
डीएम-सीएमओ का पीएचसी असोथर पर औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की हुई गहन पड़ताल डॉ. नीरज गुप्ता की कार्यशैली की सराहना, कुछ व्यवस्थागत कमियों पर सुधार के निर्देश जनस्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तीन दिन में स्पष्टीकरण और सुधार का अल्टीमेटम ✒️रिपोर्ट अमर केसरवानी असोथर (फतेहपुर)। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह ने बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) असोथर तथा ब्लॉक मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, दवा वितरण, प्रसव केंद्र और स्टाफ की उपस्थिति की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जहां कुछ व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए, वहीं पीएचसी प्रभारी डॉ. नीरज गुप्ता द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों और मरीजों के प्रति उनकी सक्रियता की भी सराहना की गई। फतेहपुर जनपद के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार दोपहर उस समय हलचल मच गई जब जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। अधिकारियों के आगमन की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका, स्टोर रूम, ओपीडी, मरीज वार्ड, दवा वितरण कक्ष, चिकित्सा प्रभारी कक्ष और अस्पताल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। इसी दौरान चिकित्सा प्रभारी कक्ष के समीप जागरूकता पत्रकों का अव्यवस्थित ढंग से रखा जाना अधिकारियों की नाराजगी का कारण बना। डीएम ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई और साफ-सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वहीं सीएमओ ने भी अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था सुधारने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा। डॉ. नीरज गुप्ता की कार्यशैली बनी चर्चा का विषय निरीक्षण के दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. नीरज गुप्ता लगातार अधिकारियों को अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. नीरज गुप्ता के नेतृत्व में अस्पताल में कई व्यवस्थाओं में पहले की तुलना में सुधार देखने को मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। हालांकि निरीक्षण के दौरान कुछ व्यवस्थागत कमियां सामने आने पर अधिकारियों ने जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए, लेकिन अस्पताल में संचालित प्रसव सेवाएं, हेल्थ एटीएम मशीन, लैब और लेबर रूम की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। प्रसव केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना डीएम और सीएमओ ने प्रसव केंद्र का निरीक्षण करते हुए स्टाफ नर्स कल्पना से जानकारी प्राप्त की। प्रसव सेवाओं, मरीजों की देखभाल और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया। ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं निरीक्षण की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और नगरवासी पीएचसी परिसर पहुंच गए। लोगों ने डॉक्टरों की समयबद्ध उपस्थिति, ओपीडी संचालन और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अमृत सरोवर कार्यक्रम में भी शामिल हुए अधिकारी पीएचसी निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी एवं सीएमओ ने धरमपुर सुसवन गांव के लिए प्रस्थान किया, जहां अमृत सरोवर से जुड़े विकास कार्यों का निरीक्षण एवं उद्घाटन कार्यक्रम प्रस्तावित था। वायरल फैक्ट डीएम और सीएमओ के अचानक निरीक्षण की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी रही। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ऐसे औचक निरीक्षणों को सकारात्मक कदम बताया। वहीं पीएचसी असोथर में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉ. नीरज गुप्ता के प्रयासों की भी चर्चा होती रही। स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती हैं। असोथर पीएचसी का यह निरीक्षण केवल कमियों की पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का क्रियान्वयन कितनी तेजी और प्रभावशीलता के साथ किया जाता है। 🟥 ND NEWS की विशेष अपील ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा सभी स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों से अपील करता है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ, व्यवस्थित और जनहितकारी बनाने में अपना सहयोग दें। "स्वस्थ समाज ही विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी पहचान है।" 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇🏿👇🏿 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Asothar #PHCAsothar #DMFatehpur #CMOFatehpur #DrNeerajGupta #HealthServices #PublicHealth #NidhiGuptaVats #UdaybhanSingh #UPHealth #FatehpurNews #BreakingNews #NDNewsChannel 👇🏿👇🏿👇🏿👇🏿 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 24 जून 2026 📆 दिन: बुधवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696
Fatehpur, Fatehpur | Jun 24, 2026

डीएम-सीएमओ का पीएचसी असोथर पर औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की हुई गहन पड़ताल डॉ. नीरज गुप्ता की कार्यशैली की सराहना, कुछ व्यवस्थागत कमियों पर सुधार के निर्देश जनस्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तीन दिन में स्पष्टीकरण और सुधार का अल्टीमेटम ✒️रिपोर्ट अमर केसरवानी असोथर (फतेहपुर)। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह ने बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) असोथर तथा ब्लॉक मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, दवा वितरण, प्रसव केंद्र और स्टाफ की उपस्थिति की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जहां कुछ व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए, वहीं पीएचसी प्रभारी डॉ. नीरज गुप्ता द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों और मरीजों के प्रति उनकी सक्रियता की भी सराहना की गई। फतेहपुर जनपद के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार दोपहर उस समय हलचल मच गई जब जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। अधिकारियों के आगमन की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका, स्टोर रूम, ओपीडी, मरीज वार्ड, दवा वितरण कक्ष, चिकित्सा प्रभारी कक्ष और अस्पताल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। इसी दौरान चिकित्सा प्रभारी कक्ष के समीप जागरूकता पत्रकों का अव्यवस्थित ढंग से रखा जाना अधिकारियों की नाराजगी का कारण बना। डीएम ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई और साफ-सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वहीं सीएमओ ने भी अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था सुधारने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा। डॉ. नीरज गुप्ता की कार्यशैली बनी चर्चा का विषय निरीक्षण के दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. नीरज गुप्ता लगातार अधिकारियों को अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. नीरज गुप्ता के नेतृत्व में अस्पताल में कई व्यवस्थाओं में पहले की तुलना में सुधार देखने को मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। हालांकि निरीक्षण के दौरान कुछ व्यवस्थागत कमियां सामने आने पर अधिकारियों ने जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए, लेकिन अस्पताल में संचालित प्रसव सेवाएं, हेल्थ एटीएम मशीन, लैब और लेबर रूम की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। प्रसव केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना डीएम और सीएमओ ने प्रसव केंद्र का निरीक्षण करते हुए स्टाफ नर्स कल्पना से जानकारी प्राप्त की। प्रसव सेवाओं, मरीजों की देखभाल और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया। ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं निरीक्षण की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और नगरवासी पीएचसी परिसर पहुंच गए। लोगों ने डॉक्टरों की समयबद्ध उपस्थिति, ओपीडी संचालन और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अमृत सरोवर कार्यक्रम में भी शामिल हुए अधिकारी पीएचसी निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी एवं सीएमओ ने धरमपुर सुसवन गांव के लिए प्रस्थान किया, जहां अमृत सरोवर से जुड़े विकास कार्यों का निरीक्षण एवं उद्घाटन कार्यक्रम प्रस्तावित था। वायरल फैक्ट डीएम और सीएमओ के अचानक निरीक्षण की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी रही। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ऐसे औचक निरीक्षणों को सकारात्मक कदम बताया। वहीं पीएचसी असोथर में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉ. नीरज गुप्ता के प्रयासों की भी चर्चा होती रही। स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती हैं। असोथर पीएचसी का यह निरीक्षण केवल कमियों की पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का क्रियान्वयन कितनी तेजी और प्रभावशीलता के साथ किया जाता है। 🟥 ND NEWS की विशेष अपील ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा सभी स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों से अपील करता है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ, व्यवस्थित और जनहितकारी बनाने में अपना सहयोग दें। "स्वस्थ समाज ही विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी पहचान है।" 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇🏿👇🏿 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Asothar #PHCAsothar #DMFatehpur #CMOFatehpur #DrNeerajGupta #HealthServices #PublicHealth #NidhiGuptaVats #UdaybhanSingh #UPHealth #FatehpurNews #BreakingNews #NDNewsChannel 👇🏿👇🏿👇🏿👇🏿 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 24 जून 2026 📆 दिन: बुधवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696
Fatehpur, Fatehpur | Jun 24, 2026

सीयर सीएचसी बना दलालों का अड्डा, एमएलसी प्रतिनिधि पिक्कू सिंह ने डिप्टी सीएम से की शिकायत बलिया: बिना डॉक्टरों के 'बीमार' पड़ा सीयर अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से जांच की मांग 🚨 **सीयर सीएचसी में दलालों का राज, डॉक्टरों का अकाल!** पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर जी की कर्मभूमि का स्वास्थ्य केंद्र आज खुद 'वेंटिलेटर' पर है। सीयर (बलिया) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी को लेकर एमएलसी प्रतिनिधि रविशंकर सिंह 'पिक्कू' ने सीधे डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र लिखा है। अस्पताल में दलालों का बोलबाला है और बलिया मुख्यालय 65 किमी दूर होने के कारण गरीब मरीज रास्ते में ही दम तोड़ने को मजबूर हैं। क्या स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद सीयर सीएचसी से इन दलालों की छुट्टी होगी? अपनी राय कमेंट में बताएं। विस्तृत और बेबाक रिपोर्ट के लिए जुड़े रहें। #BharatMedia #BalliaNews #SiyarCHC #UPHealth #BrajeshPathak #UPGovernment #LocalNews #Ballia**
Sikanderpur, Ballia | Jun 13, 2026

सीएचसी से 100 मीटर दूर तड़पता रहा मरीज, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल पत्नी का आरोप: भर्ती नहीं किया, बाहर जांच कराने को कहा वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली चर्चा में रिपोर्ट राजेश सोनकर प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे एक मरीज को तत्काल भर्ती नहीं किया गया, जिसके बाद वह अस्पताल से कुछ दूरी पर सड़क किनारे घंटों तक तड़पता रहा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए अपना पक्ष भी रखा है। सीएचसी जसरा के बाहर सड़क किनारे पड़ा रहा मरीज प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रयागराज जनपद के कचरा मानपुर गांव निवासी 56 वर्षीय राकेश शुक्ला की तबीयत बिगड़ने पर उनकी पत्नी कमल शुक्ला उन्हें मंगलवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा लेकर पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकीय जांच के बाद मरीज को भर्ती करने के बजाय कुछ दवाइयां और अल्ट्रासाउंड जांच लिखकर बाहर भेज दिया गया। पीड़िता का कहना है कि चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है और जांच बाहर से करानी होगी। आर्थिक तंगी के कारण वह निजी जांच कराने में असमर्थ थीं। तीन घंटे तक मदद की गुहार लगाती रही पत्नी परिजनों के अनुसार अस्पताल से बाहर निकलते ही राकेश शुक्ला की तबीयत और बिगड़ गई। उनकी पत्नी उन्हें अस्पताल से लगभग 100 मीटर दूर सड़क किनारे स्थित एक टीनशेड के नीचे लिटाकर सहायता मांगती रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मरीज करीब तीन घंटे तक वहीं पड़ा रहा। बाद में स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए मरीज को दोबारा अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप कमल शुक्ला का कहना है कि यदि उनके पास निजी इलाज और जांच कराने के लिए पर्याप्त धन होता तो उन्हें सरकारी अस्पताल का सहारा नहीं लेना पड़ता। उनका आरोप है कि समय रहते समुचित उपचार और भर्ती की व्यवस्था होती तो उन्हें इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई मामले में सीएचसी जसरा के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. सुरेश प्रसाद ने बताया कि मरीज प्रोस्टेट संबंधी समस्या से पीड़ित था। प्रारंभिक जांच के बाद दवाइयां दी गईं और आगे की जांच के लिए स्वरूपरानी अस्पताल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि मरीज स्वयं अस्पताल परिसर से बाहर गया था। अस्पताल प्रशासन ने भर्ती न करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आवश्यकता होने पर मरीज पुनः चिकित्सकीय परामर्श ले सकता था। वायरल पर्चे पर कथित रूप से लिखे गए "रेफर" संबंधी बिंदु पर उन्होंने कहा कि दस्तावेज देखने के बाद ही स्पष्ट टिप्पणी की जा सकती है। वायरल फैक्ट घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मरीज सड़क किनारे लेटा दिखाई दे रहा है, जबकि उसकी पत्नी सहायता की गुहार लगाती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद आम नागरिकों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं। यह मामला केवल एक मरीज की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और संवेदनशीलता पर व्यापक चर्चा को जन्म देता है। जहां एक ओर परिजन लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की बात कह रहा है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारी किसकी तय होती है। ND NEWS की अपील 🔹 सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक गंभीर मरीज की प्राथमिकता के आधार पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए। 🔹 आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी दी जाए। 🔹 स्वास्थ्य संस्थानों में मानवता और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। 🔹 जिला प्रशासन ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर जनता का विश्वास मजबूत करे। 🔹 मरीज और परिजन भी किसी गंभीर स्थिति में तत्काल 108 एम्बुलेंस एवं संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। ND NEWS संदेश: "स्वास्थ्य सेवा केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि मानव जीवन के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सबसे बड़ा दायित्व है।" 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #PrayagrajNews #JasraCHC #HealthDepartment #Healthcare #PatientCare #Prayagraj #UPHealth #CHCJasra #DrSureshPrasad #NDNewsChannel 👇👇 👇👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @prayagraj_pol @ADGZonPrayagraj @DM_PRAYAGRAJ @CommissionerPrg @NigamPrayagraj @Prayagraj_TP @PROdefprayagraj 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP) 📅 दिनांक: 09 जून 2026 📆 दिन: मंगलवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696 👇👇👇 अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध शिकायतों, प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों तथा संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। मामले की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर तथ्यों में परिवर्तन संभव है।
Fatehpur, Fatehpur | Jun 9, 2026

प्रसव के बाद महिला की मौत से उठे गंभीर सवाल परिजनों ने स्टाफ नर्स पर रुपये लेने और लापरवाही का लगाया आरोप जसरा सीएचसी में मातृ मृत्यु के बाद जांच की मांग, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप ✒️रिपोर्ट सुनील यादव/राजेश सोनकर प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिजनों ने अस्पताल की स्टाफ नर्स पर अवैध धन वसूली, बाहर से दवाइयां मंगवाने और समय पर रेफर न करने का आरोप लगाया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और प्रसूति देखभाल की गुणवत्ता पर नई बहस छेड़ दी है। डिलीवरी के नाम पर रुपये लेने और दवाएं बाहर से मंगाने का आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका गायत्री देवी को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा में भर्ती कराया गया था। मृतका के पति राजू द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने डिलीवरी कराने के लिए 2500 रुपये की मांग की थी। परिजनों का कहना है कि तत्काल उनके पास 2000 रुपये ही थे, जिन्हें देने के बाद महिला को भर्ती किया गया। परिजनों के अनुसार भर्ती के बाद कुछ इंजेक्शन और दवाइयां अस्पताल के बजाय बाहर के मेडिकल स्टोर से मंगवाई गईं। इंजेक्शन लगाने के लगभग एक घंटे बाद महिला ने सामान्य प्रसव के माध्यम से बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद बिगड़ी हालत, समय पर रेफर न करने का आरोप परिवार का आरोप है कि प्रसव के कुछ समय बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उन्होंने जिला अस्पताल रेफर करने की मांग की, लेकिन कथित तौर पर स्टाफ नर्स ने आश्वस्त किया कि मरीज जल्द ठीक हो जाएगी। आरोप है कि इसके बाद भी कुछ और दवाइयां बाहर से मंगवाई गईं, लेकिन महिला की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। जब हालत अत्यधिक गंभीर हो गई तो उसे नजदीकी निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। परिजनों का कहना है कि जब वे महिला को लेकर निजी अस्पताल जा रहे थे, तभी सीएचसी परिसर के भीतर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों ने चिकित्सीय लापरवाही का लगाया आरोप मृतका के परिवार ने इस पूरे मामले को चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार और रेफरल की व्यवस्था की जाती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि सरकारी अस्पतालों में प्रसूति सेवाओं की नियमित निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दिया आश्वासन मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा की अधीक्षिका डॉ. अंकिता पांडेय ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है, लेकिन वर्तमान में वह अवकाश पर हैं और अस्पताल का प्रभार डॉ. सुरेश के पास है। उन्होंने कहा कि बिना जांच रिपोर्ट के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वायरल फैक्ट मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सरकारी अस्पतालों में प्रसूति सेवाओं, कथित अवैध वसूली और स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। लोगों ने मांग की है कि मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले की स्वतंत्र जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। जसरा सीएचसी में हुई यह घटना केवल एक परिवार के लिए व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या वास्तव में किसी स्तर पर लापरवाही हुई। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और स्वास्थ्य विभाग की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। ND NEWS की अपील 🔹 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। 🔹 प्रसव संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की अवैध धन वसूली पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। 🔹 स्वास्थ्य संस्थानों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित ऑडिट और निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। 🔹 आमजन स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। 🔹 प्रत्येक मातृ मृत्यु की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। ND NEWS संदेश: "एक मां की मृत्यु केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए आत्ममंथन का विषय है। संवेदनशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता ही जनविश्वास की असली नींव है।" 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #PrayagrajNews #JasraCHC #MaternalDeath #HealthDepartment #MedicalNegligence #UPHealth #Prayagraj #NDNewsChannel #JusticeForFamily #PublicHealth 👇👇 👇👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @prayagraj_pol @ADGZonPrayagraj @DM_PRAYAGRAJ @CommissionerPrg @NigamPrayagraj @Prayagraj_TP @PROdefprayagraj 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा 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Fatehpur, Fatehpur | Jun 8, 2026