#महिला_अपराधों_में_हुई_वृद्धि..
भरतपुर। जिले में कानून व्यवस्था और अपराध के ग्राफ की समीक्षा करने पहुंचे एडीजी (क्राइम) बिपिन पांडेय ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में क्षेत्र में अपराध के ग्राफ में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2025 में राजस्थान के अन्य जिलों की तरह भरतपुर में भी सभी प्रकार के अपराधों में भारी गिरावट आई थी, विशेषकर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में उल्लेखनीय कमी देखी गई थी। वर्तमान वर्ष के आंकड़ों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि साल 2024 की तुलना में अपराध बढ़े नहीं हैं, हालांकि महिला अत्याचार से जुड़े कुछ मामलों में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन साल 2023 की तुलना में ये आंकड़े अभी भी काफी कम हैं। एडीजी ने क्षेत्र में साइबर क्राइम की स्थिति पर भी चर्चा की और माना कि भरतपुर में साइबर अपराध के मामले पड़ोसी जिलों जितने गंभीर नहीं हैं, फिर भी पुलिस इस पर कड़ी निगरानी रख रही है। उन्होंने मुकदमों के लंबित रहने (पेंडेंसी) का मुख्य कारण जांच अधिकारियों की कमी को बताया और कहा कि हाल ही में हुए प्रमोशन के बाद अब स्टाफ की कमी दूर हो गई है, जिसके चलते लंबित मामलों को आगामी दो महीने में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि पिछले चार-पांच महीनों में भरतपुर जिला राज्य के औसत प्रदर्शन के आसपास रहा है। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा मॉनिटर किए जाने वाले विभिन्न मानकों में भी जिले ने बेहतरीन प्रगति की है और उम्मीद जताई कि नए पुलिस नेतृत्व में भरतपुर जल्द ही राज्य के औसत से भी बेहतर प्रदर्शन करेगा।