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Jasbir Kumar

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*श्रावण अष्टमी मेले की तैयारियों को लेकर एडीसी ने की बैठक, सफल संचालन को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*
*श्रावण अष्टमी मेला 13 से 21 अगस्त तक*

ऊना

 माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में 13 से 21 अगस्त तक श्रावण अष्टमी मेले का आयोजन किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना ईशांत जसवाल ने इसे लेकर शनिवार को माईदास सदन चिंतपूर्णी में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली और मेले के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
श्रावण अष्टमी मेले के दौरान एडीसी ऊना मेला अधिकारी, एसडीएम अंब सहायक मेला अधिकारी जबकि एएसपी ऊना को पुलिस मेला अधिकारी तथा डीएसपी अंब को सहायक पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है।
ईशांत जसवाल ने बताया कि मेले के दौरान माता श्री चिंतपूर्णी का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए चौबीसों घंटे खुला रहेगा। साफ-सफाई के लिए रात्रि के दौरान मंदिर को केवल एक घंटे के लिए बंद किया जाएगा। दोपहर को मां के श्रृंगार व भोग इत्यादि के लिए भी मंदिर कुछ समय के लिए बंद रहेगा।
*लंगर लगाने की लेनी होगी अनुमति*
एडीसी ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेले के दौरान लंगर लगाने की अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा। आयोजक को लंगर की समाप्ति के बाद साफ-सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा मेले के दौरान डीएफएससी ऊना खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे।
*नियमों की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई*
उन्होंने कहा कि मेले के दौरान ढोल नगाड़े, चिमटा, लाउडस्पीकर इत्यादि बजाने और प्लास्टिक व थर्मोकोल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मालवाहक वाहनों के माध्यम से माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर आने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
*4 सेक्टरों में विभाजित होगा मेला क्षेत्र*
मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को 4 सेक्टरों में बांटा जाएगा। सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त मात्रा में पुलिस व होमगार्ड के 1600 जवानों सहित त्वरित कार्य बल की टीमें तैनात रहेंगी। सभी सेक्टरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी।
*श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तमाम इंतजाम*
एडीसी ने बताया कि मेले के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह अस्थाई शौचालय बनाए जाएंगे तथा ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए रिकवरी वैन तैनात की जाएगी। भिक्षावृत्ति पर भी पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा तथा इसे लेकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीमों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। मेले में श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए विभिन्न स्थानों पर एलोपैथिक तथा आयुर्वेदिक कैंप स्थापित किए जाएंगे। किसी भी आपदा अथवा आग इत्यादि की घटना से निपटने के लिए अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे।
साथ ही, मेलावधि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की उचित सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मेला शुरू होने से पूर्व सड़कों की व्यवस्था को भी दुरूस्त करने के भी निर्देश दिए। 
अतिरिक्त उपायुक्त ने निजी सराय प्रबंधकों को सरायों में अग्निशमन उपकरण लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन इनकी जांच भी करवाएगा। उन्होंने विद्युत विभाग को मेलावधि के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने के लिए विद्युत लाइनों का आवश्यक रखरखाव करना सुनिश्चित करने को कहा ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा मेले के दौरान पीने के पानी के लिए प्याऊ भी लगाए जाएंगे। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जल भंडारण टैंकों का क्लोरिनेशन करना भी सुनिश्चित करें।
बैठक में एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, डीएसपी अंब अनिल पटियाल, प्रधान लोहारा अप्पर संगीता वालस, छपरोह की प्रधान अंजू कालिया, नारी चिंतपूर्णी की प्रधान प्रवीण कुमारी, धर्मशाला महंता खास की प्रधान सुनीता राणी, घेबट बेहड़ की प्रधान सिमरन सहित अन्य मौजूद रहे।
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सांप के बारे में जानकारी दे रहे स्नैक सेवर
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हाल ही में सम्पन्न पंचायती राज एवं नगर निकाय चुनावों में जनता ने कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में प्रचंड जनादेश दिया है। 

इन चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों और कार्यशैली से निराश है तथा बदलाव चाहती है। जनता यह समझ चुकी है कि जो अपना पंचायत नहीं बचा सकते वह राज्य को क्या चलायेंगें और अब जनता ने मन बना लिया है की कांग्रेस की विदाई में ही राज्य की भलाई है। 

आज अपने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के श्री नैना देवी विधानसभा में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के नव-निर्वाचित भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों को सम्मानित कर उनसे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास और जनसेवा के कार्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
ऊना के रक्कर कॉलोनी से दो चैनसनेचर बाइक पर आए ।महिला से चैन खींच कर भाग् गए, चिखती चिलाती महिला पीछे दौड़ी पर चैन सनेचर भागने में कामयाब  रहे।   सीसीटीवी कैमरे में महिला पीछे भागती दिखी, पुलिस ने सख्ती से जांच  शुरू कर दी है
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ऊना में नो पार्किंग पर पुलिस का शिकंजा,  रोटरी चौक से टो की गई कार
-बिना हेलमेट और नंबर प्लेट वालों पर भी कार्रवाई
नीट परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए विधायक विवेक शर्मा ने समीक्षा को किया सम्मानित।
कुटलैहड़ के थानाकलां से एक गरीब परिवार की बेटी समीक्षा ने नीट परीक्षा में देश भर में 449वीं रैंक हासिल कर विधायक विवेक शर्मा द्वारा स्कूल में सम्मानित किया गया, जहाँ उन्होंने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के सपने को साकार होते हुए बताया
बेटियां अब किसी से कम नहीं है हर क्षेत्र में लड़कों के आगे निकल गई हैं,चाहे पढ़ाई का क्षेत्र हो या फिर रण भूमि का क्षेत्र हार नहीं मानती।
सात माह से लापता है सलौणी क्षेत्र की करेर पंचायत के सालन गाँव की बहू शिल्पा उर्फ ज्योति 

उम्र 28 वर्ष कद -5 फुट 
शिल्पा की शादी लगभग 6 वर्ष पूर्व हुई थी, 
शिल्पा का मायका शाहतलाई क्षेत्र के झबोला गाँव मे है |ससुराल मे पति से अनबन के चलते पिछले कुछ से मायके मे रह रही थी लेकिन  सात माह पहले अचानक वहां से गायब हो गयी थी |शिल्पा के पिता ने तलाई थाना मे उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई लेकिन उसका कहीं कोई अता -पता नहीं चला |इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें और किसी को शिल्पा कहीं दिखे तो -9805242473 मोबाइल नंबर पर सम्पर्क करें |
पंजाब से पकड़ा गया चिट्टा सप्लायर, बिलासपुर पुलिस ने 40.07 ग्राम हेरोइन के साथ दो आरोपियों को दबोचा

बिलासपुर

नशा तस्करी के खिलाफ बिलासपुर पुलिस की व्यापक कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अब केवल स्थानीय तस्करों तक सीमित न रहकर नशे के पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी अभियान के तहत स्वारघाट थाना पुलिस ने पंजाब से चिट्टा सप्लायर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ कुल 40.07 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद की गई है।
पुलिस थाना स्वारघाट में अभियोग संख्या 50/2026 दिनांक 16 जुलाई 2026 को धारा 21 एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। यातायात चेकिंग के दौरान पुलिस ने सुमन कुमार पुत्र राम लाल निवासी सुरहाड़, जिला बिलासपुर को गिरफ्तार किया था। उसकी तलाशी में 7.32 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।
NEET-2026 के परिणामों में SD स्कूल हमीरपुर की छात्रा दीपिका ठाकुर ने 621 अंक हासिल कर जिला भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया
मानसून की दस्तक के साथ ही जिला चम्बा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चरोड़ी के खलोग गांव में भारी आपदा का खतरा मंडराने लगा
पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित किए जा रहे ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कोर्स की प्रतिभागियों के लिए शनिवार को एक जागरुकता सत्र आयोजित किया गया।
ब्यूटीशियन कोर्स की प्रतिभागियों को दी टीबी, एचआईवी-एड्स से बचाव की जानकारी

हमीरपुर 18 जुलाई। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित किए जा रहे ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कोर्स की प्रतिभागियों के लिए शनिवार को एक जागरुकता सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में स्वास्थ्य विभाग के जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी और टीबी उन्मूलन अभियान के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा ने प्रतिभागी महिलाओं को एचआईवी-एड्स, टीबी, हैपेटाइटिस और अन्य गंभीर रोगों के कारणों, इनसे बचाव और इनके उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ब्यूटी पार्लर में कार्य करते समय कुछ सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी होती है, ताकि पार्लर के माध्यम से किसी भी तरह के गंभीर रोग का संक्रमण न फैल सके। ब्यूटी पार्लर में कई तीखे औजारों एवं उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा ग्राहकों के साथ भी नजदीकी संपर्क रहता है। इससे ब्यूटी पार्लरों के संचालकों और ग्राहकों में कई संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका रहती है। इसलिए, इनमें सुरक्षा किट्स का प्रयोग किया जाना चाहिए तथा सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
 इस अवसर पर आरसेटी के निदेशक अजय कुमार कतना ने डॉ. सुनील वर्मा का स्वागत किया तथा संस्थान में करवाए जा रहे ब्यूटीशियन कोर्स के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
ब्यूटीशियन कोर्स की प्रतिभागियों को दी टीबी, एचआईवी-एड्स से बचाव की जानकारी
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जन जागरूकता अभियान का दूसरा चरण समपन्न, प्रोइयां कलां और पंसाई के ग्रामीण किए जागरूक

ऊना, 18 जुलाई। प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याणार्थ संचालित किए जा रहे विशेष जन जागरूकता अभियान का दूसरा चरण आज(शनिवार) को सफलतापूर्वक समपन्न हुआ। प्रचार-प्रसार अभियान के दूसरे चरण के अंतिम दिन परोइयां कलां और पंसाई में जागरूकता कार्यक्रयम प्रस्तुत किए गए। इस दौरान पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा के कलाकारों ने स्थानीय वासियों को गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों और जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया। साथ ही उन्होंने लोगों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों से भी अवगत करवाया।

सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग से संबद्ध नाटयों दल के कलाकारों ने जागरूकता कार्यक्रमों बताया कि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों पर जाति भेदभाव के कारण अत्याचार होने पर अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3 के अंतर्गत पुलिस में दर्ज मामले के तहत कम से 25 हजार रुपये और अधिकतम 8,25,000 रुपये पुनर्वास राहत राशि का प्रावधान है। हत्या के मामले में मृतक की विधवा को 5 हजार रुपये बेसिक पर वर्तमान मंहगाई भत्ता प्रतिशतता की गणना करके प्रतिमाह राशि पैंशन के रूप् में भी दी जाती है। मृतक के बच्चों की स्नातक तक की शिक्षा एवं रख-रखाव का पूरा खर्चे की व्यवस्था एवं तीन महीने तक परिवार के भरण-पोषण के लिए राशन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है। इस घटना के तुरंत बाद प्रभावित व्यक्ति को अपने नजदीक के पुलिस थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवानी होगी तथा न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने के उपरांत धारा के अनुसार राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, विधवाओं, एकल व परित्यक्ताओं और अल्पसंख्यकों के 18 से 35 वर्ष के पात्र उम्मीदवारों जिनकी आय 2 लाख रुपये से अधिक के युवाओं को पीजीडीसीए और डीसीए का एक वर्ष का निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।  
इसके अलावा उन्होंने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के साथ-साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। साथ ही, उन्होंने नशा निवारण पर बल देते हुए नशे को समाज की गंभीर बुराई बताया और लोगों से नशे से दूर रहने व समाज को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

इस मौके पर प्रोइयां कलां के प्रधान दिला राम, बुधान की प्रधान शीनू देवी, उप प्रधान रमन कुमार, वार्ड सदस्य राकेश कुमारी, पुष्पिंदर, सोनू, रेखा, प्रकाशो देवी, आशा देवी सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सीखी उद्यमिता एवं जनरेटिव एआई की तकनीक
हमीरपुर में आयोजित किया गया तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम

हमीरपुर 18 जुलाई। जिला उद्योग केंद्र हमीरपुर ने 16 से 18 जुलाई तक यहां खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) आयोजित किया, जिसमें जिले के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की 30 महिलाओं ने भाग लिया।
 इस दौरान प्रतिभागियों को उद्यमिता के विभिन्न आयामों जैसे व्यावसायिक अवसरों की पहचान, बाजार एवं ग्राहक की समझ, लागत निर्धारण, मूल्य निर्धारण, लाभप्रदता, वित्तीय योजना, सरकारी योजनाओं, उद्यम पंजीकरण, डिजिटल उपकरणों तथा व्यवसाय संचालन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
 कार्यक्रम के समापन अवसर पर खंड विकास अधिकारी रजत चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व्यवसायों के विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने महिलाओं को एआई आधारित डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग, ब्रांडिंग तथा ग्राहक तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
 इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर के महाप्रबंधक मनोज कुमार ने उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्योग विभाग महिला उद्यमियों और सूक्ष्म उद्यमों को स्थापित एवं विकसित करने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान कर रहा है। उन्होंने व्यवसायों के विकास में एआई की बढ़ती भूमिका पर भी विशेष प्रकाश डाला।
 कार्यक्रम के तीसरे दिन प्रतिभागियों को जनरेटिव एआई के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें मोबाइल फोन के माध्यम से उत्पादों की आकर्षक फोटो तैयार करना, पोस्टर एवं सोशल मीडिया सामग्री बनाना, उत्पाद विवरण तैयार करना तथा डिजिटल मार्केटिंग के लिए निःशुल्क एआई टूल्स का उपयोग करना सिखाया गया, ताकि महिलाएं अपने उत्पादों का प्रभावी प्रचार-प्रसार कर सकें।
 कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़ाकर बाजार उन्मुख, तकनीक-सक्षम एवं आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में विकसित करना था। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा भविष्य में सीखी गई तकनीकों को अपने व्यवसाय में अपनाने का आह्वान किया गया।
आखिर क्यों है स्मार्ट मीटर की जरूरत, उपभोक्ता को जानने का अधिकार
हमीरपुर होटल में आयोजित हुई उपभोक्ता कल्याण मंच की पत्रकार वार्ता
स्मार्ट मीटर लगाने का मुद्दा गूंजा, कहा टैरिफ के माध्यम से वसूली जाएगी लागत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का किया समर्थन, हस्ताक्षर कर लोगों से जुड़ने की अपील

हमीरपुर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का समर्थन करते हुए अभियान के समर्थन में हस्ताक्षर किए और आम लोगों से भी इससे जुड़ने का आह्वान किया। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों प्रभारी दिनेश शर्मा ,देवराज ने डॉ. वर्मा से मुलाकात कर उन्हें अभियान की जानकारी दी तथा इससे संबंधित पत्रक भी भेंट किया।

अभियान के माध्यम से गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के पत्रक में 27 जुलाई 2026 को ‘गौ सम्मान दिवस’ के रूप में याद रखने का आह्वान किया गया है। साथ ही अभियान से जुड़े लोगों द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपनी मांगों और भावनाओं को संबंधित संवैधानिक एवं सरकारी पदाधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई है।

इस अवसर पर डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि गौवंश की सुरक्षा और सम्मान हमारी सामाजिक एवं सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गौवंश की समस्या के स्थायी समाधान के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर गंभीर प्रयास करने चाहिए। केवल भावनात्मक जुड़ाव ही नहीं, बल्कि गौवंश के संरक्षण, उचित आश्रय, चारे और देखभाल के लिए व्यावहारिक कदम उठाना भी आवश्यक है।

डॉ. वर्मा ने अभियान से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए आम जनता से अपील की कि वे गौ सेवा, सुरक्षा और सम्मान के इस जनजागरूकता अभियान से जुड़ें और जिम्मेदार नागरिक के रूप में गौवंश के संरक्षण में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सामाजिक अभियानों में जनभागीदारी से ही व्यापक बदलाव संभव है।
चंबा जिले के एक स्कूल में आरक्षण को लेकर किया गया नाटक,  आरक्षण जाति के आधार पर नहीं, आर्थिक स्थिति के आधार पर हो आरक्षण नाटक में पेश किया गया किस्सा,
राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर ठाकुर ने नाटक का किया समर्थन,
मोदी सरकार की रेलवे क्रांति से हिमाचल को मिली नई रफ्तार, अनुराग ठाकुर के प्रयासों से प्रदेश को लगातार मिल रही ऐतिहासिक सौगातें: उषा बिरला
शिमला के पास कर और ट्रक में हुई भिड़ंत
"विधायक जवाब दें: हैंडपंपों पर करोड़ों खर्च हुए, फिर भी पानी का संकट क्यों?" — कांग्रेस का इंद्र दत्त लखनपाल पर तीखा हमला
बड़सर। पवन कालिया ने बताया कि बड़सर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं ने विधायक इंद्र दत्त लखनपाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने की बजाय वे अपने कार्यकाल का हिसाब दें। संयुक्त प्रेस बयान जारी करते हुए पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष ढटवालिया, पूर्व विधायक मनजीत सिंह डोगरा, कमल पठानियां,पवन कालिया ,राजेश वन्याल, नरेश लखनपाल, विपन ढटवालिया, डैनी जसवाल, रुबल ठाकुर, सुशील शर्मा, शरण प्रसाद, शतीश सोनी, संदीप जुड़वाल सहित अन्य नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में बड़सर विधानसभा क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन के तहत करोड़ों रुपये के विकास कार्य स्वीकृत और क्रियान्वित किए गए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बड़सर अस्पताल, मिनी सचिवालय, चकमोह भवन, बिझड़ी पशु चिकित्सालय भवन, फायर ब्रिगेड भवन, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय सहित अनेक परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है।
नेताओं ने विधायक इंद्र दत्त लखनपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्होंने अपने कार्यकाल में दूरदर्शिता दिखाते हुए करोड़ों रुपये हैंडपंपों पर खर्च करने के बजाय स्थायी उठाऊ पेयजल योजनाओं पर निवेश किया होता तो आज क्षेत्र को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के कार्यकाल में स्वीकृत कई बोरवेल आज भी बंद पड़े हैं और उनसे पानी नहीं उठाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पापलोहल में भी विधायक के कार्यकाल के दौरान एक बड़ा बोर लगाया गया था, लेकिन वहां से पानी उठाने नहीं दिया गया। अब उसी बोर से प्रतिदिन लगभग डेढ़ इंच पानी कई घंटों तक उठाया जा रहा है। उन्होंने विधायक से सवाल किया कि उनके कार्यकाल के कितने बोर आज भी बंद पड़े हैं और हैंडपंपों पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये का जनता को क्या लाभ मिला।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक ब्यास पेयजल योजना अधर में लटकी रही और क्षेत्र तक नहीं पहुंच सकी, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच के चलते अब 137 करोड़ रुपये की लागत वाली पेयजल योजना का कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश प्रमुख सड़कों को करोड़ों रुपये की लागत से डबल लेन बनाया जा रहा है। उन्होंने विधायक से यह भी पूछा कि अपने लंबे राजनीतिक कार्यकाल में वे बड़सर बस अड्डे के लिए जमीन तक क्यों चिन्हित नहीं करवा पाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भोटा बस स्टैंड के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत कर कार्य शुरू करवा दिया है, जबकि बड़सर बस अड्डे के लिए भी 2 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं और जल्द भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि भोटा नगर परिषद के टाउन हॉल के लिए 5 करोड़ रुपये तथा बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए भी करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बड़सर विधानसभा क्षेत्र में जनहित के करोड़ों रुपये के विकास कार्य धरातल पर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भाजपा नेता केवल विरोध की राजनीति के कारण इन उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि जनता अब तथ्यों के आधार पर फैसला करेगी और विकास कार्य ही कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी पहचान है।
भोरंज में '12 साल बेमिसाल, एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम का आयोजन; पूर्व विधायक कमलेश कुमारी ने किया पौधारोपण
*सीएम सुक्खू की पहल बनी सहारा, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना से अवनी के उच्च शिक्षा के सपनों को मिली उड़ान*

*डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना से मेधावी विद्यार्थियों को बड़ा सहारा*

*मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण*

ऊना, 17 जुलाई. प्रतिभा को यदि अवसर मिले तो सपनों को साकार होने से कोई नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्ष 2023 में शुरू की गई डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना ऐसे ही हजारों मेधावी विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है, जिनके उच्च शिक्षा के सपने आर्थिक अभाव के कारण अक्सर अधूरे रह जाते थे। मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण की सुविधा के साथ यह योजना सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी योग्य विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।
जिला ऊना के चौकीमनियार गांव की अवनी शर्मा इस योजना के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रेरक मिसाल हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से आने वाली अवनी के लिए उच्च शिक्षा का सपना लगभग धूमिल होने लगा था, लेकिन डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी। आज वह नकोदर में बी.एससी. मेडिकल (एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी) की पढ़ाई कर रही हैं।
अवनी बताती हैं कि वे चार बहनें हैं। उनके पिता मनरेगा में कार्य करने के साथ-साथ दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण चारों बेटियों की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करना परिवार के लिए बेहद कठिन था। ऐसे में आगे की पढ़ाई जारी रखना परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें चार लाख रुपये का शिक्षा ऋण स्वीकृत हुआ। इस आर्थिक सहायता ने उनकी पढ़ाई की राह आसान कर दी और अब वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही हैं।
अवनी कहती हैं कि आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए कई लोगों ने उन्हें पार्लर या सिलाई का कार्य सीखकर रोजगार अपनाने की सलाह दी थी, लेकिन उनका सपना स्वास्थ्य क्षेत्र में अपना करियर बनाने का था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की इस पहल ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है। अब उन्हें विश्वास है कि आर्थिक अभाव उनके भविष्य की राह में बाधा नहीं बनेगा। भविष्य में वह स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए समाज की सेवा करना चाहती हैं।
अवनी की माता सुमन शर्मा कहती हैं कि पहले आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की उच्च शिक्षा परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता होती थी, लेकिन इस योजना ने वह चिंता काफी हद तक दूर कर दी है। वे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए उच्च शिक्षा का भरोसेमंद सहारा बनकर उभरी है।
इसी प्रकार हरोली विधानसभा क्षेत्र के भदसाली गांव के तनिष्क जसवाल भी इस योजना का लाभ लेकर कम्प्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। प्रदेश सरकार से छह लाख रुपये का शिक्षा ऋण मिलने के बाद उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और अब वे पूरी एकाग्रता के साथ अपने करियर की तैयारी कर रहे हैं।

*मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण*
उच्च शिक्षा विभाग ऊना के उप निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस राशि का उपयोग ट्यूशन फीस, हॉस्टल शुल्क, भोजन, अध्ययन सामग्री तथा अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं पर किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि पहले योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा चार लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 12 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ-साथ मध्यमवर्गीय परिवारों के अधिक विद्यार्थी भी बिना आर्थिक चिंता के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

*पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया*
उप निदेशक ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा पिछली कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। योजना के अंतर्गत मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट सहित विभिन्न व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों के अलावा स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) तथा पीएचडी स्तर तक के पात्र पाठ्यक्रमों के लिए भी शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, सरल एवं पारदर्शी है। इसके अलावा इच्छुक विद्यार्थी उप निदेशक उच्च शिक्षा ऊना अथवा निदेशक उच्च शिक्षा, हिमाचल प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट से प्रपत्र-2 डाउनलोड कर निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर किसी भी कार्यदिवस में उप निदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय, ऊना में जमा कर सकते हैं।

*हर पात्र विद्यार्थी तक पहुंचे योजना का लाभ*
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, ताकि कोई भी योग्य विद्यार्थी  आर्थिक अभाव के कारण अपने भविष्य से समझौता न करे। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा उसकी आर्थिक परिस्थितियों की मोहताज नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन का प्रयास है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचे, ताकि कोई भी सपना केवल संसाधनों के अभाव में अधूरा न रह जाए।
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