भरगामा: भरगामा प्रखंड क्षेत्र में सामा-चकेवा की तैयारी जोरों पर, भाई-बहन के प्रेम को दर्शाता है सामा-चकेवा
भरगामा प्रखंड क्षेत्र में आज भी हमारी अनूठी संस्कृति व परंपरा सामा-चकेवा के रूप में आज भी जिंदा है। भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक सामा-चकेवा हमारी लोक-परंपरा का अनूठा उदाहरण है। पारंपरिक लोकगीतों से जुड़ा सामा-चकेवा हमारी संस्कृति की वह खासियत है जो सभी समुदायों के बीच व्याप्त जड़ बाधाओं को तोड़ता है। सामा चकेवा पर्व का संबंध पर्यावरण से भी है।