मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, सामाजिक सरोकार भी
शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में युवा एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष व्याख्यान का आयोजन
शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. बी. डी. श्रीवास्तव के संरक्षण एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी. पी. बैरागी के मार्गदर्शन में, समाजशास्त्र विभाग द्वारा “युवा एवं मानसिक स्वास्थ्य : एक समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का उद्देश्य युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को व्यक्तिगत अनुभवों तक सीमित न रखते हुए उसके सामाजिक, पारिवारिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आयामों को समझना तथा छात्राओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता शासकीय माता जीजाबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. राजश्री शाह रहीं। उन्होंने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के सामाजिक परिवेश, पारिवारिक संबंधों, सामाजिक अपेक्षाओं, शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा तथा बदलती जीवनशैली से गहराई से जुड़ा हुआ है। युवावस्था में पहचान निर्माण, आत्मसम्मान, भावनात्मक संतुलन, भविष्य की अनिश्चितता एवं सामाजिक दबाव जैसी चुनौतियाँ युवाओं को प्रभावित करती हैं। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने, खुलकर संवाद करने, सकारात्मक सामाजिक संबंध विकसित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित परामर्श एवं सहयोग प्राप्त करने के महत्व को समझाया।
समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को समझने के लिए व्यक्ति के साथ-साथ परिवार, मित्र समूह, शैक्षणिक संस्थानों एवं व्यापक सामाजिक संरचना की भूमिका को समझना भी आवश्यक है। युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण एवं संवर्धन में सहयोगात्मक सामाजिक वातावरण की महत्वपूर्ण भूमिका है।
विभागाध्यक्ष प्रो. निशा जैन द्वारा प्रो. राजश्री शाह का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शीतल झा द्वारा किया गया। व्याख्यान में समाजशास्त्र विभाग की प्राध्यापक प्रो. ज्योति मेहता, प्रो. रेणुका उपाध्याय एवं प्रो. संगीता शर्मा सहित लगभग 80 छात्राओं ने सहभागिता की।
व्याख्यान ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य को व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक संदर्भों में समझने तथा एक संवेदनशील और सहयोगात्मक समाज के निर्माण में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान किया।
Indore, Madhya Pradesh | Oct 30, 2026