मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना ने अरुण को बनाया करोड़पति, 48 लोगों को दिया रोजगार
सड़क किनारे छतरी लगाकर सिम बेचने वाले अरुण अब प्रतिदिन बेचते हैं 50 मोबाइल, 30 करोड़ का सालाना टर्न ओवर
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना ने रतलाम जिले के ग्राम उनी निवासी 28 वर्षीय युवा अरुण गुर्जर के सपनों को नई उड़ान दी है। कभी सड़क किनारे छतरी लगाकर मोबाइल सिम बेचने वाले अरुण आज मोबाइल व्यवसाय की तीन दुकानें संचालित कर रहे हैं। उनके व्यवसाय से 48 लोगों को रोजगार मिला है और मेहनत, अनुभव तथा सही मार्गदर्शन के बल पर उन्होंने करोड़ों रुपये का कारोबार खड़ा किया है।
अरुण गुर्जर ने कृषि विषय से स्नातक की पढ़ाई की है। पढ़ाई के बाद उन्होंने मोबाइल क्षेत्र में नौकरी की और इसके बाद सड़क किनारे छतरी लगाकर मोबाइल सिम बेचने का काम शुरू किया। उस समय सिम बेचने में भी काफी कठिनाई होती थी और आमदनी बहुत कम थी। अरुण के मन में अपना व्यवसाय शुरू करने का सपना था, लेकिन पूंजी का अभाव उनके सामने बड़ी चुनौती थी।
इसी दौरान एक दोस्त के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली। योजना के माध्यम से उन्होंने सेंट्रल बैंक से वर्ष 2023 में 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। ऋण पर उन्हें 3 प्रतिशत की सब्सिडी भी मिली। इस आर्थिक सहायता ने उनके व्यवसायिक सफर को नई दिशा दी।
अरुण ने ऋण राशि से DK मोबाइल के नाम से अपनी पहली मोबाइल दुकान शुरू की। शुरुआत आसान नहीं थी। शुरुआती दिनों में एक दिन में मुश्किल से एक मोबाइल बिकता था और पूरे महीने में लगभग 8 से 10 मोबाइल ही बिक पाते थे। लेकिन अरुण ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने ग्राहकों की पसंद, मोबाइल बाजार, बिक्री और दुकान के प्रबंधन को समझा तथा लगातार अपने व्यवसाय को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया।
धीरे-धीरे व्यवसाय बढ़ा और उन्होंने दूसरी दुकान शुरू की। इसके बाद तीसरी दुकान भी प्रारंभ की। आज अरुण की मोबाइल व्यवसाय की तीन शाखाएं संचालित हो रही हैं। इनमें Vivo और Oppo सहित विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन तथा इलेक्ट्रॉनिक सामान भी उपलब्ध हैं। जिससे 30 करोड़ का सालाना टर्न ओवर भी हो रहा है।
अरुण बताते हैं कि शुरुआत में जब वे सड़क किनारे छतरी लगाकर सिम बेचते थे, तब उन्हें एक सिम बेचने में भी काफी मेहनत करनी पड़ती थी। आज मेहनत और अनुभव के बल पर वे प्रतिदिन लगभग 50 मोबाइल फोन तक बेच रहे हैं।
वे कहते हैं कि दुकान शुरू करना जितना चुनौतीपूर्ण है, उससे अधिक महत्वपूर्ण उसे व्यवस्थित ढंग से चलाना और उसका प्रबंधन करना है। लगातार सीखने और ग्राहकों की जरूरत को समझने से उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सफलता मिली।
अरुण गुर्जर बताते हैं कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। उनके अनुसार, योजना से मिले ऋण ने उनके सपने को व्यवसाय में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज वे अपने व्यवसाय के माध्यम से न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि 48 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।
अरुण बताते हैं कि उनके व्यवसाय में अच्छे प्रदर्शन के कारण संबंधित मोबाइल कंपनियों द्वारा उन्हें विदेश यात्राओं के अवसर भी मिले हैं। अब तक वे 15 देशों की विदेश यात्राएं कर चुके हैं।
अरुण गुर्जर की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सही अवसर, आर्थिक सहयोग, मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छा से एक छोटा व्यवसाय भी बड़े उद्यम का रूप ले सकता है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिली आर्थिक सहायता ने अरुण को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया और आज वे स्वयं रोजगार देने वाले उद्यमी बन चुके हैं।
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