शैक्षणिक अराजकता, बदहाल शिक्षा व बेरोजगारी के खिलाफ छात्र-युवा संसद का आयोजन
शैक्षणिक बदहाली के लिए दिल्ली -पटना की सरकार जिम्मेवार - धनंजय
शैक्षणिक बदहाली व बेरोजगारी के लिए पटना-दिल्ली की सरकार जिम्मेवार - अजीत कुशवाहा
जेन जी व जेन अल्फा के बढ़ते आंदोलन में छात्राओं की आक्रामक भागीदारी - मीना तिवारी
6 सितंबर को पटना में आयोजित छात्र-युवा संसद में आइसा राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी लेगी भाग -आइसा
मुजफ्फरपुर
शैक्षणिक अराजकता, एनटी भंग करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने, 7.5CGPA की बाध्यता खत्म करने, फीस वृद्धि वापस लेने, सम्राट सरकार द्वारा घोषित एक
करोड़ नौजवानों को रोजगार देने सहित शैक्षणिक अराजकता व बदहाली दूर करने के सवाल पर आइसा व आरवाईए के द्वारा विश्वविद्यालय स्तर में मुजफ्फरपुर समाहरणालय परिसर में छात्र -युवा संसद का आयोजन किया गया जिसमें सैकडों की संख्या में छात्र-युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी हुई।
छात्र-युवा संसद को संबोधित करते हुए जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि बदहाल शिक्षा, पेपरलीक, फीस वृद्धि व स्कूलों ,कॉलेजों व विश्वविद्यालयों को संसाधनहीन करके देश के करोड़ों छात्रों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। 7.5 सीजीपीए भी छात्रों को पढ़ाई से वंचित करने का एक हथकंडा है। नई शिक्षा नीति शिक्षा के भगवाकरण और देशी-विदेशी कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए थोपा जा रहा है। इसके खिलाफ जंतर-मंतर से शुरू जेन जी का आंदोलन और व्यापक आक्रामक बन गया है। आइसा शहर से गांव छात्र - युवाओं के आंदोलन को और तेज करने में जुटा हुआ है।
आरवाईए केराष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा ने कहा कि इस देश में करोड़ों नौजवान बेरोजगार हैं। पटना - दिल्ली की सरकार बेरोगारी दूर करने के प्रति गंभीर नहीं है। ठेका-पट्टा और आउटसोर्सिंग की नीति युवाओं के जिन्दगी और भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव व माले पॉलिट ब्यूरो सदस्य मीना तिवारी ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का निजीकरण करके गरीब छात्र-छात्राओं को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। लड़कियों और महिलाओं के रोजगार के प्रति सरकार कहीं से गंभीर नहीं है। छात्राओं और महिलाओं पर हिंसक कारवाई और बलात्कार की घटनाएं तेजी से बढ़ रही लेकिन इसको रोकने के प्रति सरकार गंभीर नहीं है। नई पीढ़ी जिसमें लड़कियां भी है शिक्षा और रोजगार ,सम्मान के लिए तथा अप संस्कृति के खिलाफ लड़कर आगे बढ़ने के लिए अब तैयार है। उन्होंने चुनाव में वोट का अधिकार 16 साल के युवाओं को भी देने की वकालत की।
RYA के के राज्य उपाध्यक्ष संदीप चौधरी ने कहा कि गांव में विद्यालयों में कैमरे और विषयवार शिक्षक नहीं है। शिक्षित नौजवान बाहर पलायन को मजबूर हैं। इसके खिलाफ संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है।
इस छात्र-युवा संवाद कार्यक्रम के जरिए नई शिक्षा नीति वापस लेने ,एन टी ए को भंग करने ,पेपर लीक पर रोक लगाने, फीस वृद्धि वापस लेने, 7.5 सीजीपीए की बाध्यता खत्म करने व नौजवानों को रोजगार देने के सवाल पर अभियान चलाकर इस संदेश को हर गांव, स्कूल ,कॉलेज तक पहुंचाने का आह्वान किया गया ।
छात्र-युवा संसद में नेताओं ने व्यापक शिक्षा सुधार व रोजगार के सवाल पर 6 सितंबर को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल सभागार में होनेवाले छात्र-युवा संसद व संवाद में शामिल होने का आह्वान किया गया जिसे माले महासचिव कॉ• दीपंकर भट्टाचार्य ,आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, हबीबा, इरफान ,प्रो•मेडुसा सहित अन्य नेता संबोधित करेंगे।
इस संवाद कार्यक्रम को चर्चित महिला कार्यकर्ता शेफाली, समाजवादी नेता शाहिद कमाल ने भी संबोधित किया। छात्र नेता मनीष, प्राची, शिवम , साफी, भाजका-माले जिला सचिव जितेंद्र यादव, दीपक सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन आइसा सात सदस्यीय टीम ने किया जिसमें आइसा के जिला संयोजक नीरज, मनीष, प्राची पराशर, आरवाईए के जिला अध्यक्ष विवेक कुमार, उपाध्यक्ष शफीकुर रहमान, मो.ऐजाज, विकास रंजन ने किया।
आइसा-आरवाईए नेताओं दावारा बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और रोजगार को सुनिश्चित करने की जेन जी और जेन अल्फा के आंदोलन को सभी न्यायप्रिय नागरिकों से आगे बढ़ कर सहयोग व समर्थन की अपील की गई।