*Gen-Z करियर संवाद कार्यशाला में छात्राओं को मिले करियर के नए अवसरों के मंत्र*
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*आर्थिक रूप से कमजोर 24 छात्राओं को 2.28 लाख रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित, लघु उद्योग भारती के साथ एमओयू के तहत छात्राओं को मिले प्रोत्साहन पुरस्कार*
इंदौर, 02 नवंबर 2026
शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, किला भवन, इंदौर में सोमवार को ‘Gen-Z करियर संवाद कार्यशाला’, विशाल भगत चैरिटेबल ट्रस्ट छात्रवृत्ति वितरण समारोह तथा लघु उद्योग भारती के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत प्रोत्साहन प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव के संरक्षण एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी.पी. बैरागी के मार्गदर्शन में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को करियर के नए अवसरों, तकनीकी बदलावों और रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में अपनी विशिष्ट प्रतिभा, क्षमता और अभिव्यक्ति होती है। छात्राओं को दूसरों की नकल करने अथवा उनके जैसा बनने के बजाय अपनी मौलिक पहचान विकसित करनी चाहिए। उन्होंने मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया के उपयोग के संदर्भ में स्वयं की पहचान और अभिव्यक्ति के महत्व को समझाया। उपमा और रूपक के उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने कहा कि छात्राएं दूसरों से प्रभावित होने के बजाय अपनी प्रतिभा को पहचानें और आत्मविश्वास के साथ अपनी अलग पहचान स्थापित करें। उन्होंने भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप बताते हुए छात्राओं से अपनी आंतरिक शक्ति पहचानने और ‘I Can Do It’ की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का प्रयास है कि छात्राएं अपनी मौलिकता और क्षमताओं को विकसित कर जीवन में सफलता के नए आयाम स्थापित करें।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि श्री जयंतीलाल भंडारी ने Gen-Z पीढ़ी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी को Gen-Z कहा जाता है। यह तकनीक और डिजिटल बदलावों के बीच विकसित हुई पीढ़ी है। वर्तमान समय में पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं को तकनीक से भयभीत होने के बजाय उसे सीखने और समझने की आवश्यकता है। उन्होंने सर्व रोबोटिक्स के उदाहरण के माध्यम से बताया कि नई तकनीक को लेकर डरने के बजाय उसकी शुरुआती जानकारी प्राप्त कर धीरे-धीरे उसमें दक्षता हासिल करनी चाहिए।
श्री भंडारी ने कहा कि आने वाला समय एआई स्किल्स और डिजिटल कौशल का है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के अनुमानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक विश्व में लगभग 19 करोड़ नए डिजिटल रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें भारत की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार अब केवल बड़े शहरों और कंपनियों तक सीमित नहीं है। सब्जी विक्रेताओं से लेकर किराना दुकानदारों तक यूपीआई और डिजिटल भुगतान का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल तकनीक समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच रही है और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए करियर के विविध विकल्पों, बदलती तकनीकी जरूरतों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को समय के अनुरूप अपने कौशल विकसित करने, लक्ष्य निर्धारित करने तथा निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही राष्ट्र निर्माण में युवाओं की प्रभावी भूमिका को रेखांकित किया। कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने करियर एवं तकनीक से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य अतिथि ने समाधान किया।
कार्यक्रम के अगले चरण में विशाल भगत चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई। मुख्य अतिथि श्री प्रकाश भगत ने छात्राओं को आर्थिक सहयोग प्रदान करते हुए उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जीवन में सदैव कर्म करते रहना चाहिए और फल की चिंता किए बिना अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास का संदेश देते हुए कहा कि अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखकर प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर ट्रस्ट की ओर से 24 छात्राओं को कुल 2 लाख 28 हजार 890 रुपये की छात्रवृत्ति राशि वितरित की गई। इस सहयोग से छात्राओं को अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने और शैक्षणिक एवं व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के साथ महाविद्यालय द्वारा किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत छात्राओं को प्रोत्साहन प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार भी वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री राजेन्द्र सुखेजा, अध्यक्ष, पोलो ग्राउंड इकाई, इंदौर ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें कौशल विकास, उद्यमिता, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने कौशल को व्यावहारिक रूप देने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मनीषा जोशी, जिला नोडल एवं संयोजक डॉ. सीमा तिवारी तथा टी.पी.ओ. एवं सह-संयोजक प्रो. रितु माथुरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति की सदस्य डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. प्रियंका जैन एवं डॉ. साधना मंडलोई सहित महाविद्यालय की बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग श्री अभिषेक पालीवाल ने प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. निधि गुप्ता ने किया तथा आभार प्रो. सीमा तिवारी ने व्यक्त किया।
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