शिमला में SFI ने निकाली तिरंगा यात्रा, मोदी सरकार को बताया फासीवादी; जनता से एकजुट होने का आह्वान
शिमला
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी द्वारा आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में करीब 300 छात्रों ने भाग लिया और देश की एकता, लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा का संदेश दिया।
SFI ने केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने और जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। SFI ने मोदी सरकार को फासीवादी ताकतों का प्रतिनिधि बताते हुए देश की जनता, छात्रों, युवाओं, मजदूरों, किसानों और आम नागरिकों से एकजुट होकर लोकतंत्र एवं जन अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
SFI राज्य अध्यक्ष कॉमरेड अनिल ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्रता केवल अंग्रेजी हुकूमत से मुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका अर्थ हर नागरिक को समान अधिकार, शिक्षा, रोजगार, सम्मान और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आज देश में शिक्षा के निजीकरण, बेरोजगारी, महंगाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बढ़ते दबाव के खिलाफ छात्रों और युवाओं को संगठित होकर आवाज उठानी होगी।
इस दौरान SFI हिमाचल प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड सन्नी सेक्ता, हिमाचल प्रदेश प्रभारी एवं अखिल भारतीय उपाध्यक्ष कॉमरेड सुभाष झाकड़, CEC सदस्य कॉमरेड अभिजीत सहित SFI के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा के दौरान छात्रों ने “स्वाधीनता, जनवाद, समाजवाद” सहित लोकतंत्र, शिक्षा, रोजगार और जन अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए।
SFI हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने प्रदेश की छात्र-युवा शक्ति से आह्वान किया कि वे शिक्षा, रोजगार, लोकतांत्रिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के सवालों पर एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करें।
SFI हिमाचल प्रदेश के प्रधान सचिव ने तिरंगा यात्रा में शामिल सभी छात्रों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के लोकतांत्रिक एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए छात्र समुदाय अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि SFI आने वाले समय में छात्रों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने संघर्ष को और व्यापक बनाएगी।