रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की बड़ी परीक्षा, पांच संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक मॉक ड्रिल, राहत-बचाव तंत्र की परखी गई तैयारी,
रुद्रप्रयाग जनपद में आपदा प्रबंधन तंत्र की तत्परता, समन्वय क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था का आकलन करने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को मदमहेश्वर, कुंड, छेनागाड़, केदारनाथ पैदल मार्ग और नरकोटा सहित पांच संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान अगस्त्यमुनि खेल मैदान को स्ट्रेचिंग एरिया के रूप में विकसित कर राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न संभावित आपदा परिदृश्यों का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास कराया गया। मदमहेश्वर क्षेत्र में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद फ्लैश फ्लड आने और ट्रेक मार्ग पर स्थित एक प्रमुख पैदल पुल के बह जाने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इसके चलते रांसी, गौंडार और मदमहेश्वर के बीच संपर्क बाधित होने तथा लगभग 300 से 500 ट्रेकर्स, तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के फंसने का परिदृश्य तैयार किया गया। प्रतिकूल मौसम और भूस्खलन के बीच राहत एवं बचाव दलों ने सुरक्षित निकासी का अभ्यास किया।