प्रेस विज्ञप्ति
जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई
08 अगस्त 2026
शीर्षक: जमुई के रावणेश्वर हॉल और झाझा के टाउन हॉल में 'पंच सम्मेलन' आयोजित। जिला पदाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों से की अपील— 'VB-G RAM G अधिनियम' के प्रभावी उपयोग से जल संरक्षण को प्राथमिकता देकर ग्रामीण विकास को दें नई दिशा
जमुई: जिले में 'विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G) अधिनियम-2025' के व्यापक प्रचार-प्रसार, जागरूकता और प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जमुई स्थित रावणेश्वर हॉल एवं नगर परिषद झाझा के टाउन हॉल में 'पंच सम्मेलन' का आयोजन किया गया। रावणेश्वर हॉल में अलीगंज,सिकंदरा, जमुई, बरहट और खैरा प्रखंड के प्रतिनिधियों हेतु इस सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ जिला पदाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया, जबकि झाझा टाउन हॉल में गिद्धौर, झाझा, लक्ष्मीपुर, सोनो और चकाई प्रखंड के प्रतिनिधियों हेतु उप विकास आयुक्त द्वारा कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिले के तीनों स्तरों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इस अधिनियम के प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, ग्राम पंचायतों की संस्थागत तैयारी को सुदृढ़ करना, सहभागी एवं साक्ष्य आधारित योजनाओं को बढ़ावा देना तथा जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है।
आज इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने अपने एक वर्ष के प्रशासनिक अनुभवों के आधार पर जिले के सर्वांगीण विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप योजना के सही सदुपयोग पर जोर देते हुए जल संरक्षण की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने सभी जल स्रोतों को चिन्हित कर व्यापक जल संचयन अभियान चलाने का आह्वान करते हुए स्पष्ट किया कि प्रत्येक नागरिक के लिए पीने के पानी की समुचित व्यवस्था किए बिना विकास की कोई भी अवधारणा पूरी नहीं हो सकती।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनाकांक्षाओं के परिप्रेक्ष्य में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जवाबदेही को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि "प्रशासनिक अधिकारी परीक्षा उत्तीर्ण कर सेवा में आते हैं, और जबतक कोई भारी गलती नहीं करे तब तक सेवा के लिए निर्धारित अवधि तक बने रहते हैं, परंतु जनप्रतिनिधियों को हर पांच वर्ष में 'जनता की अदालत' में पुनः अपने प्रदर्शन की परीक्षा देनी होती है। अतः जन-आकांक्षाओं पर पूर्ण रूप से खरा उतरना, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना ही आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता और नैतिक कर्तव्य है।" उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिनिधियों से जनहित में पूरी निष्ठा के साथ इस महत्वाकांक्षी योजना का क्रियान्वयन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में इस अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया और प्रतिनिधियों से ग्रामीण विकास को गति देने हेतु संकल्प लेने का आह्वान किया। आज के इस सम्मेलन में प्रशिक्षकों और अधिकारियों द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी के अनुसार, 01 जुलाई 2026 से लागू इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देकर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। इसमें जल सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को शामिल किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन और सामाजिक पारदर्शिता को सुनिश्चित करने में ग्राम पंचायतों की भूमिका सर्वोपरि रखी गई है।
इस सम्मेलन का समापन ग्रामीण विकास को नई दिशा देने, जल संरक्षण के संकल्प को धरातल पर उतारने तथा ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के साझा संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित समस्त जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर 'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम' के सफल क्रियान्वयन हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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Jamui, Bihar | Aug 8, 2026