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पीएचसी असोथर जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं, डिप्टी सीएमओ की जांच में नया मोड़ ग्रामीणों और नगरवासियों ने संविदा फार्मासिस्ट के समर्थन में दिया बयान, स्वास्थ्य सेवाओं को बताया संतोषजनक अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के बाद होगा, सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ✒️रिपोर्ट अमर केसरवानी फतेहपुर जनपद के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में लगाए गए आरोपों की जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन के नेतृत्व में गठित टीम ने अभिलेखों, दवा वितरण व्यवस्था और मरीजों सहित स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा। फतेहपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) असोथर में लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन की टीम ने की। सुबह लगभग 10 बजे पहुंची जांच टीम ने अस्पताल के अभिलेखों, दवा स्टॉक, दवा वितरण व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मरीजों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत कर तथ्यों का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान असोथर नगर पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और संविदा फार्मासिस्ट के समर्थन में अपनी बात रखी। उपस्थित लोगों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं तथा मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल में पर्याप्त दवा उपलब्ध होने के कारण मरीजों को बाहर से दवा लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उनका यह भी कहना था कि स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अधिकांश लोग संतुष्ट हैं। समर्थन करने वालों में लालता प्रसाद दुबे, रिंकू आर्य, गौरव सिंह, लाखन निषाद, आशीष गुप्ता, श्रेया मिश्रा, शिवम अवस्थी, शैलेश सिंह, रमेश प्रसाद दुबे, बृजनंदन सिंह, सुशील सिंह, शिवप्रताप सिंह, नरसिंह मौर्य, सरवर खान, फूलचंद्र वर्मा, सोनू वर्मा, संतराम सिंह, विनोद भारती, शैलेश बाजपेई, रामानंद अवस्थी, मनोज गुप्ता, अन्नपूर्णा देवी, कांति देवी और राजकुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि 24 जून को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह ने पीएचसी असोथर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का स्थानांतरण सहित अन्य प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए थे। इसी क्रम में डिप्टी सीएमओ की टीम द्वारा दोबारा की गई जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष ढंग से की जा रही है तथा अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी शिकायत की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं तो संबंधित पक्षों का पक्ष भी निष्पक्ष रूप से सामने आना चाहिए। अब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की जनहित अपील ND NEWS स्वास्थ्य विभाग से अपील करता है कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आम नागरिकों से भी आग्रह है कि किसी भी शिकायत को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित विभाग तक पहुंचाएं तथा अपुष्ट जानकारी के प्रसार से बचें। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रशासन और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग आवश्यक है। 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Asothar #PHC #HealthDepartment #CMO #DeputyCMO #HealthServices #UPHealth #PublicHealth #BreakingNews 👇👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj @brajeshpathakup @MoHFW_INDIA @UPGovtHealth @NHM_UP 👇👇👇 NDNEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक/संस्थापक:राजन सिंह हाड़ा 📞मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jul 1, 2026

MORE NEWS

गाज़ियाबाद में अंतरधार्मिक कपल को लेकर विवाद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

हिंदू संगठन ने किराए के कमरे से युवक-युवती को पुलिस के हवाले करने का दावा किया

दोनों ने पूछताछ में शादी की तैयारी की बात कही, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

✒️रिपोर्ट : जे.पी.सिंह  समाचार  संपादक  

गाज़ियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद से एक अंतरधार्मिक जोड़े से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक संगठन के सदस्य किराए के कमरे में रह रहे युवक और युवती से पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों विवाह की तैयारी कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। फिलहाल वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गाज़ियाबाद में एक कथित अंतरधार्मिक जोड़े को लेकर विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, हिंदू वीर सेना से जुड़े कुछ लोगों ने एक किराए के कमरे में रह रहे युवक और युवती से पूछताछ की।

दावा किया गया कि युवक की पहचान शाहिद अंसारी तथा युवती की पहचान खुशबू के रूप में हुई। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने विवाह की तैयारी में होने की बात कही। इसके बाद संगठन के सदस्यों ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।

घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।

हालांकि, ND NEWS इस वायरल वीडियो अथवा उसमें किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों बालिग हैं या नहीं, क्या किसी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज कराई गई है, अथवा पुलिस की प्रारंभिक जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं।

यदि दोनों बालिग हैं और अपनी स्वतंत्र इच्छा से साथ रह रहे थे, तो मामले का कानूनी आकलन पुलिस जांच और लागू कानूनों के अनुसार किया जाएगा। वहीं यदि किसी प्रकार की जबरदस्ती, धोखाधड़ी या अन्य अपराध के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक होगी।

वायरल फैक्ट

यह घटना सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की जा रही है। वायरल वीडियो किसी भी मामले का अंतिम प्रमाण नहीं होता। वास्तविक तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही मानी जानी चाहिए।

अंतरधार्मिक विवाह या साथ रहने से जुड़े मामलों में कानून, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सुरक्षा—तीनों पहलुओं का संतुलन आवश्यक है। ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और आधिकारिक तथ्यों का इंतजार किया जाना चाहिए।

🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की जनहित अपील

ND NEWS नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें। यदि कोई वयस्क अपनी स्वतंत्र इच्छा से निर्णय ले रहा है, तो उसके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं यदि किसी प्रकार के अपराध की आशंका हो, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जनहित में सुझाव

किसी भी विवाद की सूचना पुलिस को दें, स्वयं कार्रवाई न करें।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें।

वयस्क व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों और निजता का सम्मान करें।

किसी भी प्रकार के दबाव, धोखाधड़ी या अपराध की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।

जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष घोषित करने से बचें।
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🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा

मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया

✒️ रिपोर्ट: जे.पी.सिंह समाचार संपादक  

📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR)

📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP)

📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP)

📅 दिनांक: 1 जुलाई 2026
📆 दिन: बुधवार

📧 Email: ndnewschannel@gmail.com

📞 मोबाइल: 9696119696

गाज़ियाबाद में अंतरधार्मिक कपल को लेकर विवाद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हिंदू संगठन ने किराए के कमरे से युवक-युवती को पुलिस के हवाले करने का दावा किया दोनों ने पूछताछ में शादी की तैयारी की बात कही, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं ✒️रिपोर्ट : जे.पी.सिंह समाचार संपादक गाज़ियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद से एक अंतरधार्मिक जोड़े से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक संगठन के सदस्य किराए के कमरे में रह रहे युवक और युवती से पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों विवाह की तैयारी कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। फिलहाल वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। गाज़ियाबाद में एक कथित अंतरधार्मिक जोड़े को लेकर विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, हिंदू वीर सेना से जुड़े कुछ लोगों ने एक किराए के कमरे में रह रहे युवक और युवती से पूछताछ की। दावा किया गया कि युवक की पहचान शाहिद अंसारी तथा युवती की पहचान खुशबू के रूप में हुई। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने विवाह की तैयारी में होने की बात कही। इसके बाद संगठन के सदस्यों ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। हालांकि, ND NEWS इस वायरल वीडियो अथवा उसमें किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों बालिग हैं या नहीं, क्या किसी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज कराई गई है, अथवा पुलिस की प्रारंभिक जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं। यदि दोनों बालिग हैं और अपनी स्वतंत्र इच्छा से साथ रह रहे थे, तो मामले का कानूनी आकलन पुलिस जांच और लागू कानूनों के अनुसार किया जाएगा। वहीं यदि किसी प्रकार की जबरदस्ती, धोखाधड़ी या अन्य अपराध के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक होगी। वायरल फैक्ट यह घटना सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की जा रही है। वायरल वीडियो किसी भी मामले का अंतिम प्रमाण नहीं होता। वास्तविक तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही मानी जानी चाहिए। अंतरधार्मिक विवाह या साथ रहने से जुड़े मामलों में कानून, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सुरक्षा—तीनों पहलुओं का संतुलन आवश्यक है। ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और आधिकारिक तथ्यों का इंतजार किया जाना चाहिए। 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की जनहित अपील ND NEWS नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें। यदि कोई वयस्क अपनी स्वतंत्र इच्छा से निर्णय ले रहा है, तो उसके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं यदि किसी प्रकार के अपराध की आशंका हो, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनहित में सुझाव किसी भी विवाद की सूचना पुलिस को दें, स्वयं कार्रवाई न करें। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें। वयस्क व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों और निजता का सम्मान करें। किसी भी प्रकार के दबाव, धोखाधड़ी या अपराध की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष घोषित करने से बचें। 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Ghaziabad #UPNews #ViralVideo #Interfaith #UPPolice #BreakingNews #FactCheck #LawAndOrder 👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @ghaziabadpolice @dm_ghaziabad @DmGhaziabad @DM_Gaziabad @Gzbtrafficpol @GzbTraffic @grp_gaziabad 👇👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया ✒️ रिपोर्ट: जे.पी.सिंह समाचार संपादक 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 1 जुलाई 2026 📆 दिन: बुधवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jul 1, 2026

पीएचसी असोथर जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं, डिप्टी सीएमओ की जांच में नया मोड़

ग्रामीणों और नगरवासियों ने संविदा फार्मासिस्ट के समर्थन में दिया बयान, स्वास्थ्य सेवाओं को बताया संतोषजनक

अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के बाद होगा, सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं

✒️रिपोर्ट अमर केसरवानी 

फतेहपुर जनपद के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में लगाए गए आरोपों की जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन के नेतृत्व में गठित टीम ने अभिलेखों, दवा वितरण व्यवस्था और मरीजों सहित स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा।

फतेहपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) असोथर में लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन की टीम ने की। सुबह लगभग 10 बजे पहुंची जांच टीम ने अस्पताल के अभिलेखों, दवा स्टॉक, दवा वितरण व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मरीजों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत कर तथ्यों का सत्यापन किया गया।

जांच के दौरान असोथर नगर पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और संविदा फार्मासिस्ट के समर्थन में अपनी बात रखी। उपस्थित लोगों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं तथा मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल में पर्याप्त दवा उपलब्ध होने के कारण मरीजों को बाहर से दवा लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उनका यह भी कहना था कि स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अधिकांश लोग संतुष्ट हैं।

समर्थन करने वालों में लालता प्रसाद दुबे, रिंकू आर्य, गौरव सिंह, लाखन निषाद, आशीष गुप्ता, श्रेया मिश्रा, शिवम अवस्थी, शैलेश सिंह, रमेश प्रसाद दुबे, बृजनंदन सिंह, सुशील सिंह, शिवप्रताप सिंह, नरसिंह मौर्य, सरवर खान, फूलचंद्र वर्मा, सोनू वर्मा, संतराम सिंह, विनोद भारती, शैलेश बाजपेई, रामानंद अवस्थी, मनोज गुप्ता, अन्नपूर्णा देवी, कांति देवी और राजकुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि 24 जून को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह ने पीएचसी असोथर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का स्थानांतरण सहित अन्य प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए थे।

इसी क्रम में डिप्टी सीएमओ की टीम द्वारा दोबारा की गई जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष ढंग से की जा रही है तथा अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी शिकायत की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं तो संबंधित पक्षों का पक्ष भी निष्पक्ष रूप से सामने आना चाहिए। अब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार रहेगा।

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ND NEWS स्वास्थ्य विभाग से अपील करता है कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आम नागरिकों से भी आग्रह है कि किसी भी शिकायत को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित विभाग तक पहुंचाएं तथा अपुष्ट जानकारी के प्रसार से बचें। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रशासन और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग आवश्यक है।
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Fatehpur, Fatehpur | Jul 1, 2026

रायबरेली जिला अस्पताल में मानसिक रूप से कमजोर युवक से कथित अभद्रता का वीडियो वायरल

सफाईकर्मी पर युवक को लात मारने और गाली-गलौज करने का आरोप, अस्पताल स्टाफ वीडियो बनाता दिखा

वायरल वीडियो के बाद अस्पताल की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर उठे सवाल

✒️रिपोर्ट नागेंद्र पांडये

उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित एक सरकारी अस्पताल का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला, जिसे सफाईकर्मी बताया जा रहा है, मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे युवक के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार करती और उसे लात मारते हुए दिखाई दे रही है। घटना के दौरान कुछ लोग वीडियो बनाते भी नजर आ रहे हैं। फिलहाल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक जांच की प्रतीक्षा है।

उत्तर प्रदेश के रायबरेली के एक सरकारी अस्पताल से सामने आए कथित वायरल वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक महिला, जिसे अस्पताल की सफाईकर्मी बताया जा रहा है, मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे युवक के साथ कथित रूप से गाली-गलौज करती और उसे लात मारती हुई दिखाई दे रही है।

वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि घटना के दौरान आसपास मौजूद कुछ लोग हस्तक्षेप करने के बजाय वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं। इस दृश्य के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अस्पताल में मरीजों और जरूरतमंदों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

हालांकि, ND NEWS इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है और घटना किन परिस्थितियों में हुई। मामले में संबंधित अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना शेष है।

यदि वीडियो और आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल सेवा आचरण बल्कि मानवीय गरिमा और मरीजों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और तथ्यात्मक कार्रवाई आवश्यक है।

वायरल फैक्ट

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। वायरल वीडियो को अंतिम सत्य मानने के बजाय संबंधित प्रशासनिक जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक है।

सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार किया जाना सार्वजनिक सेवा का मूल दायित्व है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि वीडियो भ्रामक या अधूरा है, तो जांच के माध्यम से वास्तविक तथ्य सामने लाए जाने चाहिए।

🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की जनहित अपील

ND NEWS सभी सरकारी संस्थानों से अपील करता है कि मानसिक रूप से कमजोर, दिव्यांग, बुजुर्ग एवं असहाय लोगों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कर्मचारी द्वारा अमानवीय व्यवहार किया जाता है, तो उसके विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। आम नागरिकों से भी अपील है कि ऐसी स्थिति में केवल वीडियो बनाने के बजाय संबंधित व्यक्ति की सुरक्षित सहायता करने और तत्काल प्रशासन को सूचना देने का प्रयास करें।

जनहित में सुझाव

अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता का प्रशिक्षण कर्मचारियों को दिया जाए।

किसी भी घटना की सूचना तत्काल अस्पताल प्रशासन या पुलिस को दें।

वायरल वीडियो साझा करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करें।

जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचें।
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मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया

✒️ रिपोर्ट: नागेंद्र पांडये

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📅 दिनांक: 1 जुलाई 2026
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रायबरेली जिला अस्पताल में मानसिक रूप से कमजोर युवक से कथित अभद्रता का वीडियो वायरल सफाईकर्मी पर युवक को लात मारने और गाली-गलौज करने का आरोप, अस्पताल स्टाफ वीडियो बनाता दिखा वायरल वीडियो के बाद अस्पताल की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर उठे सवाल ✒️रिपोर्ट नागेंद्र पांडये उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित एक सरकारी अस्पताल का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला, जिसे सफाईकर्मी बताया जा रहा है, मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे युवक के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार करती और उसे लात मारते हुए दिखाई दे रही है। घटना के दौरान कुछ लोग वीडियो बनाते भी नजर आ रहे हैं। फिलहाल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक जांच की प्रतीक्षा है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली के एक सरकारी अस्पताल से सामने आए कथित वायरल वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक महिला, जिसे अस्पताल की सफाईकर्मी बताया जा रहा है, मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे युवक के साथ कथित रूप से गाली-गलौज करती और उसे लात मारती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि घटना के दौरान आसपास मौजूद कुछ लोग हस्तक्षेप करने के बजाय वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं। इस दृश्य के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अस्पताल में मरीजों और जरूरतमंदों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। हालांकि, ND NEWS इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है और घटना किन परिस्थितियों में हुई। मामले में संबंधित अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना शेष है। यदि वीडियो और आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल सेवा आचरण बल्कि मानवीय गरिमा और मरीजों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और तथ्यात्मक कार्रवाई आवश्यक है। वायरल फैक्ट यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। वायरल वीडियो को अंतिम सत्य मानने के बजाय संबंधित प्रशासनिक जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक है। सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार किया जाना सार्वजनिक सेवा का मूल दायित्व है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि वीडियो भ्रामक या अधूरा है, तो जांच के माध्यम से वास्तविक तथ्य सामने लाए जाने चाहिए। 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की जनहित अपील ND NEWS सभी सरकारी संस्थानों से अपील करता है कि मानसिक रूप से कमजोर, दिव्यांग, बुजुर्ग एवं असहाय लोगों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कर्मचारी द्वारा अमानवीय व्यवहार किया जाता है, तो उसके विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। आम नागरिकों से भी अपील है कि ऐसी स्थिति में केवल वीडियो बनाने के बजाय संबंधित व्यक्ति की सुरक्षित सहायता करने और तत्काल प्रशासन को सूचना देने का प्रयास करें। जनहित में सुझाव अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता का प्रशिक्षण कर्मचारियों को दिया जाए। किसी भी घटना की सूचना तत्काल अस्पताल प्रशासन या पुलिस को दें। वायरल वीडियो साझा करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करें। जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचें। 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Raebareli #GovernmentHospital #ViralVideo #MentalHealth #PatientRights #UPHealth #UPPolice #BreakingNews #Humanity 👇👇👇 @CMOfficeUP @myogiadityanath @UPGovt @Uppolice @dgpup @dmraebareli @raebarelipolice @UPGovtHealth @NHM_UP @InfoDeptUP 👇👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया ✒️ रिपोर्ट: नागेंद्र पांडये 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 1 जुलाई 2026 📆 दिन: बुधवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jul 1, 2026

पीएचसी असोथर जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं, डिप्टी सीएमओ की जांच में नया मोड़

ग्रामीणों और नगरवासियों ने संविदा फार्मासिस्ट के समर्थन में दिया बयान, स्वास्थ्य सेवाओं को बताया संतोषजनक

अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के बाद होगा, सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं

✒️रिपोर्ट अमर केसरवानी 

फतेहपुर जनपद के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में लगाए गए आरोपों की जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन के नेतृत्व में गठित टीम ने अभिलेखों, दवा वितरण व्यवस्था और मरीजों सहित स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा।

फतेहपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) असोथर में लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन की टीम ने की। सुबह लगभग 10 बजे पहुंची जांच टीम ने अस्पताल के अभिलेखों, दवा स्टॉक, दवा वितरण व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मरीजों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत कर तथ्यों का सत्यापन किया गया।

जांच के दौरान असोथर नगर पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और संविदा फार्मासिस्ट के समर्थन में अपनी बात रखी। उपस्थित लोगों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं तथा मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल में पर्याप्त दवा उपलब्ध होने के कारण मरीजों को बाहर से दवा लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उनका यह भी कहना था कि स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अधिकांश लोग संतुष्ट हैं।

समर्थन करने वालों में लालता प्रसाद दुबे, रिंकू आर्य, गौरव सिंह, लाखन निषाद, आशीष गुप्ता, श्रेया मिश्रा, शिवम अवस्थी, शैलेश सिंह, रमेश प्रसाद दुबे, बृजनंदन सिंह, सुशील सिंह, शिवप्रताप सिंह, नरसिंह मौर्य, सरवर खान, फूलचंद्र वर्मा, सोनू वर्मा, संतराम सिंह, विनोद भारती, शैलेश बाजपेई, रामानंद अवस्थी, मनोज गुप्ता, अन्नपूर्णा देवी, कांति देवी और राजकुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि 24 जून को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह ने पीएचसी असोथर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का स्थानांतरण सहित अन्य प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए थे।

इसी क्रम में डिप्टी सीएमओ की टीम द्वारा दोबारा की गई जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष ढंग से की जा रही है तथा अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी शिकायत की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं तो संबंधित पक्षों का पक्ष भी निष्पक्ष रूप से सामने आना चाहिए। अब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार रहेगा।

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ND NEWS स्वास्थ्य विभाग से अपील करता है कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आम नागरिकों से भी आग्रह है कि किसी भी शिकायत को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित विभाग तक पहुंचाएं तथा अपुष्ट जानकारी के प्रसार से बचें। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रशासन और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग आवश्यक है।
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पीएचसी असोथर जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं, डिप्टी सीएमओ की जांच में नया मोड़ ग्रामीणों और नगरवासियों ने संविदा फार्मासिस्ट के समर्थन में दिया बयान, स्वास्थ्य सेवाओं को बताया संतोषजनक अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के बाद होगा, सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ✒️रिपोर्ट अमर केसरवानी फतेहपुर जनपद के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में लगाए गए आरोपों की जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन के नेतृत्व में गठित टीम ने अभिलेखों, दवा वितरण व्यवस्था और मरीजों सहित स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा। फतेहपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) असोथर में लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन की टीम ने की। सुबह लगभग 10 बजे पहुंची जांच टीम ने अस्पताल के अभिलेखों, दवा स्टॉक, दवा वितरण व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मरीजों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत कर तथ्यों का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान असोथर नगर पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और संविदा फार्मासिस्ट के समर्थन में अपनी बात रखी। उपस्थित लोगों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं तथा मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल में पर्याप्त दवा उपलब्ध होने के कारण मरीजों को बाहर से दवा लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उनका यह भी कहना था कि स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अधिकांश लोग संतुष्ट हैं। समर्थन करने वालों में लालता प्रसाद दुबे, रिंकू आर्य, गौरव सिंह, लाखन निषाद, आशीष गुप्ता, श्रेया मिश्रा, शिवम अवस्थी, शैलेश सिंह, रमेश प्रसाद दुबे, बृजनंदन सिंह, सुशील सिंह, शिवप्रताप सिंह, नरसिंह मौर्य, सरवर खान, फूलचंद्र वर्मा, सोनू वर्मा, संतराम सिंह, विनोद भारती, शैलेश बाजपेई, रामानंद अवस्थी, मनोज गुप्ता, अन्नपूर्णा देवी, कांति देवी और राजकुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि 24 जून को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह ने पीएचसी असोथर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का स्थानांतरण सहित अन्य प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए थे। इसी क्रम में डिप्टी सीएमओ की टीम द्वारा दोबारा की गई जांच में अधिकांश आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. शाहबुद्दीन ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष ढंग से की जा रही है तथा अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी शिकायत की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं तो संबंधित पक्षों का पक्ष भी निष्पक्ष रूप से सामने आना चाहिए। अब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की जनहित अपील ND NEWS स्वास्थ्य विभाग से अपील करता है कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आम नागरिकों से भी आग्रह है कि किसी भी शिकायत को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित विभाग तक पहुंचाएं तथा अपुष्ट जानकारी के प्रसार से बचें। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रशासन और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग आवश्यक है। 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Asothar #PHC #HealthDepartment #CMO #DeputyCMO #HealthServices #UPHealth #PublicHealth #BreakingNews 👇👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj @brajeshpathakup @MoHFW_INDIA @UPGovtHealth @NHM_UP 👇👇👇 NDNEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक/संस्थापक:राजन सिंह हाड़ा 📞मोबाइल: 9696119696

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