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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वास्थ्य संस्थाओं का किया निरीक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर नरवलिया एवं ढेबर बड़ी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस तथा दस्तक अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने, नियमित स्वास्थ्य जांच, हाई रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान तथा उनका समुचित प्रबंधन करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने, व्यवस्थाओं का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखने के लिए स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ करें। निरीक्षण के दौरान राज्य सलाहकार सुश्री अनामिका निगवाल एवं सीपीएचसी सलाहकार श्री कैलाश चरपोटा भी उपस्थित रहे। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Directorate of Health Services, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

1 views | Jhabua, Madhya Pradesh | Aug 4, 2026

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"झाबुआ की आकांक्षा" अभियान के तहत फील्ड अधिकारियों को विद्यालय निरीक्षण का प्रशिक्षण

शिक्षा की गुणवत्ता एवं आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने के लिए 154 अधिकारियों को दिया गया निरीक्षण ऐप का प्रशिक्षण

जिले के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन झाबुआ द्वारा संचालित "झाबुआ की आकांक्षा" अभियान के अंतर्गत फील्ड अधिकारियों के लिए विद्यालय निरीक्षण संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण में थांदला, पेटलावद एवं मेघनगर विकासखंडों के विभिन्न विभागों के कुल 154 फील्ड अधिकारियों ने सहभागिता की।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण के समय इंस्पेक्शन ऐप के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें ऐप को एक्सेस करने की प्रक्रिया, विद्यालयों का निरीक्षण करने की विधि तथा निरीक्षण के दौरान आवश्यक जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने संबंधी सभी तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण का संचालन डिप्टी कलेक्टर श्रीमती रीतिका पाटीदार द्वारा किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण प्रक्रिया एवं ऐप की कार्यप्रणाली को सरल, व्यावहारिक एवं चरणबद्ध तरीके से समझाते हुए प्रभावी विद्यालय निरीक्षण के लिए आवश्यक बिंदुओं की जानकारी दी। इस अवसर पर कलेक्टर कार्यालय के तकनीकी अधिकारियों द्वारा भी फील्ड अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया गया।

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशानुसार अधिकारियों को "झाबुआ की आकांक्षा" अभियान के उद्देश्य एवं महत्व से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुदृढ़ आधारभूत सुविधाएँ तथा विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास ही जिले की प्रगति का आधार है। अभियान की सफलता में प्रत्येक फील्ड अधिकारी की सक्रिय एवं जिम्मेदार भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण के माध्यम से विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत व्यवस्थाओं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास में सकारात्मक सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner General Administration Department, MP #Jhabua #JansamparkMP

"झाबुआ की आकांक्षा" अभियान के तहत फील्ड अधिकारियों को विद्यालय निरीक्षण का प्रशिक्षण शिक्षा की गुणवत्ता एवं आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने के लिए 154 अधिकारियों को दिया गया निरीक्षण ऐप का प्रशिक्षण जिले के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन झाबुआ द्वारा संचालित "झाबुआ की आकांक्षा" अभियान के अंतर्गत फील्ड अधिकारियों के लिए विद्यालय निरीक्षण संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण में थांदला, पेटलावद एवं मेघनगर विकासखंडों के विभिन्न विभागों के कुल 154 फील्ड अधिकारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण के समय इंस्पेक्शन ऐप के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें ऐप को एक्सेस करने की प्रक्रिया, विद्यालयों का निरीक्षण करने की विधि तथा निरीक्षण के दौरान आवश्यक जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने संबंधी सभी तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण का संचालन डिप्टी कलेक्टर श्रीमती रीतिका पाटीदार द्वारा किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण प्रक्रिया एवं ऐप की कार्यप्रणाली को सरल, व्यावहारिक एवं चरणबद्ध तरीके से समझाते हुए प्रभावी विद्यालय निरीक्षण के लिए आवश्यक बिंदुओं की जानकारी दी। इस अवसर पर कलेक्टर कार्यालय के तकनीकी अधिकारियों द्वारा भी फील्ड अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया गया। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशानुसार अधिकारियों को "झाबुआ की आकांक्षा" अभियान के उद्देश्य एवं महत्व से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुदृढ़ आधारभूत सुविधाएँ तथा विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास ही जिले की प्रगति का आधार है। अभियान की सफलता में प्रत्येक फील्ड अधिकारी की सक्रिय एवं जिम्मेदार भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण के माध्यम से विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत व्यवस्थाओं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास में सकारात्मक सुधार सुनिश्चित किया जाएगा। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner General Administration Department, MP #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Aug 4, 2026

राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम ने झाबुआ जिले में नियमित टीकाकरण एवं मीजल्स प्रकोप की विस्तृत समीक्षा की

भारत सरकार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टीम ने जिला से ग्राम स्तर तक किया निरीक्षण, टीकाकरण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने दिए तकनीकी सुझाव

मीजल्स प्रकोप की रोकथाम तथा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशानुसार 29 से 31 जुलाई 2026 तक झाबुआ जिले में तीन दिवसीय रूट कॉज एनालिसिस (आरसीए) एसेसमेंट संपन्न हुआ। एसेसमेंट भारत सरकार के विशेषज्ञ डॉ. सुनील कांत गुलेरी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (यूएनडीपी) के विशेषज्ञ श्री योगेश शर्मा द्वारा किया गया।

एसेसमेंट के प्रथम दिवस जिला मुख्यालय पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जी.एस. चौहान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कोल्ड चेन प्रबंधक, जिला वैक्सीन स्टोर प्रभारी एवं जिला टीकाकरण दल के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मीजल्स प्रकोप की स्थिति, नियमित टीकाकरण की प्रगति, सर्विलांस व्यवस्था, माइक्रोप्लान, वैक्सीन उपलब्धता, कोल्ड चेन प्रबंधन एवं फील्ड गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। विशेषज्ञ टीम ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी सुझाव एवं सुधारात्मक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

इसके पश्चात विशेषज्ञ टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिटोल का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. डावर, संस्था प्रभारी डॉ. विजेंद्र मेहरावत, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर श्री अभिलाष भुरिया एवं स्वास्थ्य अमले के साथ मीजल्स प्रकोप के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीकाकरण सत्रों की गुणवत्ता, रिकॉर्ड संधारण, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं सर्विलांस प्रणाली का भी मूल्यांकन किया गया।

द्वितीय दिवस विशेषज्ञ दल ने विकासखंड रामा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उमरकोट का निरीक्षण किया। यहां संस्था प्रभारी डॉ. जतीन भार्गव, बीएमओ डॉ. शैलेश बबेरिया, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर श्री मोतीराम सेनानी, सीएचओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, सेक्टर सुपरवाइजर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ नियमित टीकाकरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। टीम ने वैक्सीन भंडारण, तापमान अनुरक्षण, टीकाकरण रजिस्टर एवं अभिलेखों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों से संवाद कर शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

तृतीय दिवस विशेषज्ञ टीम ने विकासखंड रामा के ग्राम मुंडत स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं नियमित टीकाकरण सत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान टीकाकरण से वंचित बच्चों के कारणों की जानकारी प्राप्त की गई तथा मौके पर उपस्थित पात्र एवं छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण भी कराया गया। विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बताया कि समय पर सभी टीके लगवाने से बच्चों को लगभग 10 से 11 गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने तथा प्रत्येक पात्र बच्चे का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने की अपील भी की।

तीन दिवसीय एसेसमेंट के दौरान जिला स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर मीजल्स प्रकोप के कारणों, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, वीएचएसएनडी सत्रों, सेशन मॉनिटरिंग, सर्विलांस प्रणाली, कोल्ड चेन प्रबंधन, तापमान अनुरक्षण, रिकॉर्ड संधारण एवं फील्ड कार्यप्रणाली का गहन मूल्यांकन किया गया।

समीक्षा के दौरान विशेषज्ञ टीम ने निर्देश दिए कि जिले के सभी नियमित टीकाकरण सत्र निर्धारित समय पर आयोजित किए जाएं तथा प्रत्येक सत्र की यू-विन (U-WIN) पोर्टल, एचएमआईएस (HMIS) एवं अन्य संबंधित पोर्टलों पर समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। साथ ही सेक्टर मेडिकल ऑफिसर, सेक्टर सुपरवाइजर, सीएचओ, एएनएम एवं समस्त फील्ड स्टाफ द्वारा नियमित मॉनिटरिंग, अभिलेखों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा टीकाकरण से वंचित प्रत्येक बच्चे की समय पर पहचान कर उसका टीकाकरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

विशेषज्ञ टीम ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुझावों एवं सुधारात्मक कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से झाबुआ जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम और अधिक सुदृढ़ होगा तथा भविष्य में मीजल्स सहित अन्य टीकों से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के प्रकोप की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जा सकेगी।  
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम ने झाबुआ जिले में नियमित टीकाकरण एवं मीजल्स प्रकोप की विस्तृत समीक्षा की भारत सरकार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टीम ने जिला से ग्राम स्तर तक किया निरीक्षण, टीकाकरण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने दिए तकनीकी सुझाव मीजल्स प्रकोप की रोकथाम तथा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशानुसार 29 से 31 जुलाई 2026 तक झाबुआ जिले में तीन दिवसीय रूट कॉज एनालिसिस (आरसीए) एसेसमेंट संपन्न हुआ। एसेसमेंट भारत सरकार के विशेषज्ञ डॉ. सुनील कांत गुलेरी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (यूएनडीपी) के विशेषज्ञ श्री योगेश शर्मा द्वारा किया गया। एसेसमेंट के प्रथम दिवस जिला मुख्यालय पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जी.एस. चौहान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कोल्ड चेन प्रबंधक, जिला वैक्सीन स्टोर प्रभारी एवं जिला टीकाकरण दल के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मीजल्स प्रकोप की स्थिति, नियमित टीकाकरण की प्रगति, सर्विलांस व्यवस्था, माइक्रोप्लान, वैक्सीन उपलब्धता, कोल्ड चेन प्रबंधन एवं फील्ड गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। विशेषज्ञ टीम ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी सुझाव एवं सुधारात्मक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इसके पश्चात विशेषज्ञ टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिटोल का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. डावर, संस्था प्रभारी डॉ. विजेंद्र मेहरावत, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर श्री अभिलाष भुरिया एवं स्वास्थ्य अमले के साथ मीजल्स प्रकोप के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीकाकरण सत्रों की गुणवत्ता, रिकॉर्ड संधारण, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं सर्विलांस प्रणाली का भी मूल्यांकन किया गया। द्वितीय दिवस विशेषज्ञ दल ने विकासखंड रामा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उमरकोट का निरीक्षण किया। यहां संस्था प्रभारी डॉ. जतीन भार्गव, बीएमओ डॉ. शैलेश बबेरिया, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर श्री मोतीराम सेनानी, सीएचओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, सेक्टर सुपरवाइजर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ नियमित टीकाकरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। टीम ने वैक्सीन भंडारण, तापमान अनुरक्षण, टीकाकरण रजिस्टर एवं अभिलेखों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों से संवाद कर शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। तृतीय दिवस विशेषज्ञ टीम ने विकासखंड रामा के ग्राम मुंडत स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं नियमित टीकाकरण सत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान टीकाकरण से वंचित बच्चों के कारणों की जानकारी प्राप्त की गई तथा मौके पर उपस्थित पात्र एवं छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण भी कराया गया। विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बताया कि समय पर सभी टीके लगवाने से बच्चों को लगभग 10 से 11 गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने तथा प्रत्येक पात्र बच्चे का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने की अपील भी की। तीन दिवसीय एसेसमेंट के दौरान जिला स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर मीजल्स प्रकोप के कारणों, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, वीएचएसएनडी सत्रों, सेशन मॉनिटरिंग, सर्विलांस प्रणाली, कोल्ड चेन प्रबंधन, तापमान अनुरक्षण, रिकॉर्ड संधारण एवं फील्ड कार्यप्रणाली का गहन मूल्यांकन किया गया। समीक्षा के दौरान विशेषज्ञ टीम ने निर्देश दिए कि जिले के सभी नियमित टीकाकरण सत्र निर्धारित समय पर आयोजित किए जाएं तथा प्रत्येक सत्र की यू-विन (U-WIN) पोर्टल, एचएमआईएस (HMIS) एवं अन्य संबंधित पोर्टलों पर समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। साथ ही सेक्टर मेडिकल ऑफिसर, सेक्टर सुपरवाइजर, सीएचओ, एएनएम एवं समस्त फील्ड स्टाफ द्वारा नियमित मॉनिटरिंग, अभिलेखों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा टीकाकरण से वंचित प्रत्येक बच्चे की समय पर पहचान कर उसका टीकाकरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। विशेषज्ञ टीम ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुझावों एवं सुधारात्मक कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से झाबुआ जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम और अधिक सुदृढ़ होगा तथा भविष्य में मीजल्स सहित अन्य टीकों से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के प्रकोप की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जा सकेगी। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Aug 3, 2026

विश्व स्तनपान सप्ताह पर मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया का संदेश

हर बच्चे को मिले जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत, स्तनपान को दें प्राथमिकता

विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त 2026) के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने माताओं, बहनों एवं परिवारजनों को शुभकामनाएँ देते हुए स्तनपान को शिशु के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की आधारशिला बताया।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार है। यह उसका पहला, संपूर्ण एवं सर्वोत्तम आहार है, जो जन्म के साथ ही उसे स्वस्थ जीवन की मजबूत शुरुआत प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नवजात को जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान कराना तथा जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध देना उसके शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद शिशु को घर का बना पौष्टिक पूरक आहार अवश्य प्रारंभ किया जाए, लेकिन कम से कम दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखा जाए। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, संक्रमण का खतरा कम होता है तथा उसके समग्र विकास को मजबूती मिलती है।

सुश्री भूरिया ने कहा कि स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं, बल्कि माताओं के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। यह माँ और शिशु के बीच स्नेह, विश्वास एवं भावनात्मक जुड़ाव को और अधिक मजबूत बनाता है।

उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण, स्तनपान एवं शिशु देखभाल संबंधी नियमित परामर्श एवं आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने सभी माताओं एवं परिवारों से अपील की कि वे अपने निकटतम आंगनवाड़ी केन्द्र से जुड़कर इन सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाएँ।

विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सभी से आह्वान किया कि वे यह संकल्प लें कि प्रत्येक बच्चे को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत मिले, प्रत्येक माँ को स्तनपान संबंधी सही जानकारी एवं सहयोग प्राप्त हो तथा परिवार और समाज मिलकर स्वस्थ, सशक्त एवं खुशहाल भविष्य के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएँ।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Nirmala Bhuriya #Jhabua #JansamparkMP

विश्व स्तनपान सप्ताह पर मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया का संदेश हर बच्चे को मिले जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत, स्तनपान को दें प्राथमिकता विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त 2026) के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने माताओं, बहनों एवं परिवारजनों को शुभकामनाएँ देते हुए स्तनपान को शिशु के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की आधारशिला बताया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार है। यह उसका पहला, संपूर्ण एवं सर्वोत्तम आहार है, जो जन्म के साथ ही उसे स्वस्थ जीवन की मजबूत शुरुआत प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नवजात को जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान कराना तथा जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध देना उसके शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद शिशु को घर का बना पौष्टिक पूरक आहार अवश्य प्रारंभ किया जाए, लेकिन कम से कम दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखा जाए। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, संक्रमण का खतरा कम होता है तथा उसके समग्र विकास को मजबूती मिलती है। सुश्री भूरिया ने कहा कि स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं, बल्कि माताओं के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। यह माँ और शिशु के बीच स्नेह, विश्वास एवं भावनात्मक जुड़ाव को और अधिक मजबूत बनाता है। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण, स्तनपान एवं शिशु देखभाल संबंधी नियमित परामर्श एवं आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने सभी माताओं एवं परिवारों से अपील की कि वे अपने निकटतम आंगनवाड़ी केन्द्र से जुड़कर इन सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाएँ। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सभी से आह्वान किया कि वे यह संकल्प लें कि प्रत्येक बच्चे को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत मिले, प्रत्येक माँ को स्तनपान संबंधी सही जानकारी एवं सहयोग प्राप्त हो तथा परिवार और समाज मिलकर स्वस्थ, सशक्त एवं खुशहाल भविष्य के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएँ। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Nirmala Bhuriya #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Aug 1, 2026

विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त 2026)

हर बच्चे को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत देने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है माँ का दूध। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सभी माताओं, बहनों एवं परिवारों से अपील की कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत करें, जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध दें तथा दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखें।

उन्होंने कहा कि स्तनपान शिशु के स्वस्थ विकास, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता और माँ-शिशु के स्नेहपूर्ण संबंध की मजबूत नींव है। आइए, हम सभी मिलकर प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत देने का संकल्प लें।

#विश्व_स्तनपान_सप्ताह #BreastfeedingWeek #Poshan #MPWCD

विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त 2026) हर बच्चे को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत देने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है माँ का दूध। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सभी माताओं, बहनों एवं परिवारों से अपील की कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत करें, जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध दें तथा दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखें। उन्होंने कहा कि स्तनपान शिशु के स्वस्थ विकास, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता और माँ-शिशु के स्नेहपूर्ण संबंध की मजबूत नींव है। आइए, हम सभी मिलकर प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत देने का संकल्प लें। #विश्व_स्तनपान_सप्ताह #BreastfeedingWeek #Poshan #MPWCD

Jhabua, Madhya Pradesh | Aug 1, 2026

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वास्थ्य संस्थाओं का किया निरीक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर नरवलिया एवं ढेबर बड़ी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस तथा दस्तक अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने, नियमित स्वास्थ्य जांच, हाई रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान तथा उनका समुचित प्रबंधन करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने, व्यवस्थाओं का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखने के लिए स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ करें। निरीक्षण के दौरान राज्य सलाहकार सुश्री अनामिका निगवाल एवं सीपीएचसी सलाहकार श्री कैलाश चरपोटा भी उपस्थित रहे। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Directorate of Health Services, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP - Jhabua News