डायल 112 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण, गोल्डन ऑवर में घायल की जान बचाने पर दिया गया जोर।
शेखपुरा जिले में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से शेखपुरा में डायल 112 के पुलिस पदाधिकारियों एवं सिपाहियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में चिकित्सकों ने सड़क हादसे के बाद के पहले एक घंटे, जिसे 'गोल्डन ऑवर' कहा जाता है, के महत्व की विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार ने डायल 112 के सभी पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को निर्देश देते हुए कहा कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही तत्काल घटनास्थल पर पहुंचें, घायल को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास करें तथा बिना विलंब किए उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार मिलने से कई गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अशोक सिंह ने प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की आवश्यक जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे में सही कदम उठाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को घायल की स्थिति का आकलन करने, रक्तस्राव रोकने, सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने सहित अन्य आवश्यक पहलुओं की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. प्रिय रंजन ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए और पुलिसकर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता के साथ कार्य करने की सलाह दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शेखपुरा थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, महिला थाना अध्यक्ष रिशु कुमारी, प्रीति कुमारी, डॉ. अशोक सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मी, डायल 112 के पुलिस पदाधिकारी एवं सिपाही बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर प्राथमिक उपचार और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना रहा।