गांधी जयंती पर ड्राई डे के बावजूद रावतभाटा में अवैध शराब बिक्री के आरोप, आबकारी विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
रावतभाटा। गांधी जयंती के अवसर पर पूरे देश में ड्राई डे घोषित रहता है और प्रशासन की ओर से नशामुक्ति, स्वच्छता तथा सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया जाता है। इसके बावजूद रावतभाटा शहर में शराब की कथित अवैध बिक्री और शराबियों के जमावड़े को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि गांधी जयंती पर भी पूरे शहर में बड़ी आसानी से अवैध रूप से शराब उपलब्ध हो रही है, जबकि शिकायतों के बावजूद प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया।
चारभुजा स्थित संस्कृत बालिका विद्यालय के सामने भी अवैध तरीके से लोकेशन लेकर शराब का ठिकाना संचालित होने का आरोप है। लगातार स्थानीय लोगों और शिक्षकों द्वारा इस संबंध में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विद्यालयों के सामने शराब की बिक्री से विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में रोष है।
लोगों का आरोप है कि शराबियों के जमावड़े के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है। पूर्व में भी शराबियों द्वारा स्कूल में घुसकर उत्पात मचाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे विद्यालय में अब तक डर का माहौल है। वहीं, आज ड्राई डे होने के बावजूद अवैध तरीके से शराब बिक्री के आरोपों ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार कई घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
गांधी जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से नशामुक्ति, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया जाता है। ऐसे में ड्राई डे के बावजूद स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास कथित अवैध शराब बिक्री की शिकायतों ने प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए मामले की तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
मुख्य बाजार में भी अवैध शराब के गोदाम का आरोप
रावतभाटा के मुख्य बाजार में भी कथित रूप से अवैध शराब का गोदाम संचालित होने की कई बार शिकायत सामने आई है। बाजार में स्कूली बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों की लगातार आवाजाही रहती है। इसके बावजूद यहां शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है और आए दिन विवाद की स्थिति पैदा होने का आरोप है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग अब तक मामले की गंभीरता से जांच नहीं कर पाया है। लोगों ने प्रशासन से चारभुजा स्थित विद्यालयों के सामने और मुख्य बाजार में संचालित बताए जा रहे अवैध शराब ठिकानों की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
पूरे शहर में अवैध बिक्री और तहसील में दर्जनों अवैध ब्रांचों के संचालन का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रावतभाटा शहर में चौबीसों घंटे अवैध शराब आसानी से उपलब्ध हो जाती है। लोगों के अनुसार, पूरी तहसील में दर्जनों छोटी-छोटी ब्रांचें संचालित हो रही हैं, जहां कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री की जाती है। आरोप है कि इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग चुप्पी साधे बैठे हैं।
जब पत्रकारों द्वारा आबकारी विभाग के अधिकारियों से कथित अवैध गोदामों और संचालित ब्रांचों के बारे में जानकारी मांगी जाती है, तो अधिकारी बड़े अधिकारी से बात करने की बात कहकर मामले को टाल देते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसके बाद कई बार अधिकारियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। इससे विभागीय निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों ने यह भी मांग की है कि गांधी जयंती के संदेश को धरातल पर उतारते हुए शहर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही स्कूलों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के आसपास नियमित निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि विद्यार्थियों, महिलाओं और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।