर्कता के साथ तैयारी सुनिश्चित करनी होगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी तथा पुलिस पदाधिकारी भीड़ प्रबंधन के मानकों का दृढ़ता के साथ परन्तु विनम्रतापूर्वक अनुपालन कराएंगे। गश्ती दल द्वारा रेगुलर पेट्रोलिंग की जाए। नियंत्रण कक्ष से भीड़ पर निगरानी रखी जाए। सीसीटीवी कैमरा एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से अनुश्रवण किया जाए। मेडिकल कैम्प एवं ‘मे आई हेल्प यू’ काउण्टर भी क्रियाशील रखें। यथेष्ट प्रशासनिक सतर्कता, यथोचित निगरानी तथा सुरक्षामूलक कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को ससमय शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निदेश दिया। अंचल/थाना एवं अनुमण्डल स्तर पर शांति समिति की बैठक में स्थानीय स्तर पर सक्रिय युवकों, गणमान्य व्यक्तियों एवं सिविल सोसाईटी के सक्रिय सदस्यों को भी आमंत्रित करते हुए उनसे सुझाव प्राप्त किया जाय तथा बैठक की विधिवत उपस्थिति पंजी एवं कार्यवाही तैयार करायें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि पूजा समितियों से सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची मोबाइल नं. के साथ तैयार करें। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतेंगे तथा असामाजिक तत्वों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई करेंगे। कॉम्युनिकेशन प्लान सुनिश्चित कर विधि-व्यवस्था का संधारण करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि लाउडस्पीकर की नियुमानसार सशर्त अनुमति अनुमंडल पदाधिकारी से प्राप्त की जाएगी। रात्रि 10 बजे से सुबह 06.00 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक है। डीजे पर हर परिस्थिति में पूर्ण प्रतिबंध रहेगा एवं पूर्णरूपेण वर्जित रहेगा। इसे सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारियों को नावों का निबंधन, नावों की संख्या, प्रशिक्षित गोताखोरों की संख्या, कार्यरत नाविकों की संख्या आदि बिन्दुओं की सूक्ष्म समीक्षा संबंधित पदाधिकारियों के साथ कर लेने का निदेश दिया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से एवं दुर्घटना से बचाव हेतु त्योहारों के अवसर पर निजी नावों के परिचालन-परिवहन सुरक्षा हेतु बिहार आदर्श नौका अधिनियम, 1985 के तहत नियंत्रणात्मक विधियों को लागू करने का निदेश दिया गया। विसर्जन के दिन नदी में बिना अनुमति के नाव परिचालन पर रोक रहेगी।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने स्तर पर बैठक आहूत कर अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी से अग्निशमन संयंत्रों की संख्या, कार्यशीलता, फायर ऑडिट, अग्निशमन वाहन की उपलब्धता, वाटर रिफलिंग के संसाधन के बिन्दुओं पर समीक्षा कर लेंगे। विसर्जन जुलूस एवं विसर्जन स्थल पर आतिशबाजी पर रोक है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इसका अनुपालन कराएंगे।
जिलाधिकारी द्वारा अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन को नदी घाटों पर एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ टीम की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि विजयादशमी के दिन जिले में अनेक स्थानों पर रावण वध कार्यक्रम आयोजित होता है। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी इस अवसर पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के साथ विधिवत ढंग से प्रशासनिक व्यवस्था करेंगे।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी/थानाध्यक्ष/सीओ/एसडीओ/एसडीपीओ की विशेष जिम्मेवारी है। थानाध्यक्षों एवं अन्य पदाधिकारियों को आसूचना तंत्र को सुदृढ़ कर विधि-व्यवस्था संधारण को सफल बनाने का निदेश दिया गया है। थानाध्यक्ष अपने-अपने इलाके में विधि-व्यवस्था के लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी हैं।
जिलाधिकारी द्वारा दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व के अवसर पर जन सुरक्षा हेतु बुडको, पथ निर्माण विभाग, नगर निगम सहित विभिन्न एजेंसियों को सड़क पर के गड्ढों को तुरंत भरने, सड़कों की मरम्मती एवं समतलीकरण करने तथा मार्गों को मोटरेबल रखने का निदेश दिया गया है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पर संबंधित एजेंसियों एवं इसके दोषी अधिकारियों के विरूद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गापूजा के अवसर पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। विद्युत कार्यपालक अभियंता क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।
पुलिस उपाधीक्षक, यातायात उत्कृष्ट यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे तथा *यातायात प्लान मीडिया के माध्यम से प्रसारित* करेंगे।
दुर्गापूजा के अवसर पर आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ एवं आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं के साथ एम्बुलेंस सिविल सर्जन प्रतिनियुक्त करेंगे।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि दुर्गापूजा के अवसर पर आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु फायर दस्ता प्रतिनियुक्त करना सुनिश्चित करेंगे।
इस बैठक में जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूजा आयोजन समितियों के पदाधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति, सिविल सोसाईटी के सदस्य उपस्थित थे।