ननद और ननदेऊ पर 20 बीघा जमीन, सोना-चांदी और नकदी हड़पने का गंभीर आरोप; पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार
ग्वालियर। ग्राम सैथरी (पटेल का पुरा, ग्वालियर) की रहने वाली पीड़िता अर्चना शर्मा पत्नी प्रमोद शर्मा ने अपनी ननद, मुड़ियाखेड़ा निवासी ननदेऊ और उनके परिजनों पर धोखाधड़ी, बुजुर्ग सास-पति को बंधक बनाने, करोड़ों की संपत्ति हड़पने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
जन्मदिन का बहाना बनाकर घर बुलाया, सोना-चांदी और नकदी रखवाई
पीड़िता अर्चना शर्मा द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, उनकी सास किशोरी बाई और पति प्रमोद शर्मा अपने भतीजे देवेन्द्र दंडोतिया के घर (गणेशपुरा) पर रह रहे थे। पीड़िता की सास के पास लगभग 750 ग्राम सोना, 1 किलोग्राम चांदी और भारी मात्रा में नकदी रखी हुई थी। आरोप है कि किशोरी देवी की लड़की (ननद) राधा शर्मा, ननदेऊ केशव राजौरिया (निवासी मुड़ियाखेड़ा) और केशव के भाई नन्दराम राजौरिया ने बच्ची के जन्मदिन का बहाना बनाकर सास और पति को अपने घर बुलाया और बहला-फुसलाकर सारा सोना-चांदी व नकदी अपने पास रखवा ली।
अंगूठा लगवाकर किशनपुर गांव की 20 बीघा जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी कराई
आरोप है कि ननद राधा शर्मा, ननदेऊ केशव राजौरिया (मुड़ियाखेड़ा) और नन्दराम राजौरिया ने अनपढ़ सास किशोरी देवी को डरा-धमकाकर और बहला-फुसलाकर कई कागजातों पर अंगूठा लगवा लिया। इसके ज़रिए किशनपुर गांव में स्थित 20 बीघा जमीन राधा शर्मा ने अपने नाम करवा ली और पावर ऑफ अटॉर्नी हासिल कर अब इस जमीन को बेचने की फिराक में हैं।
भतीजे पर भी लगवाए थे झूठे आरोप
। सूत्रों व परिजनों के अनुसार, यही बुआ (राधा शर्मा) और उनके ससुराल वाले पहले भी इस तरह की साजिशें रचते रहे हैं। इन्हीं की बातों में आकर कुछ समय पहले किशोरी देवी से उनके ही भतीजे के खिलाफ भी झूठे आरोप लगवाए गए थे, ताकि परिवार में फूट डालकर संपत्ति पर कब्जा जमाया जा सके।
बच्चों के साथ दाने-दाने को तरस रही पीड़िता, जान का खतरा
पीड़िता अर्चना शर्मा ने बताया कि वह अपनी दो बेटियों (तनुष्का व तनवी) और बेटे (केदार शर्मा) के साथ घर पर अकेली हैं। घर में भरण-पोषण के लिए कुछ नहीं बचा है और स्थिति भूखे मरने की आ पहुंची है। पीड़िता का आरोप है कि जब भी वह अपने पति और सास को वापस भेजने की बात कहती हैं, तो ननद राधा शर्मा, ननदेऊ केशव राजौरिया (मुड़ियाखेड़ा) और नन्दराम राजौरिया द्वारा उन्हें व उनके बच्चों को जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं।
पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने पुलिस प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ कूटरचना, धोखाधड़ी और मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न का मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, हड़पी गई 20 बीघा जमीन व जेवरात वापस दिलाए जाएं और पीड़िता तथा उनके बच्चों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।