नवाचार से स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे विद्यार्थी
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शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी में तकनीकी मॉडल प्रदर्शनी
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हैकाथॉन एवं एक्सपर्ट लेक्चर का आयोजन
बड़वानी 15 अक्टूबर 2026/ आयुक्त तकनीकी शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन तथा कलेक्टर जयति सिंह के मार्गदर्शन में सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी में तकनीकी मॉडल प्रदर्शनी, हैकाथॉन एवं एक्सपर्ट लेक्चर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी दक्षता, समस्या-समाधान की क्षमता और उद्यमिता की भावना विकसित करना तथा उन्हें रोजगार पाने के साथ-साथ रोजगार सृजन के लिए प्रेरित करना था। जिले के दोनों तकनीकी महाविद्यालयों शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी एवं सेंधवा, के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
विषय विशेषज्ञ एवं मुख्य अतिथि जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र बड़वानी के महाप्रबंधक श्री एसएल सोलंकी ने केंद्र एवं मध्यप्रदेश शासन की स्वरोजगार, उद्योग स्थापना, स्टार्टअप और ऋण सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवा अपनी योग्यता, कौशल और नवाचार के बल पर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकते हैं, जिसके लिए शासन द्वारा वित्तीय सहायता, ब्याज अनुदान एवं ऋण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 तथा एमएसएमई प्रोत्साहन प्रावधानों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण प्राप्त करने, पात्रता शर्तें समझने और शासकीय सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी तकनीकी दक्षता को व्यावहारिक परियोजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों में बदलें।
साथ ही द्वितीय विषय विशेषज्ञ एवं विशेष अतिथि श्री अरविंद चौहान जिला समन्वयक सेडमैप ने करियर निर्माण, उद्यमिता और स्टार्टअप की अवधारणा पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप का मूल आधार नवाचार है। विद्यार्थी जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, उसमें कुछ नया करने, मौजूदा समस्याओं का बेहतर समाधान खोजने और अपने विचार को उपयोगी उत्पाद या सेवा में बदलने की क्षमता विकसित करें। उन्होंने प्रदर्शनी के मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि यदि इन्हें केवल शैक्षणिक गतिविधि तक सीमित न रखकर इनके व्यावहारिक उपयोग, लागत, उपयोगकर्ता की आवश्यकता और व्यावसायिक संभावनाओं का अध्ययन किया जाए, तो इन्हीं से भविष्य के सफल स्टार्टअप निकल सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने विचारों को प्रोटोटाइप, उत्पाद और उद्यम के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।
प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी के विचार
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य श्री कमलेश गुप्ता ने कहा कि तकनीकी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल और रचनात्मक सोच के साथ समाज की समस्याओं के समाधान के लिए सक्षम बनाना है। मॉडल प्रदर्शनी एवं हैकाथॉन विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का वास्तविक परिस्थितियों में उपयोग करने, टीम भावना विकसित करने और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, स्वचालन और उभरती तकनीकों में अपार संभावनाएँ हैं, और ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों के लिए तैयार होते हैं।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं कंप्यूटर साइंस
विभागाध्यक्ष श्री तानिलाल ठाकुर ने कहा कि इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार-आधारित सोच विकसित करना, तकनीकी शिक्षा को उद्योग एवं समाज की आवश्यकताओं से जोड़ना और उन्हें स्टार्टअप तथा स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन एवं मॉडल प्रदर्शनी विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याएँ पहचानकर उनके तकनीकी समाधान तैयार करने का अवसर देती हैं, साथ ही टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन और उद्यमशीलता जैसे गुण विकसित करती हैं। महाविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाकर उपयोगी तकनीकी समाधान, नवाचार-आधारित उत्पाद और संभावित स्टार्टअप के रूप में स्थापित करें।
मॉडल प्रदर्शनी एवं पुरस्कार
प्रदर्शनी में दोनों महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने AI] IoT , सिविल, इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों पर आधारित कुल 22 मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार, जल संरक्षण, अपशिष्ट जल प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मकता दिखाई। अतिथियों ने मॉडलों का अवलोकन कर विद्यार्थियों के प्रयासों, तकनीकी समझ और नवाचार-आधारित दृष्टिकोण की सराहना की।
AI EÛpense Tracker, Waste Water Treatment Plant, Laser Security System. Traffic Management System rFkk Water Cycle जैसे मॉडल विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। चयनित उत्कृष्ट मॉडलों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, ताकि विद्यार्थियों की प्रतिभा सम्मानित हो और वे भविष्य में और बेहतर नवाचार के लिए प्रेरित हों।
कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट भविष्य में उद्योग, स्वरोजगार और स्टार्टअप की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं। उचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता की जानकारी और अपने विचार विकसित करने का अवसर मिलने पर वे स्थानीय समस्याओं के समाधान के साथ रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन सिविल इंजीनियरिंग के व्याख्याता श्री प्रदीप राठौर ने किया। समन्वयक की भूमिका सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष श्री तरुण सोलंकी ने निभाई तथा सहायक नोडल अधिकारी श्री पप्पू सिंह रावत ने व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। अंत में श्री संजय परमार ने अतिथियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी एवं सेंधवा के बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।