युवा महोत्सव संस्कृति, परंपरा और युवा प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंचः सुमन बहमनी
डीएवी गर्ल्स कॉलेज में 49वें युवा महोत्सव का आगाज
यमुनानगर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सौजन्य से डीएवी गर्ल्स कॉलेज में आयोजित 49वें युवा महोत्सव का शुभारंभ मेयर सुमन बहमनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक डॉ. विवेक चावला, डीएवी यूनिवर्सिटी जालंधर की पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. सुषमा आर्य, पंजाब यूनिवर्सिटी के खेल विभाग की पूर्व डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विश्व मोहिनी और उद्योगपति सुशांत सैनी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. सुरिंदर कौर ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने का सशक्त मंच है। हरियाणा की संस्कृति की पहचान केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भी है। प्रदेश सरकार हरियाणवी विरासत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। युवा महोत्सव में विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को हरियाणवी संस्कृति के साथ-साथ अन्य कलाओं और विधाओं से भी रूबरू होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि वीरों की धरती हरियाणा खेलों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे कुवि के विद्यार्थी
डॉ. विवेक चावला ने कहा कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान करता है। जोनल और इंटर-जोनल युवा महोत्सव के बाद विभिन्न कॉलेजों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शामिल कर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम तैयार की जाती है। पिछले वर्ष कुवि की टीम ने राष्ट्रीय युवा महोत्सव में तीसरा स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया था। देश के सरकारी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में कुवि की टीम का मुंबई विश्वविद्यालय के समकक्ष खड़ा होना गौरव की बात है।
संस्कृति, परंपरा और युवा शक्ति का उत्सव है युवा महोत्सव
कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. सुरिंदर कौर ने कहा कि युवा महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा, सृजनात्मकता और युवा शक्ति का उत्सव है। हरियाणा की संस्कृति की अपनी विशिष्ट पहचान है। यहां की रागनियां, लोकगीत, लोकनृत्य, सांग, पारंपरिक वेशभूषा और लोकवाद्य प्रदेश की मिट्टी की खुशबू को अपने भीतर समेटे हुए हैं। संस्कृति केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान की पहचान भी है। युवा महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने, संजोने और आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कनवीनर डॉ नीता द्विवेदी, को-कनवीनर डॉ गुरशन कौर, को-ओडिनेटर डॉ रीटा सिंह, डॉ मीनाक्षी व निशी ग्रोवरी ने योगदान दिया।