शहीद भगत सिंह की जयंती पर गरजे किसान-मजदूर, धान खरीद में शर्तें हटवाने व डीएपी के लिए हुंकार, दिल्ली हाईवे जाम करने की चेतावनी
धान बेचने में परेशानी आई तो हाईवे करेंगे जाम : मनदीप नथवान
फतेहाबाद/रतिया। (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो:
शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्म दिवस को समर्पित पगड़ी सम्भाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के बैनर तले रतिया अनाज मण्डी में आयोजित जिला स्तरीय किसान-मजदूर पंचायत में किसानों और मजदूरों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। इस पंचायत की अध्यक्षता जिला प्रधान ओमप्रकाश हसंगा व उप प्रधान गग्गी चहल ने की, जबकि मंच का संचालन जिला सचिव महेंद्र मोची एवं सुखचैन सिंह ने संयुक्त रूप से किया। पंचायत में आल इंडिया किसान मजदूर जत्थेबंदी और हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चे की पूरी शीर्ष लीडरशिप सहित प्रदेशभर के किसान नेता शामिल हुए।
पंचायत को संबोधित करते हुए वरिष्ठ किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ट्रेड डील के नाम पर देश को बड़े सरमायेदारों और कॉरपोरेट घरानों के हाथों में सौंपने की साजिश रच रही है। किसानों और मजदूरों को एकजुट होकर इस कॉरपोरेट लूट का विरोध करना होगा। किसान नेता मनदीप नथवान ने कहा कि सरकार धान की खरीद पर 28 क्विंटल प्रति एकड़ जैसी अनाप-शनाप शर्तें थोप रही है, जिसे किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों को मंडियों में धान बेचने में कोई परेशानी आई, तो किसान दिल्ली हाईवे बंद करने से पीछे नहीं हटेंगे। महासभा के दौरान किसान नेताओं ने नशे व गुंडागर्दी पर रोक लगाने की मांग की, जबकि किसान नेत्री जसबीर कौर नत ने आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। राज्य सचिव संदीप सिवाच और किसान महासभा के विनोद कुमार ने हरियाणा सरकार की नीतियों को दमनकारी करार दिया।
पंचायत में सरकार से की गई 14 प्रमुख मांगें
इस पंचायत के माध्यम से किसान-मजदूरों की समस्याओं को लेकर 14 सूत्रीय मांग पत्र रखा गया। पंचायत ने मांग की कि मंडियों में धान की तुरंत खरीद शुरू की जाए और खरीद पर लगाई गई प्रति एकड़ 28 क्विंटल की शर्त को तुरंत हटाया जाए। किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध करवाई जाए तथा खाद की कालाबाजारी पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। फतेहाबाद जिले को तुरंत प्रभाव से सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और फसल बीमा कंपनियों द्वारा की जा रही कथित लूट व अनियमितताओं पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया बंद करने, खेत मजदूरों को पर्याप्त रोजगार व काम उपलब्ध कराने, नशा तस्करों व गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, फसलों का एमएसपी पर लाभकारी मूल्य व समय पर भुगतान देने तथा किसानों-मजदूरों पर बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की गई। साथ ही खेतों में सिंचाई के लिए नहरों में टेल तक पर्याप्त पानी छोडऩे, नकली दूध व मिलावटी खाद्य पदार्थों पर नकेल कसने और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं को सुदृढ़ करने की पुरजोर मांग उठाई गई।
पंचायत में ये प्रमुख नेता रहे मौजूद
पंचायत में ब्लॉक ए फतेहाबाद प्रधान लवी बाठ, सचिव सुरेश गढ़़वाल, ब्लॉक बी फतेहाबाद प्रधान कर्मजीत सिंह सालमखेड़ा, सचिव रामपाल, ब्लॉक ए रतिया प्रधान गुरलाल नथवान, ब्लॉक बी रतिया प्रधान नाहर सिंह, सचिव गग्गी चहल, ब्लॉक भूना प्रधान कमल बराड़, सचिव सूखा भण्डाल, ब्लॉक टोहाना प्रधान मंजीत पूर्णमाजरा, सचिव बलविंदर ललौदा, ब्लॉक जाखल प्रधान लाभ सिंह, सचिव हरविंदर बेनीपाल, ब्लॉक भट्टू प्रधान कपिल, सचिव सतपाल खाबड़ा, अंबाला से शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के अमरजीत सिंह मोहड़ी, बीकेयू पेहवा से प्रिंस वड़ैच, हिसार जिला प्रधान सतीश बेनीवाल, सरपंच कंवलजीत कौर, मैक्स साहूवाल, रणजीत गिल (चढूनी) और रविन्द्र सिंह हिजरावां सहित भारी संख्या में किसान-मजदूर उपस्थित रहे।