केंद्रीय ऊर्जा,आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने चुलकाना में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन, अंत्योदय को बताया समाज उत्थान का सशक्त माध्यम।
चुलकाना और बराना गांव में शुरू हुआ सिलाई प्रशिक्षण केंद्र, बेटियों को मिलेगा स्वरोजगार का प्रशिक्षण।
अंतिम व्यक्ति के उत्थान का संकल्प है अंत्योदय : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल।
सेवा, समर्पण और स्वावलंबन की दिशा में बड़ा कदम, चुलकाना में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ।
75 गांवों में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना, पानीपत के चुलकाना और बराना गांव से हुआ नए चरण का शुभारंभ।
पानीपत/समालखा 25 जुलाई।
पानीपत जिले के चुलकाना और बराना गांव में आयोजित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन समारोह में भारत सरकार के ऊर्जा,आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संजय भाटिया, समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना, केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा, गांव के सरपंच सतीश छोक्कर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि "अंत्योदय का वास्तविक अर्थ है समाज के अंतिम व्यक्ति का भी उदय और उत्थान सुनिश्चित करना है। जब तक सबसे पिछड़े और जरूरतमंद व्यक्ति तक विकास का लाभ नहीं पहुंचता, तब तक विकास की अवधारणा अधूरी रहती है।" उन्होंने कहा कि अंत्योदय की इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न गांवों में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि बेटियां और महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में 75 गांवों में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की योजना बनाई गई है, जिनमें चुलकाना और बराना भी शामिल है। इस केंद्र में अब तक 70 छात्राओं का प्रवेश हो चुका है। प्रशिक्षण दो शिफ्टों में संचालित होगा, प्रत्येक शिफ्ट चार घंटे की होगी, जिसमें 35-35 प्रशिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। पूरे प्रशिक्षण की अवधि 70 दिन निर्धारित की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि तीन गांवों में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र पहले ही शुरू किए जा चुके हैं, जबकि तीन नए केंद्रों का आज उद्घाटन किया जाना है तथा आठ अन्य केंद्र प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वे इस अभियान को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान के अवसर पहुंच सकें।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा चलाई गई इस मुहिम की खुले मन से प्रशंसा की ओर कहा कि इससे महिलाओं में स्वरोजगारों के प्रति रुचि पैदा होगी और उन्हें स्वावलंबी बनने के अवसर प्राप्त होंगे। महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा होगा और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने कहा कि अंत्योदय का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का उत्थान करना है। उन्होंने कहा कि जब मनोहर लाल हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने प्रदेश में बिना पर्ची और बिना खर्ची के योग्यता एवं मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां देने की ऐतिहासिक व्यवस्था लागू की। उन्होंने कहा कि चुलकाना गांव के लगभग 300 से 400 युवाओं को भी मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं, जो इस पारदर्शी व्यवस्था का प्रमाण है।
समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना ने कहा कि उन्हें मनोहर लाल के जीवन से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि इन्होंने त्याग, सेवा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर यह दिखाया है कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य समाज की सेवा और लोगों का कल्याण करना है।