बागेश्वरी गुमटी के पास मौत को दावत देता क्षतिग्रस्त बैरियर, आवागमन ठप; विभागीय लापरवाही पर फूटा लोगों का गुस्सा
गया। शहर के उत्तरी हिस्से में बागेश्वरी गुमटी के पास प्रस्तावित आरओबी (रेल ओवरब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान लगाया गया हाई गेज लोहे का बैरियर क्षतिग्रस्त होकर लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है। बैरागी कलाली मोड़ के समीप पुल निर्माण विभाग द्वारा लगाया गया यह बैरियर अब सड़क की ओर बुरी तरह झुक गया है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। स्थानीय लोग का कहना है कि बैरियर कभी भी पूरी तरह गिर सकता है और यदि समय रहते इसे नहीं हटाया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार की सुबह एक माल वाहन की टक्कर से बैरियर पहली बार क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद शुक्रवार सुबह आज एक ट्रैक्टर चालक की लापरवाही के कारण बैरियर और अधिक नीचे झुक गया। हालांकि दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन बैरियर की वर्तमान स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है। राहगीर और छोटे वाहन किसी तरह इसके नीचे से गुजर रहे हैं, जिससे हर पल दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी आकाश कुमार, रोहित कुमार और आशा देवी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बैरियर निर्माण में मानक के अनुरूप मजबूत लोहे का उपयोग नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्धारित गुणवत्ता और मोटाई वाले लोहे का इस्तेमाल किया गया होता तो मामूली टक्कर में बैरियर इस तरह क्षतिग्रस्त नहीं होता। लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी एजेंसी और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों ने पूरे निर्माण कार्य में कमीशनखोरी की आशंका भी जताई है।
क्षतिग्रस्त बैरियर का असर आसपास के इलाकों की सामान्य दिनचर्या पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बैरियर के कारण पावरगंज-बागेश्वरी मार्ग पर वाहनों का परिचालन प्रभावित है। सबसे अधिक परेशानी पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय संख्या-1 के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को हो रही है। स्कूल बसें और बच्चों को लाने-ले जाने वाले अन्य वाहन इस मार्ग से नहीं गुजर पा रहे हैं, जिसके कारण अभिभावकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है और बच्चों को समय पर विद्यालय पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
समस्या केवल यातायात तक सीमित नहीं है। वार्ड संख्या-10 के पार्षद गोपाल पासवान ने बताया कि बैरियर के कारण नगर निगम के सफाई वाहन और कचरा ढुलाई करने वाली गाड़ियां भी प्रभावित क्षेत्र तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इससे इलाके में नियमित सफाई व्यवस्था बाधित हो गई है और कई स्थानों पर कचरे का अंबार लगने लगा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो लोगों को स्वच्छता संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
वार्ड पार्षद गोपाल पासवान ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने पुल निर्माण निगम के कनीय अभियंता से बात की, लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अभियंता ने कहा कि "पूरा टूट जाने दीजिए, उसके बाद हटाया जाएगा।" इस कथित जवाब से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, जबकि प्रशासन की जिम्मेदारी संभावित दुर्घटना को पहले ही रोकने की होती है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बैरियर क्षतिग्रस्त होने के बाद अब तक पुल निर्माण विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। इससे विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वार्ड पार्षद गोपाल पासवान ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते बैरियर को सुरक्षित नहीं किया गया और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और उसके अधिकारियों की होगी।
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