किशनगंज में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं ने बेझिझक पूछे सवाल।
किशनगंज जिला अन्तर्गत आज दिनांक 27 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी नवीन कुमार के आदेश पर तथा डीपीओ आईसीडीएस-सह-नोडल पदाधिकारी, WCDC, किशनगंज श्रीमती अंकिता सिंह के मार्गदर्शन में आज किशनगंज जिले के प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय बहादुरगंज में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय की छात्राओं को बालिका शिक्षा, सुरक्षा, अधिकार, आत्मविश्वास तथा समाज में बेटियों की समान भागीदारी के प्रति जागरूक करना रहा।
डीएम श्री नवीन कुमार ने कहा—बेटियों को अवसर देना पूरे समाज की जिम्मेदारी
इस अवसर पर जिलाधिकारी किशनगंज श्री नवीन कुमार ने कहा कि बेटियां केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और देश की अमूल्य शक्ति हैं। बालिकाओं को अच्छी शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और अपनी बात रखने का अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक बालिका को शिक्षा के साथ-साथ अपने अधिकारों, सुरक्षा और आत्मसम्मान के प्रति जागरूक किया जाए। छात्राओं से उन्होंने अपने सपनों को पहचानने, निरंतर शिक्षा प्राप्त करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जागरूक और शिक्षित बेटियां ही सशक्त परिवार, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव रखती हैं।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डीपीओ आईसीडीएस-सह-नोडल पदाधिकारी WCDC, किशनगंज श्रीमती अंकिता सिंह ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बेटी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने, अपने सपनों को पूरा करने और आत्मनिर्भर बनने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जब एक बेटी शिक्षित और जागरूक होती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं एवं जिज्ञासाएं शिक्षकों तथा संबंधित पदाधिकारियों के समक्ष रखें।
कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक, मो. शाहबाज आलम, जेंडर स्पेशलिस्ट, श्री सुशील कुमार झा एवं मनोसामाजिक परामर्शी, श्रीमती अंजू दास द्वारा छात्राओं के साथ संवाद किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं के साथ-साथ प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण तथा OSC के सुरक्षा गार्ड श्री संजय कुमार राम ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को अपनी बात खुलकर रखने एवं अपनी जिज्ञासाओं को साझा करने का अवसर दिया गया। छात्राओं ने विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब मो. शाहबाज आलम एवं श्री सुशील कुमार झा द्वारा सरल एवं सहज भाषा में दिया गया। इस संवादात्मक पहल से छात्राओं में काफी उत्साह देखने को मिला और उन्होंने पूरे कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
*छात्राओं ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा।*
‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता छात्राओं के साथ किया गया प्रत्यक्ष संवाद रहा। छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए कई प्रश्न पूछे। पदाधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने छात्राओं की बातों को गंभीरता से सुना तथा उनके प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें आवश्यक जानकारी दी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी पहल बताया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा उन्हें अपनी समस्याओं और अधिकारों के बारे में खुलकर जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा, आत्मसम्मान, लैंगिक समानता, अधिकारों एवं आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध माध्यमों के संबंध में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संबंधित पदाधिकारियों, विद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण एवं उपस्थित सभी प्रतिभागियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।