बड़ी खबर: केदारनाथ में खच्चरों के संचालन को लेकर विवाद के बाद तीर्थयात्रियों से मारपीट,
तीन अज्ञात खच्चर चालकों पर मुकदमा, जंगलचट्टी क्षेत्र की घटना, लाठी से हमला कर तीर्थयात्रियों को किया चोटिल,
पुलिस ने शुरू की आरोपितों की पहचान की कार्रवाई,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों के साथ अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। जंगलचट्टी क्षेत्र में खच्चरों के संचालन को लेकर हुए विवाद के बाद तीन खच्चर चालकों ने महाराष्ट्र के मुंबई से आए तीर्थयात्रियों के साथ कथित रूप से लाठी-डंडों से मारपीट कर उन्हें चोटिल कर दिया। घटना का संज्ञान लेते हुए कोतवाली सोनप्रयाग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अज्ञात खच्चर चालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115 (2) के तहत अभियोग दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, एक अक्टूबर को महाराष्ट्र के मुंबई निवासी मानजी वाधजी वाविया और उनके साथी भानजी दामजी पटेल श्री केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पैदल मार्ग से केदारनाथ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जंगलचट्टी क्षेत्र में खच्चरों के संचालन को लेकर उनकी कुछ खच्चर चालकों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर तीन खच्चर चालकों ने तीर्थयात्रियों के साथ मारपीट शुरू कर दी और लाठी से हमला कर उन्हें चोटिल कर दिया।
घटना के बाद पीड़ित तीर्थयात्रियों ने कोतवाली सोनप्रयाग पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम अब घटना में शामिल खच्चर चालकों की पहचान करने के साथ ही उनके संबंध में आवश्यक जानकारी जुटा रही है। मामले की विवेचना प्रचलित है और पुलिस घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।
पुलिस का कहना है कि केदारनाथ धाम यात्रा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन से जुड़े लोगों को यात्रियों के साथ शालीन एवं मर्यादित व्यवहार करने तथा यात्रा व्यवस्था में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
रुद्रप्रयाग पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता, मारपीट अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की कार्रवाई से यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सख्ती का संदेश गया है।