प्रमंडलीय आयुक्त के निदेश पर नीलाम-पत्र वादों के त्वरित निष्पादन हेतु प्रमंडल-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया
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सभी छः जिलों के पदाधिकारियों को पीडीआर साॅफ्टवेयर के बारे में विधिवत प्रशिक्षण दिया गया
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नीलाम-पत्र वादों का बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक; इन वादों का ससमय निष्पादन प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता एवं कार्य क्षमता का द्योतक: प्रमंडलीय आयुक्त
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मुजफ्फरपुर, गुरूवार, दिनांक 05.11.2026ः
आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर श्री गिरिवर दयाल सिंह के निदेश पर आज समाहरणालय, मुजफ्फरपुर स्थित सभागार में नीलाम-पत्र वादो के त्वरित निष्पादन हेतु प्रमंडल-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रमंडल-अन्तर्गत सभी छः जिलों यथा मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, वैशाली एवं शिवहर के अपर समाहर्ता राजस्व/नीलाम पत्र वादों के नोडल पदाधिकारी, नीलाम-पत्र के प्रभारी पदाधिकारीगण, सभी संबंधित विभागों के नोडल पदाधिकारी, बैंकों के नोडल पदाधिकारी तथा डाटा इन्ट्री आॅपरेटर उपस्थित थे। आयुक्त के सचिव श्री संदीप शेखर प्रियदर्शी द्वारा सभी नीलाम-पत्र पदाधिकारियों को नीलाम-पत्र से संबंधित वादों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु पीडीआर साॅफ्टवेयर के बारे में विधिवत प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि राजस्व पर्षद, बिहार द्वारा नीलाम-पत्र वादों के गुणवतापूर्ण निष्पादन के लिए नए पीडीआर साॅफ्टवेयर का निर्माण किया गया है। इसी के बारे में आप सभी को आज प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आप सभी पदाधिकारियों से आशा की जाती है कि आप इस प्रशिक्षण का लाभ उठाते हुए पीडीआर साॅफ्टवेयर का सफल संचालन करें।
गौरतलब है कि जिला स्तर पर मास्टर प्रशिक्षक दल का गठन किया गया है। इस दल में अपर समाहर्ता (राजस्व), नीलाम-पत्र प्रभारी पदाधिकारियों, लिपिकों, डाटा इन्ट्री आॅपरेटर, प्रोग्रामर तथा अन्य को शामिल किया गया है। आज के कार्यक्रम में मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा ज़िलों के सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों, बैंकों के नोडल पदाधिकारियों, डाटा इन्ट्री आॅपरेटर एवं अन्य को पीडीआर सॉफ़्टवेयर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सभी नोडल पदाधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी नीलाम-पत्र पदाधिकारी प्रशिक्षण के पश्चात अपनी आईडी नए लोक मांग वसूली साॅफ्टवेयर पर सृजित कर लेंगे।
प्रमंडलीय आयुक्त ने अपने संदेश में कहा कि पीडीआर (PDR-Public Demands Recovery) साॅफ्टवेयर बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 (Bihar and Orissa Public Demands Recovery Act, 1914) के तहत लोक मांग (लोन/बकाया राशि) की वसूली प्रक्रिया को आॅनलाईन करने हेतु बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी धन की वसूली और पीडीआर सर्टिफिकेट मामलों का ऑनलाइन माध्यम से त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निपटारा करना है। इससे प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता सुदृढ़ होगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि इस पोर्टल पर अलग-अलग उपयोगकर्ताओं के लिए अलग-अलग लाॅगिन/क्रेडेंशियल उपलब्ध है, जिनके माध्यम से वे अपना-अपना कार्य कर सकते हैं-जैसे रिक्विजिशन दाखिल करना, केस देखना, आदेश पारित करना या अपील/रिविजल दाखिल करना।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नीलाम-पत्र वादों का बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है। इसके प्रति सरकार काफ़ी सजग है। पीडीआर साॅफ्टवेयर का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नीलाम पत्र वादों का ससमय निष्पादन प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता एवं कार्य क्षमता का परिचायक है। अतः संबंधित पदाधिकारीगण इसके प्रति तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नीलाम पत्र वादों में सरकार के विभिन्न विभागों, बैंकों तथा अन्य एजेंसियों की बड़ी राशि निहित है। यह चिंताजनक है। उनके स्तर से प्रमंडल अन्तर्गत सभी जिलों में नीलाम पत्र वादों के निष्पादन में प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। सभी समाहर्त्ताओं एवं पुलिस अधीक्षकों को पूर्व में निदेश दिया गया है कि अपने-अपने जिला में अपर समाहर्त्ता एवं पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को नीलाम पत्र वाद के त्वरित निस्तारण हेतु नोडल पदाधिकारी बनाएँ। नीलाम पत्र के नोडल पदाधिकारियों को नीलाम पत्र वादों में प्रगति लाने के लिए निदेशित करें एवं वादों के निष्पादन में प्रगति की स्वयं नियमित समीक्षा करें। विभिन्न सरकारी विभागों, राष्ट्रीय बैंकों, सहकारी बैंकों एवं सरकारी लोक उपक्रमों के लंबित नीलाम पत्र वादों का तेजी से निपटारा कराएँ। विभागवार एवं बैंकवार सन्निहित राशि का विवरण संधारित रखें एवं तदनुसार कार्रवाई करें। जिले में पदस्थापित पदाधिकारियों में सर्टिफिकेट वादों का विवेकसम्यक समानुपातिक रूप से वितरण सुनिश्चित रखें ताकि उसका निष्पादन त्वरित गति से हो सके।आवश्यकतानुसार नीलाम पत्र वाद के कोर्ट की संख्या बढ़ाने हेतु अन्य पदाधिकारियों को कार्यहित में नीलाम पत्र पदाधिकारी की शक्ति प्रदान करने के लिए नियमानुसार प्रस्ताव दें।
आयुक्त ने कहा कि पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बड़े बकाएदारों तथा सबसे पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर विशेष रूचि लेते हुए शीघ्र निष्पादित करें।
आयुक्त ने कहा कि सभी जिला पदाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को महीने में कम-से-कम दो दिन नीलाम पत्र वादों में प्रगति की संयुक्त समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि बडी वारंट की संख्या बढ़ाएँ तथा डिस्ट्रेस वारंट का एक्ज़ेक्यूशन अच्छे ढंग से कराएँ। पुलिस अधीक्षकों को थानावार समीक्षा कर वारंट एक्ज़ेक्यूशन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नीलाम पत्र की शक्ति प्राप्त पदाधिकारियों को सप्ताह में कम-से-कम तीन दिन कोर्ट कर वादों का तीव्र गति से नियमानुसार निष्पादन करना होगा। उन्होंने कहा कि पुराने वादों में नोटिस भेजने के पश्चात भी देनदार द्वारा राशि जमा नहीं किए जाने पर राजस्व की वसूली हेतु बॉडी वारंट एवं डिस्ट्रेस वारंट निर्गत किया जाए। वारंट का विधिवत तामिला कराया जाए। स्थानीय थाना का सहयोग लिया जाए। बॉडी वारंट तथा डिस्ट्रेस वारंट लंबित नहीं रहना चाहिए। बकायेदारों से राशि की शत-प्रतिशत वसूली की जाए।
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