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PRO JS Indore

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*फसल अवशेषों से सीएनजी उत्पादन एवं जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया का किया अवलोकन*
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*नरवाई जलाने की समस्या के नियंत्रण में फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन महत्वपूर्ण — संयुक्त संचालक श्री जितेंद्र सिंह*
इंदौर, 15 सितंबर 2026
 संयुक्त संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास संभाग इंदौर श्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को विकासखंड सांवेर के ग्राम डकाच्या स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के बायो एनर्जी प्लांट का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, फसल अवशेषों से सीएनजी गैस के उत्पादन तथा जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। प्लांट के वाइस प्रेसिडेंट श्री राजेंद्र सिंह एवं प्लांट मैनेजर श्री सत्यम यादव ने संयुक्त संचालक को प्लांट की विभिन्न गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
 प्लांट के पदाधिकारियों ने बताया कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र के किसानों से गेहूं, मक्का, सोयाबीन सहित अन्य फसलों की कटाई के पश्चात खेतों में शेष रह जाने वाले फसल अवशेषों का विधिवत एकत्रीकरण किया जाता है। इन फसल अवशेषों को कंपनी द्वारा स्वयं के व्यय पर किसानों के खेतों से एकत्रित कर बायो एनर्जी प्लांट तक लाया जाता है। इसके पश्चात इन अवशेषों का उपयोग सीएनजी गैस के उत्पादन में किया जाता है।
 उन्होंने बताया कि बायो एनर्जी प्लांट में गैस उत्पादन की प्रक्रिया के पश्चात बाय-प्रोडक्ट के रूप में ठोस एवं तरल, दो प्रकार की जैविक खाद प्राप्त होती है। इन जैविक खादों का उपयोग किसानों के खेतों में किया जा सकता है तथा इन्हें कृषि उपयोग के लिए वितरित भी किया जाता है। इस प्रकार फसल अवशेषों का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ कृषि के लिए उपयोगी जैविक खाद तैयार करने में भी किया जा रहा है।
 संयुक्त संचालक श्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि फसल अवशेषों का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन किसानों के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। खेतों में फसल अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण और नरवाई जलाने की गंभीर समस्या को नियंत्रित करने में इस प्रकार की पहल प्रभावी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक करने तथा उपलब्ध तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में विभाग द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
 श्री जितेंद्र सिंह ने प्लांट प्रबंधन को कृषि विभाग की ओर से आवश्यक हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि किसानों, कृषि विभाग और बायो एनर्जी क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से फसल अवशेषों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है तथा इससे किसानों को अतिरिक्त लाभ के अवसर भी प्राप्त होंगे।
 भ्रमण के दौरान कृषि विभाग की ओर से कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र इंदौर के प्राचार्य श्री एस.आर. चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती पूजा वर्मा एवं कृषि विस्तार अधिकारी सांवेर श्री अरविंद गुर्जर उपस्थित रहे। कृषि विज्ञान केंद्र इंदौर से डॉ. डी.के. मिश्रा, डॉ. ए.के. शुक्ला एवं श्री नितिन पचलानिया तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से श्री प्रणव पाटीदार एवं श्री पुरुषोत्तम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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आईटीआई प्रवेश 2026 के अंतिम चरण (FCFS राउंड) की प्रक्रिया 15 से 22 सितंबर तक जारी है। नए रजिस्ट्रेशन, च्वाइस फिलिंग एवं त्रुटि सुधार का अवसर उपलब्ध। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आगर मालवा  में आयोजित लाड़ली बहनों को राशि अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम 

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श्री खजराना गणेश मंदिर में 10 दिवसीय गणेश उत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को सुबह 10 बजे होगा। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सुबह 10 ध्वज पूजन के साथ उत्सव का शुभारंभ करेंगे।

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करोड़ों घरों में खुशियों की रोशनी बनीं योजनाएं, जन-जन के चेहरों पर आई मुस्कान

🔹 माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर आइए, साथ मिलकर जलाएं 'आशीर्वाद का दीया'

🗓️ 17 सितंबर 2026 | 🕖 सायं 07:00 बजे
*मांगलिया दुर्घटना पर मंत्री श्री सिलावट ने जताया शोक, घायल का जाना हाल*
इंदौर 11 सितम्बर 2026
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने मांगलिया में हुई दुर्घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक व्यक्त किया है। उन्होंने आज बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचकर दुर्घटना में घायल आष्टा निवासी श्री तेजसिंह के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
मंत्री श्री सिलावट ने चिकित्सकों से चर्चा कर घायल को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायल का निःशुल्क उपचार कराया जाएगा।
श्री सिलावट ने बताया कि दुर्घटना में मृत सागर निवासी श्री विनोद कुमार चढ़ार के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
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*राष्ट्रीय लोक अदालत में 24 प्रकरणों का निराकरण*
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*लगभग 50 लाख 23 हजार 122 लाख रुपये के अवॉर्ड पारित*
इंदौर,12 सितम्बर 2026 
 जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-एक, इंदौर में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। आयोग की अध्यक्ष सुश्री जसवीर कौर सासन के मार्गदर्शन में आयोजित लोक अदालत में उपभोक्ता विवादों से संबंधित प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर निराकरण किया गया। 
 राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान आयोग क्रमांक-एक में कुल 24 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में पक्षकारों के मध्य आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर प्रकरणों का अंतिम रूप से निराकरण किया गया।
 लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों में कुल लगभग ₹50,23,122/- (पचास लाख तेईस हजार एक सौ बाईस रुपये) राशि के अवॉर्ड पारित किए गए। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से विवादों के समाधान का लाभ प्राप्त हुआ। 
 जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-एक की अध्यक्ष सुश्री जसवीर कौर सासन ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उपभोक्ता विवादों के त्वरित, सरल एवं आपसी सहमति से समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आयोग द्वारा पक्षकारों को आपसी सहमति एवं राजीनामे के माध्यम से विवादों का समाधान करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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गौतमपुरा में मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर में नागरिकों से संवाद कर समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया। स्वास्थ्य शिविर में 230 मरीजों की ओपीडी, 75 आयुष्मान कार्ड, 117 आभा आईडी व 4 दिव्यांग कार्ड बनाए गए। टीबी मरीजों को पोषण किट भी वितरित की गई। <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=indore nis:value=indore nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=इंदौर nis:value=इंदौर nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=janvishwasabhiyan nis:value=JanVishwasAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=healthcamp nis:value=HealthCamp nis:enabled=true nis:link/>
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*शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय इंदौर में अहिल्या उत्सव का आयोजन* 
इंदौर, 11 सितम्बर 2026
            शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, किला भवन, इंदौर में अहिल्या उत्सव का आयोजन श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, व्यक्तित्व, कृतित्व, लोककल्याणकारी कार्यों तथा सुशासन की परंपरा से छात्राओं को परिचित कराना था।
         कार्यक्रम में देवी अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों का स्मरण किया गया। वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष, न्यायप्रियता, प्रशासनिक कुशलता, धर्म-संस्कृति संरक्षण तथा जनकल्याण के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।
          कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास में ऐसी आदर्श शासिका के रूप में प्रतिष्ठित हैं, जिन्होंने अपने शासनकाल में प्रजा के हित, न्याय, धर्म, संस्कृति एवं लोककल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और प्रशासनिक कुशलता का परिचय देते हुए एक आदर्श शासन व्यवस्था स्थापित की। उनका जीवन यह संदेश देता है कि नेतृत्व केवल सत्ता का संचालन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का माध्यम है।  प्रो. प्रेरणा ठाकुर ने अहिल्याबाई होलकर द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्यों, मंदिरों एवं तीर्थस्थलों के संरक्षण, धर्मशालाओं, घाटों, कुओं एवं जलस्रोतों के निर्माण तथा यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्य आज भी लोकसेवा और सुशासन के आदर्श के रूप में स्मरण किए जाते हैं। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए संवेदनशीलता एवं समानता की भावना के साथ कार्य किया।
        कार्यक्रम में  विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण एवं नेतृत्व के क्षेत्र में अहिल्याबाई होलकर की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। छात्राओं को बताया गया कि एक महिला शासक के रूप में उन्होंने अपने समय की सामाजिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों के बीच जिस साहस, दूरदर्शिता और निर्णय क्षमता का परिचय दिया, वह वर्तमान पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी है। उनका जीवन छात्राओं को आत्मविश्वास, स्वावलंबन, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करता है।
         इस अवसर पर छात्राओं को अहिल्याबाई होलकर के जीवन से प्रेरणा लेते हुए न्यायप्रियता, करुणा, सेवा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन भारतीय ज्ञान एवं सांस्कृतिक परंपरा में निहित लोकमंगल की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
         अहिल्या उत्सव के माध्यम से छात्राओं को अपने गौरवशाली इतिहास एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ने तथा महान विभूतियों के जीवन-मूल्यों को वर्तमान संदर्भ में समझने का अवसर प्राप्त हुआ। 
      कार्यक्रम का संचालन प्रो. निधि गुप्ता द्वारा किया गया । कार्यक्रम में महाविद्यालय की आई.क्यू. ए. सी प्रभारी प्रो. मनीषा जोशी, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. निशा जैन, प्रो. रजनी भारती सहित अन्य प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।
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*ईवी बसें बदल देंगी पूरे एमपी का ट्रांसपोर्ट सिस्टम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव*
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*मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कंवेंशन सेंटर में एक्सपो और प्रदर्शनी का शुभारंभ*
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*एसबीआई-इंडियन ऑयल सहित कई कंपनियों ने लिया हिस्सा*
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*परिवहन व्यवस्था को आधुनिक रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*

इंदौर 11 सितम्बर 2026/ 
        मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने इंदौर में यात्री परिवहन विजन समिट 2026 के दौरान तकनीक और नवाचार और प्रदेश के नवीन का ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में ही "यात्री परिवहन विजन समिट-2026" में बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों एवं अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगमों की गतिविधियों और नवाचारों पर आधारित इंडस्ट्री एक्सपो का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक्सपो में विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रदर्शित बसों का अवलोकन किया तथा उनके फीचर्स और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की जानकारी ली। 
       प्रदर्शनी में ट्रांसपोर्ट सिस्टम परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई कंपनियों और संस्थानों ने सहभागिता की। प्रदर्शनी में कंपनियों ने अपनी तकनीक, सेवाओं, उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त उन ईवी बसों को भी प्रदर्शित किया गया, जो भविष्य में परिवहन का अहम जरिया बनेंगी। 
      प्रदर्शनी में थिंक गैस, यश टेक्नोलॉजीज, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), इंडियन ऑयल, लाइट मेट्रिक्स, एमपीआईडीसी, क्यूब कंस्ट्रक्शन, कल्याणी पावरट्रेन लिमिटेड और ओम्निफिसेंट सहित विभिन्न कंपनियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में परिवहन क्षेत्र से जुड़े आधुनिक समाधानों, तकनीकी नवाचारों, ऊर्जा और ईंधन से संबंधित सुविधाओं तथा अधोसंरचना विकास की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत आयोजित ‘यात्री परिवहन विज़न समिट 2026’ का शुभारंभ कार्यक्रम 

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*शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अहिल्या उत्सव आयोजित*
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*छात्राओं को अहिल्याबाई होलकर के जीवन से न्यायप्रियता, करुणा, सेवा और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा लेने हेतु किया प्रेरित*
इंदौर, 10 सितम्बर 2026
 शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय किला भवन इंदौर में आज 10 सितंबर 2026 को अहिल्या उत्सव का आयोजन श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, व्यक्तित्व, कृतित्व, लोककल्याणकारी कार्यों तथा सुशासन की परंपरा से छात्राओं को परिचित कराना था। कार्यक्रम में देवी अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों का स्मरण किया गया। वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष, न्यायप्रियता, प्रशासनिक कुशलता, धर्म-संस्कृति संरक्षण तथा जनकल्याण के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।
 कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास में ऐसी आदर्श शासिका के रूप में प्रतिष्ठित हैं, जिन्होंने अपने शासनकाल में प्रजा के हित, न्याय, धर्म, संस्कृति एवं लोककल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और प्रशासनिक कुशलता का परिचय देते हुए एक आदर्श शासन व्यवस्था स्थापित की। उनका जीवन यह संदेश देता है कि नेतृत्व केवल सत्ता का संचालन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का माध्यम है।
 प्रो. प्रेरणा ठाकुर ने अहिल्याबाई होलकर द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्यों, मंदिरों एवं तीर्थस्थलों के संरक्षण, धर्मशालाओं, घाटों, कुओं एवं जलस्रोतों के निर्माण तथा यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्य आज भी लोकसेवा और सुशासन के आदर्श के रूप में स्मरण किए जाते हैं। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए संवेदनशीलता एवं समानता की भावना के साथ कार्य किया।
 कार्यक्रम में  विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण एवं नेतृत्व के क्षेत्र में अहिल्याबाई होलकर की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। छात्राओं को बताया गया कि एक महिला शासक के रूप में उन्होंने अपने समय की सामाजिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों के बीच जिस साहस, दूरदर्शिता और निर्णय क्षमता का परिचय दिया, वह वर्तमान पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी है। उनका जीवन छात्राओं को आत्मविश्वास, स्वावलंबन, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करता है।
 इस अवसर पर छात्राओं को अहिल्याबाई होलकर के जीवन से प्रेरणा लेते हुए न्यायप्रियता, करुणा, सेवा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन भारतीय ज्ञान एवं सांस्कृतिक परंपरा में निहित लोकमंगल की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। अहिल्या उत्सव के माध्यम से छात्राओं को अपने गौरवशाली इतिहास एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ने तथा महान विभूतियों के जीवन-मूल्यों को वर्तमान संदर्भ में समझने का अवसर प्राप्त हुआ। 
 कार्यक्रम का संचालन प्रो. निधि गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की आई.क्यू. ए. सी प्रभारी प्रो. मनीषा जोशी, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. निशा जैन, प्रो. रजनी भारती सहित अन्य प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

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*रक्षाबंधन पर 10 ग्राम कम मिठाई देने वाले फर्म पर विभाग ने 5 हजार रुपए का लगाया था जुर्माना*
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*नापतौल विभाग द्वारा 100 रुपए से 50 लाख रुपए तक लगा सकता है जुर्माना- नापतौल विभाग*
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*खाद्य पदार्थों की पैकिंग वजन का सत्यापन और सिंहस्थ की रूपरेखा तैयार करने के विभाग को संभागायुक्त के निर्देश*
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*संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने उपनियंत्रक नापतौल विभाग की समीक्षा बैठक ली*
इंदौर 10 सितम्बर 2026/
 संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार ने आज नापतौल विभाग के कार्यों और अब तक की गई कार्यवाहियों की समीक्षा की। विभाग द्वारा बताया गया कि अप्रैल माह से अब तक 175 प्रकरण बनाए गए है। इसमें रक्षाबंधन एवं अन्य त्योहारों के दौरान विभाग द्वारा तत्परता से कार्य किया गया। विभाग द्वारा निर्धारित मात्रा से कम गैस सप्लाई करने पर कार्यवाही की गई। ऑनलाइन शॉपिंग व्यापार के बिग बास्केट द्वारा एमआरपी से अधिक चार्ज करने पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह रक्षाबंधन के दौरान अधिकांश प्रकरण सामने आए है। इसमें 10 ग्राम मिठाई कम देने पर फर्म पर 5 हजार का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर अधिक चार्ज करने के मामले में 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। बैठक में उपनियंत्रक श्री संजय पाटणकर, नापतौल निरीक्षक श्री खेमराज चौधरी, श्री कपिल कदम सहित श्री के. एस. ठाकुर, श्री शरद शर्मा एवं एम.एम. राजपूत उपस्थित रहें।
 बैठक में संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर एक व्यवस्थित विभागीय रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के पूरे विस्तार को समझें और उसके उपरांत ही योजना तैयार करें। इसके अलावा उन्होंने शॉपिंग मॉल्स में खाद्य पदार्थों के बिकने वाली वस्तुओं की पैकिंग का सत्यापन प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि नापतौल विभाग द्वारा पहली बार में नोटिस और सुधार के लिए समय दिया जाता है। इसके बाद 1 लाख रुपए तक का जुर्माना। श्रद्धालुओं के साथ इस तरह से धोखा नहीं हो। ऐसे स्पॉट चिन्हांकित करें जहां अस्थायी दुकानें लगने की गुंजाइश है।
 बैठक में नापतौल विभाग के विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि नए नियम के बाद विभाग 100 रुपये से 50 लाख रूपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही सीजेएम कोर्ट में प्रकरण एडीपीओ की तरफ से लगाये जाते है। ऐसे प्रकरण राजीनामे के 6 माह बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाते है। जांच के दौरान लिये गए नमूनों की लैब में जांच की जाती है। एमआरपी से अधिक के मामलों की पड़ताल की जाती है। नापतौल विभाग द्वारा 12 माह में इलेक्ट्रॉनिक विंग मशीन (ईडब्ल्यूएम) और 24 माह में बाट की जांच करते है। 
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*सोयाबीन की नई किस्मों एवं नवीन तकनीकों के प्रदर्शन प्लाट का किया अवलोकन*
इंदौर, 10 सितम्बर 2026
 केन्द्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर में आज सोयाबीन की नवीन किस्मों एवं किसानों के लिए विकसित नवीन कृषि तकनीकों के प्रदर्शन प्लाटों का अवलोकन किया गया। इस दौरान केन्द्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. के.एच. सिंह, संयुक्त संचालक कृषि इंदौर संभाग श्री जितेन्द्र कुमार सिंह, प्राचार्य कृषक प्रशिक्षण केन्द्र इंदौर श्री शोभाराम चौहान, बीज परीक्षण अधिकारी श्री गजानंद जाट, सहायक संचालक कृषि श्री दिलीप जाट एवं संस्थान के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दुपारे सहित अन्य अधिकारियों ने सोयाबीन की नई किस्मों के प्रदर्शन प्लाट का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने संस्थान द्वारा किसानों के लिए विकसित की जा रही नई तकनीकों के ट्रायल फील्ड का भी निरीक्षण किया। साथ ही सोयाबीन उत्पादन को अधिक लाभकारी एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के संबंध में संस्थान के निदेशक एवं संयुक्त संचालक कृषि से चर्चा की गई। अधिकारियों ने नवीन किस्मों एवं तकनीकों के प्रदर्शन तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी भी प्राप्त की।
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CM Madhya Pradesh 
Department of Agriculture, Madhya Pradesh 
Collector Office Indore
*शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण की बड़ी पहल, पहले बनेगा नया समानांतर ब्रिज - सांसद श्री शंकर लालवानी*
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*सिंहस्थ-2028 के पूर्व इंदौर में नया ब्रीज़ बनाए जाने का पूरा प्रयास, इसके बाद पुराने शास्त्री ब्रिज को तोड़ा जाएगा*
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*लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण, इंदौर विकास प्राधिकरण  निर्माण करने का प्रस्ताव है*
इंदौर, 10 सितम्बर 2026
 शहर के प्रमुख शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए पुराने शास्त्री ब्रिज को तोड़ने से पहले उसके समानांतर नया ब्रिज बनाया जाएगा। इससे निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी और नागरिकों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी। 
 सांसद श्री शंकर लालवानी की लगातार पहल और प्रयासों के परिणामस्वरूप शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को गति मिली है। सांसद श्री लालवानी द्वारा  इंदौर की प्रमुख अधोसंरचनाओं को मजबूत करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर लगातार संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जा रही है।
*दो चरणों में होगा शास्त्री ब्रिज का निर्माण*
 शास्त्री ब्रिज का निर्माण कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में वर्तमान ब्रिज के समानांतर नया ब्रिज बनाया जाएगा। योजना के अनुसार नए समानांतर ब्रिज को सिंहस्थ-2028 से पहले यातायात के लिए उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा। नया ब्रिज शुरू होने के बाद पुराने शास्त्री ब्रिज को तोड़ा जाएगा तथा दूसरे चरण में शेष निर्माण कार्य किया जाएगा। नए ब्रिज की ऊंचाई वर्तमान शास्त्री ब्रिज की तुलना में अधिक रखी जाएगी, जिससे भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर और आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो सके।
*लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा नया ब्रिज*
 बैठक में शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण एवं संबंधित विकास कार्य पर प्रारंभिक अनुमान के अनुसार  लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह परियोजना इंदौर के यातायात और अधोसंरचना के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। प्रस्तावित ब्रिज का एक छोर संभागायुक्त कार्यालय क्षेत्र से प्रारंभ होकर रीगल टॉकीज की ओर रहेगा।
*इंदौर विकास प्राधिकरण करेगा निर्माण*
 शास्त्री ब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को दिया गया है। आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित संजय राव झाड़े ने सर्वे एजेंसी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सर्वे का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के आधार पर ब्रिज के एलाइनमेंट, संरचना, ऊंचाई, चौड़ाई, यातायात प्रबंधन सहित अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
*रेलवे करेगा कार्य का सुपरविजन*
 शास्त्री ब्रिज परियोजना के अंतर्गत आने वाले रेलवे हिस्से के कार्य का सुपरविजन रेलवे विभाग द्वारा किया जाएगा, जबकि ब्रिज के निर्माण का कार्य इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। इससे रेलवे क्षेत्र से जुड़े तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों का समुचित पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
*सिंहस्थ-2028 से पहले नया ब्रिज उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास*
 बैठक में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर में यातायात और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना प्राथमिकता है। शास्त्री ब्रिज शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक इसका उपयोग करते हैं। इसी कारण पुराने ब्रिज को पहले तोड़ने के बजाय पहले समानांतर नया ब्रिज तैयार करने की योजना बनाई गई है। इससे निर्माण अवधि में यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध रहेगी और नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
 सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा कि सिंहस्थ-2028 से पहले नया शास्त्री ब्रिज तैयार कर नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर की अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। शास्त्री ब्रिज का आधुनिक स्वरूप में पुनर्निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
 नया ब्रिज शहर की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में रेलवे मंडल से श्री अंकुर कुमार सिंह, श्री राहुल चौधरी, श्री मुकेश रघुवंशी, श्री शक्ति सापुतारे, श्री अभिषेक सिंह सहित इंदौर विकास प्राधिकरण से श्री कपिल भल्ला उपस्थित रहे।
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*निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए स्थानीय स्तर पर राजस्व के नए स्रोत तलाशने की जरूरत : श्री जयभान सिंह पवैया*
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*छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री पवैया ने इंदौर में जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक*
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*वित्तीय सुदृढ़ता, राजस्व के नए स्रोत और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर हुई चर्चा*
इंदौर, 09 सितंबर 2026
       छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री जयभान सिंह पवैया ने बुधवार को इंदौर के रेसीडेंसी कोठी में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति, राजस्व के नए स्रोत, विकास कार्यों की गुणवत्ता तथा स्थानीय निकायों की आवश्यकताओं के संबंध में सुझाव प्राप्त किए।
       बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मधु वर्मा एवं श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार, छठवें राज्य वित्त आयोग के सदस्य श्री के.के. सिंह एवं सदस्य सचिव श्री वीरेन्द्र कुमार आदि उपस्थित थे।
     श्री पवैया ने कहा कि छठवें राज्य वित्त आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न संभागों का भ्रमण कर स्थानीय निकायों की धरातलीय स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। इंदौर में आज दो स्तरों पर बैठकें आयोजित की गई। प्रथम बैठक जनप्रतिनिधियों के साथ हुई, जिसमें मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर एवं जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय निकायों से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। दूसरी बैठक अधिकारियों के साथ हुई। श्री पवैया ने कहा कि आयोग के समक्ष प्रमुख विषय पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभावी उपाय तलाशना है। केंद्रीय वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर निकायों को राशि प्राप्त होती है, लेकिन स्थानीय निकाय अपने स्तर पर राजस्व के नए स्रोत विकसित कर अपनी वित्तीय स्थिति किस प्रकार मजबूत कर सकते हैं, इस पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। श्री पवैया ने कहा कि विकास सीधे तौर पर वित्तीय संसाधनों से जुड़ा हुआ है। इसलिए केवल राज्य अथवा केंद्र से मिलने वाले अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय पंचायतों और नगरीय निकायों को अपने स्तर पर भी राजस्व बढ़ाने के प्रयास करने होंगे। स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने की क्षमता बढ़ाना वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
*विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्वालिटी कंट्रोल पर भी चर्चा*
          बैठक में स्थानीय निकायों द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता तथा क्वालिटी कंट्रोल को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। श्री पवैया ने कहा कि यह केवल महत्वपूर्ण नहीं है कि किसी निकाय को कितना फंड मिल रहा है, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि उपलब्ध राशि से कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता कैसी है। गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर भी आयोग विचार कर रहा है।
*इंदौर के नवाचारों की सराहना*
        छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री जयभान सिंह पवैया ने इंदौर नगर निगम क्षेत्र में किए गए विभिन्न नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कचरा निष्पादन के क्षेत्र में इंदौर ने अभिनव प्रयोग किए हैं। इसके अलावा जलकर और संपत्ति कर की वसूली को लेकर भी प्रभावी प्रयास किए गए हैं, जिनसे शहर के विकास में मदद मिली है।
         उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य स्थानीय निकायों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर महामहिम राज्यपाल को प्रतिवेदन के माध्यम से सिफारिशें प्रस्तुत करना है। आयोग यह अध्ययन कर रहा है कि ग्रामीण एवं शहरी निकायों की वर्तमान आवश्यकताएं क्या हैं तथा उनकी वित्तीय एवं प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार किस प्रकार अतिरिक्त सहयोग कर सकती है। श्री पवैया ने कहा कि नगरीय निकायों में पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण कई स्थानों पर विकास कार्य प्रभावित होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अलग-अलग प्रकार की चुनौतियां हैं। आयोग इन सभी परिस्थितियों का अध्ययन कर ऐसी सिफारिशें तैयार करेगा, जिनसे स्थानीय निकाय अधिक सक्षम और वित्तीय रूप से मजबूत बन सकें। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष यह भी महत्वपूर्ण विषय है कि राज्य सरकार के कोष से पंचायत एवं नगरीय निकायों को किस अनुपात में राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इस संबंध में भी आयोग अपनी अनुशंसा तैयार करेगा।
*जनप्रतिनिधियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव*
          बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने ग्राम पंचायतों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विभिन्न सुझाव दिए। उन्होंने शासन से मिलने वाले अनुदान का निर्धारण वर्तमान जनसंख्या के आधार पर किए जाने का आग्रह किया।
         सांसद श्री शंकर लालवानी ने इंदौर नगर निगम की बढ़ती आर्थिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियों को देखते हुए नगर निगम के वर्तमान वित्तीय हिस्से में पांच गुना बढ़ोतरी करने का सुझाव दिया। उन्होंने बेंगलुरु की तर्ज पर इंदौर के लिए एक प्रतिशत विशेष अनुदान दिए जाने की मांग भी रखी।
        महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम को मिलने वाले आवंटन में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि करने, प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर लगने वाले उपकर का पूरा लाभ नगर निगम को दिए जाने तथा कॉलोनी विकास के लिए एक समान नियम बनाए जाने सहित विभिन्न सुझाव दिए।
        विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ ने कमर्शियल एवं आवासीय संपत्तियों को अलग-अलग करने का सुझाव दिया। विधायक श्री मधु वर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति कर की वर्तमान व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए इसमें सुधार की आवश्यकता बताई। 
        जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय ने जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी की मांग रखी। संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार ने विभिन्न निधियों को संकलित कर उनके प्रभावी उपयोग के लिए आवश्यक नियम बनाए जाने का सुझाव दिया।
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*एक दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं विवाद समाधान प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन*
इंदौर, 09 सितंबर 2026
 मध्यप्रदेश शासन एवं मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC), भोपाल के सहयोग से कार्यालय कलेक्टर (ई-गवर्नेंस), जिला इंदौर द्वारा ई-दक्ष केंद्र, कलेक्ट्रेट इंदौर में बुधवार को “Cyber Dispute Resolution Framework under the Information Technology Act, 2000 - Protection of Computer Resources and Sensitive Data by Body Corporate” विषय पर एक दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं विवाद समाधान प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
 कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों से संबंधित वैधानिक प्रावधानों, शिकायत निवारण तंत्र, साइबर विवादों के समाधान की प्रक्रिया तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अंतर्गत कंप्यूटर संसाधनों एवं संवेदनशील डाटा की सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना था। साथ ही, प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए डिजिटल संसाधनों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए आवश्यक व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई।
 प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराधों की रोकथाम, साइबर घटनाओं की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, शिकायतों के प्रभावी निवारण तथा साइबर विवादों के समाधान से जुड़े विभिन्न कानूनी एवं तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से संबंधित समकालीन चुनौतियों तथा उनसे निपटने के प्रभावी उपायों से भी अवगत कराया गया।
 इस प्रशिक्षण कार्यशाला में लोक अभियोजन विभाग, महिला पॉलिटेक्निक तथा ई-गवर्नेंस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण को प्रतिभागियों के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बनाने के उद्देश्य से विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद एवं चर्चा भी की गई।
 राज्य स्तर से मनोनीत मास्टर ट्रेनर डॉ. अस्तित्व भार्गव, असिस्टेंट प्रोफेसर, नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने साइबर सुरक्षा एवं विवाद समाधान से संबंधित कानूनी प्रावधानों और प्रक्रियाओं की जानकारी प्रतिभागियों को प्रदान की।
 कार्यशाला के सफल समापन अवसर पर प्रशिक्षण में सहभागिता करने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यशाला के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों में साइबर सुरक्षा, वैधानिक प्रावधानों तथा साइबर विवादों के प्रभावी समाधान के प्रति जागरूकता एवं क्षमता में वृद्धि हुई।
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