डीएम श्री शेखर आनंद (IAS) एवं एसपी श्री हिमांशु (IPS) की गरिमामयी उपस्थिति में आर.डी. कॉलेज में "नशा मुक्त युवा से विकसित भारत" कार्यक्रम का भव्य आयोजन; 300 से अधिक युवाओं ने ली नशा मुक्ति की शपथ एवं सिग्नेचर वॉल पर किए हस्ताक्षर शेखपुरा।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में माय भारत (MY Bharat) / नेहरू युवा केंद्र, शेखपुरा द्वारा जिला युवा अधिकारी श्री विवेक वैष्णवी के नेतृत्व में आज रामाधीन (आर.डी.) कॉलेज, शेखपुरा के प्रांगण में "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद (IAS) ने युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों से आगाह करते हुए कहा कि नशे में संलिप्तता किसी भी युवा के करियर, शिक्षा, व्यक्तिगत जीवन और परिवार को पूरी तरह से तबाह कर देती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब एक युवा नशे के दलदल में फंसता है, तो केवल वह ही नहीं, बल्कि पूरा समाज और देश प्रभावित होता है। जिलाधिकारी ने विश्वास दिलाया कि शेखपुरा जिला प्रशासन युवाओं को नशे की कुरीति के खिलाफ इस लड़ाई में हर संभव सहायता और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, ताकि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय संकल्प को साकार किया जा सके।
इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता आर.डी. कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मो. शहाबुद्दीन ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ज़िला पदाधिकारी (डीएम) शेखपुरा श्री शेखर आनंद (IAS) तथा विशिष्ट अतिथि (Guest of Honour) के रूप में पुलिस अधीक्षक (एसपी) शेखपुरा श्री हिमांशु (IPS) उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक आयोजन में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं शैक्षणिक संस्थानों से आए 300 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का औपचारिक एवं भव्य शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन, राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम) एवं राष्ट्रगान के साथ अत्यंत देशभक्तिपूर्ण माहौल में हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं शैक्षणिक संस्थानों से आए 300 से अधिक युवाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक श्री हिमांशु (IPS) ने युवाओं को संबोधित करते हुए 'इलाज से बेहतर बचाव' (Prevention is better than cure) के सिद्धांत पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सामान्यतः पुलिस की भूमिका किसी घटना या अपराध के घटित होने के बाद यानी उपचारात्मक (Curative) चरण में आती है, किंतु नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए हमें रोकथाम (Prevention) के स्तर पर ही अपने प्रयासों को अधिक तीव्र और प्रभावी बनाना होगा। एसपी ने जोर देकर कहा कि प्राथमिकता इस बात की होनी चाहिए कि हमारा युवा वर्ग नशे की गर्त में कदम ही न रखे। उन्होंने युवाओं से स्वयं व्यसनमुक्त रहने और समाज को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
युवाओं की सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक-वैचारिक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए 08 विभिन्न स्पर्धाओं - लोकगीत, समूह लोक नृत्य, नुक्कड़ नाटक/मूक अभिनय, चित्रकला, वाद-विवाद, स्लैम पोएट्री, रील्स मेकिंग एवं स्लोगन लेखन का आयोजन किया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) शेखपुरा द्वारा मनोनीत विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों एवं वरिष्ठ विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों ने निर्णायक (Judges) की भूमिका निभाते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन किया।
सिग्नेचर वॉल पर हस्ताक्षर एवं नशा मुक्ति प्रतिज्ञा
कार्यक्रम स्थल पर स्थापित विशेष सिग्नेचर वॉल (Signature Wall) पर 300 से अधिक युवाओं ने अपने हस्ताक्षर दर्ज कर 'नशा मुक्त युवा' के माध्यम से 'विकसित भारत' के निर्माण का दृढ संकल्प व्यक्त किया। इसके साथ ही जिला युवा अधिकारी श्री विवेक वैष्णवी द्वारा उपस्थित अतिथियों, प्राध्यापकों, स्वयंसेवकों एवं सैकड़ों युवाओं को जीवन भर नशे से दूर रहने तथा समाज को व्यसनमुक्त बनाने की 'नशा मुक्ति प्रतिज्ञा' (Nasha Mukti Pledge) दिलाई गई। कार्यक्रम का ओजस्वी एवं कुशल मंच संचालन आकाश कश्यप द्वारा किया गया। आयोजन के सुचारू समन्वय में एनएसएस (NSS) की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. नवलता के साथ-साथ आर.डी. कॉलेज के प्राध्यापकगण- अंजनी कुमार, डॉ. अभिषेक पांडे, डॉ. अर्चना कुमारी, डॉ. उपेन्द्र शर्मा, डॉ. राम कुमार एवं डॉ. मनोज कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेरा युवा भारत एवं एनएसएस स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान
कार्यक्रम के सफल संचालन में माय भारत के स्वयंसेवकों दीपक कुमार, ज्योति कुमारी, मोनी कुमारी, आकाश कश्यप, मनोहर कुमार बिंद, शिवम कुमार एवं सुमित कुमार चौधरी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों-गुलशन कुमार, जिज्ञास कुमार, संतोष कुमार, बिक्की कुमार, सिकंदर कुमार, नीरज कुमार, अमन कुमार एवं ऋतिक कुमार का अनुशासित व सराहनीय योगदान रहा। सभी आठों प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट विजेताओं को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।