प्रयागराज साउथ मलाका हत्याकांड का खुलासा: बेटे और उसके साथी ने रची थी साजिश, एक करोड़ से अधिक के जेवर बरामद, तीन पुलिसकर्मी निलंबित*
प्रयागराज शहर के चर्चित साउथ मलाका बहुचर्चित हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार कारोबारी परिवार के सदस्यों की हत्या संपत्ति और करोड़ों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषणों के लालच में की गई थी। मामले में परिवार के बड़े बेटे अभिषेक वैश्य की भी संलिप्तता सामने आई है, जिसने अपने मित्र सनी गुप्ता के साथ मिलकर पूरे हत्याकांड की साजिश रची थी।
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सनी गुप्ता पुत्र रामबाबू गुप्ता, निवासी मुट्ठीगंज, ने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। जांच के दौरान उसकी निशानदेही पर भारी मात्रा में सोना-चांदी और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार बरामद पीली धातु (सोना) और अन्य आभूषणों की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि परिवार के भीतर संपत्ति और जेवरात के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी लालच में अभिषेक वैश्य ने अपने मित्र सनी गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की योजना बनाई। बाद में लूटे गए माल के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद अभिषेक की भी हत्या कर दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में साउथ मलाका चौकी क्षेत्र की पुलिस की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कोतवाली निरीक्षक, चौकी प्रभारी तथा संबंधित नाइट ड्यूटी उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि साउथ मलाका स्थित मकान से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को घर के अंदर परिवार के कई सदस्यों के शव मिले थे, जिसके बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बरामद आभूषणों और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है तथा आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश, साक्ष्य छिपाने और अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।