वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना की लॉटरी पर उठे सवाल, श्री राम सेना (मेवाड़) ने निष्पक्ष जांच की मांग की
उदयपुर। श्री राम सेना (मेवाड़) ने राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत हाल ही में जारी लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में देवस्थान विभाग के शासन सचिव को ज्ञापन भेजकर चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, पक्षपात एवं अपात्र व्यक्तियों के चयन की जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यमवर्गीय वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करना है। लेकिन हाल ही में जारी लॉटरी सूची के अवलोकन से ऐसा प्रतीत होता है कि चयनित यात्रियों में कई ऐसे लोग शामिल हैं जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं तथा स्वयं अपने खर्च पर यात्रा करने में सक्षम हैं। इससे योजना के वास्तविक उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।
श्री राम सेना (मेवाड़) ने मांग की है कि लॉटरी में चयनित सभी यात्रियों के आवेदन एवं दस्तावेजों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही चयनित व्यक्तियों की आय, आर्थिक स्थिति एवं पात्रता की नियमों के अनुरूप जांच की जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, पक्षपात, नियमों का उल्लंघन या पद के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
संगठन ने यह भी मांग की है कि अपात्र व्यक्तियों का चयन निरस्त कर आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजना का लाभ दिया जाए तथा भविष्य में चयन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं सत्यापन आधारित बनाया जाए। ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया है कि वर्तमान लॉटरी को निरस्त कर पुनः नई लॉटरी निकाली जाए ताकि आमजन का सरकारी योजनाओं पर विश्वास बना रहे और योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों तक पहुंच सके।