बरूंदनी के दो छात्रों ने NEET परीक्षा में लहराया परचम, गांव में खुशी की लहर
एक की माता हैं शिक्षिका, दूसरे के पिता पेंटर; दोनों ने कठिन मेहनत से हासिल की सफलता
आकोला(रमेश चंद्र डाड)
बरूंदनी कस्बे के दो होनहार विद्यार्थियों अक्षत गट्टानी एवं देवराज जीनगर ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर गांव का नाम रोशन किया है। दोनों विद्यार्थियों की सफलता पर पूरे कस्बे में हर्ष का माहौल है।
अक्षत गट्टानी, भूपेंद्र गट्टानी के पुत्र हैं। उन्होंने 599 अंक प्राप्त किए हैं। उनकी अखिल भारतीय रैंक 10,341 तथा वर्ग रैंक 4,225 रही। अक्षत ने कोटा के एलन संस्थान से कोचिंग प्राप्त की। उनकी माता पुष्पा देवी शिक्षिका हैं, जबकि दादा रामेश्वर लाल गट्टानी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। अक्षत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों, माता-पिता एवं परिवार के सहयोग को दिया।
वहीं देवराज जीनगर ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 527 अंक प्राप्त किए। उनकी अखिल भारतीय रैंक 58,813 तथा वर्ग रैंक 1,896 रही। देवराज ने आयाम करियर इंस्टीट्यूट, सीकर से कोचिंग प्राप्त की। उनके पिता संजय जीनगर पेंटर का कार्य करते हैं तथा माता सीमा देवी जीनगर गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद देवराज की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि "लाखीणी बरूंदनी" के नाम से प्रसिद्ध यह कस्बा शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान रखता है। यहां से अब तक 18 डॉक्टर, 35 चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), 18 इंजीनियर, 6 कंपनी सेक्रेटरी (CS), 6 एमबीए तथा 5 अधिवक्ता देशभर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
बरूंदनी की एक और विशेष पहचान यहां संचालित वेद संस्थान है, जहां चारों वेदों का अध्ययन कराया जाता है। इस संस्थान की स्थापना राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. बदरी नारायण पंचोली ने की थी।