“एक तरफ नवरात्रि में कन्या पूजन, दूसरी तरफ अंकिता भंडारी के इंसाफ की गुहार!”
उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने अंकिता भंडारी मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक ओर देश बेटियों को देवी मानकर पूज रहा है, वहीं दूसरी ओर अंकिता के माता-पिता आज भी न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच दुष्यंत गौतम के राज्यपाल पद की शपथ लेने को उन्होंने देश की न्याय व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के लिए ‘काला दिन’ करार दिया। दसौनी ने स्पष्ट कहा— "नारियों को सिर्फ पूजन नहीं, सुरक्षा और न्याय चाहिए।"
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डिस्क्लेमर (Doon Horizon):
इस वीडियो में व्यक्त किए गए विचार और लगाए गए आरोप संबंधित राजनीतिक दल/प्रवक्ता के निजी हैं। 'दून होराइजन' (Doon Horizon) का उद्देश्य केवल जनता से जुड़े मुद्दों और राजनीतिक घटनाक्रमों को निष्पक्षता से सामने लाना है। संस्थान इन बयानों या आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।
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