ध्वजा परिक्रमा के साथ पूज्य ज्वाला माता जी मंदिर में नवरात्रों का शुभारंभ
भव्य सजावट से सजा पूज्य ज्वाला माता जी मंदिर, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह;
आईटीआई–ससौली रोड स्थित पूज्य ज्वाला माता जी मंदिर में नवरात्रों का शुभारंभ ध्वजा परिक्रमा के साथ श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में किया गया। नवरात्रों के पावन अवसर पर मंदिर को भव्य एवं आकर्षक रूप में सजाया गया है। मंदिर की सुंदर सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। माता रानी के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालुओं ने मां भगवती के चरणों में शीश नवाकर परिवारों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
नवरात्रों के शुभारंभ पर ध्वजा परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ भाग लिया। ध्वज परिक्रमा को मां भगवती के प्रति अटूट आस्था, विश्वास और समर्पण का प्रतीक मानते हुए भक्तों ने माता रानी से सभी के कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर की भव्य सजावट और आध्यात्मिक वातावरण ने आयोजन की शोभा को और बढ़ा दिया।
सेवक रसिक जी ने कहा कि नवरात्रों का पावन पर्व मां भगवती की आराधना करने के साथ-साथ अपने जीवन में अच्छे विचारों, सदाचार और सेवा भावना को अपनाने का अवसर है। मां दुर्गा की उपासना हमें साहस, धैर्य और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि ध्वज परिक्रमा के साथ नवरात्रों का शुभारंभ श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और मां के प्रति समर्पण को दर्शाता है। प्रत्येक व्यक्ति को माता रानी की भक्ति के साथ अपने जीवन में मानवता, प्रेम और परोपकार के मूल्यों को भी अपनाना चाहिए।
सेवक रसिक जी ने कहा कि पूज्य ज्वाला माता जी मंदिर में नवरात्रों के अवसर पर की गई भव्य सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे तथा प्रत्येक परिवार पर माता रानी की कृपा बरसती रहे।
सेवक समर्पित जी ने कहा कि नवरात्र केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। मां भगवती की आराधना हमें बुराइयों पर अच्छाई की विजय, नारी शक्ति के सम्मान और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि ध्वज परिक्रमा के साथ नवरात्रों का शुभारंभ करना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्मिक चेतना का विशेष अवसर है।
सेवक समर्पित जी ने कहा कि मंदिर को भव्य रूप में सजाकर नवरात्रों का स्वागत किया गया है, जिससे मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का सुंदर वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मां भगवती के प्रति सच्ची श्रद्धा का अर्थ मानव सेवा, जरूरतमंदों की सहायता और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना भी है। नवरात्रों के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को अच्छे विचारों और सद्कर्मों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि मां ज्वाला जी की कृपा से समाज में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनी रहे। धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हैं तथा नई पीढ़ी को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ध्वजा परिक्रमा के साथ नवरात्रों के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर में की गई भव्य सजावट और भक्तिमय वातावरण ने आयोजन को विशेष बना दिया। श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला जी से समस्त क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और जनकल्याण की प्रार्थना की।
Ambala, Ambala | Oct 11, 2026