सफलता की कहानी
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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से बदली श्री मनोज कुमार जैन की जिंदगी, मसाला उद्योग ने दिखाई आत्मनिर्भरता की राह
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश तथा ‘ *लोकल फॉर वोकल’* की परिकल्पना को जिले में धरातल पर साकार करने में शासकीय योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ लेकर विदिशा विकासखंड के निवासी उद्यमी श्री मनोज कुमार जैन ने मसाला प्रसंस्करण के क्षेत्र में सफलता हासिल कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। डी-मार्ट के सामने विदिशा निवासी श्री जैन आज आधुनिक मशीनों से मसाला उत्पादन एवं प्रसंस्करण का सफल व्यवसाय संचालित कर रहे हैं।
संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक का सफर -
श्री मनोज कुमार जैन बताते हैं कि उनके पास मसाला उत्पादन का हुनर और अनुभव तो था, लेकिन व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए आधुनिक मशीनरी और पर्याप्त पूंजी का अभाव था। छोटी मशीनों के माध्यम से सीमित उत्पादन हो पाता था। वहीं बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग की सुविधा नहीं होने के कारण स्थानीय बाजार में उत्पाद का अपेक्षित मूल्य भी नहीं मिल पाता था। सीमित संसाधनों के कारण व्यवसाय को विस्तार देना उनके लिए चुनौती बना हुआ था।
योजना ने दिया व्यवसाय विस्तार का संबल -
श्री जैन के जीवन में बदलाव उस समय आया, जब उन्हें उद्यानिकी विभाग, जिला विदिशा के माध्यम से भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त कर उन्होंने अपनी मसाला प्रसंस्करण इकाई के विस्तार के लिए योजना के अंतर्गत आवेदन किया।
वर्ष 2025-26 में इंडियन ओवरसीज बैंक, शाखा विदिशा के माध्यम से उन्हें 19.23 लाख रुपये का बैंक ऋण स्वीकृत हुआ। योजना के तहत उन्हें 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ भी प्राप्त हुआ। इस वित्तीय सहायता ने उनके व्यवसाय को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आधुनिक मशीनों से बढ़ा उत्पादन और मुनाफा -
ऋण राशि प्राप्त होने के बाद श्री मनोज कुमार जैन ने अपनी इकाई में आधुनिक मशीनरी स्थापित की। इनमें पल्वराइजर मशीन, मिक्सर मशीन तथा ऑटोमेटिक पैकेजिंग से संबंधित मशीनें शामिल हैं। आधुनिक तकनीक के उपयोग से अब मसालों का उत्पादन अधिक व्यवस्थित एवं बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। श्री जैन ने अपने उत्पादों को स्थानीय ब्रांड नाम के साथ आकर्षक पैकेजिंग में बाजार में उतारना शुरू किया। इससे उत्पाद की पहचान और बाजार में मांग बढ़ी। आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और व्यवस्थित उत्पादन के परिणामस्वरूप उनके व्यवसाय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
चार युवाओं को मिला रोजगार -
श्री जैन की सफलता केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके व्यवसाय के विस्तार से स्थानीय स्तर पर चार अन्य युवाओं को रोजगार भी मिला है। इस प्रकार योजना ने एक उद्यमी को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में योगदान दिया है। श्री मनोज कुमार जैन बताते हैं कि पहले उन्हें अपने व्यवसाय से लगभग 8 से 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी होती थी। आधुनिक मशीनरी और व्यवसाय विस्तार के बाद बैंक की किस्त तथा अन्य खर्चों का भुगतान करने के पश्चात अब उन्हें लगभग 35 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह का शुद्ध मुनाफा प्राप्त हो रहा है।
सरकारी योजना बनी सफलता की सीढ़ी -
श्री मनोज कुमार जैन की कहानी इस बात का उदाहरण है कि यदि हुनर, मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ शासकीय योजनाओं का लाभ मिले तो छोटे स्तर का व्यवसाय भी सफल उद्यम में परिवर्तित हो सकता है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना ने उन्हें आधुनिक तकनीक अपनाने, उत्पादन बढ़ाने, बेहतर पैकेजिंग करने और बाजार में अपने उत्पाद की पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान किया।
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति जताया आभार
सफल हितग्राही श्री मनोज कुमार जैन ने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, विदिशा जिला प्रशासन तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, जिला विदिशा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासकीय योजना से मिली आर्थिक सहायता और विभागीय मार्गदर्शन ने उनके व्यवसाय को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री जैन की सफलता यह संदेश देती है कि स्थानीय हुनर और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से छोटे उद्यमियों को मिल रहा सहयोग ‘लोकल फॉर वोकल’ और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूती प्रदान कर रहा है। #Vidisha #JansamparkMP
24 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Aug 26, 2026