बलरामपुर: खेत में लगे सागौन-लिप्टिस के करीब 25 पेड़ काटकर ले जाने का आरोप, जिम्मेदारों की निगरानी पर उठे सवाल
कोतवाली देहात क्षेत्र के सुखुई कला गांव का मामला, पीड़ित ने पुलिस से की शिकायत; कटान व लोडिंग परमिट था या नहीं, जांच का विषय
बलरामपुर। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम सुखुई कला निवासी विवेक कुमार गुप्ता ने प्रभारी निरीक्षक को शिकायती पत्र देकर खेत में लगे सागौन और लिप्टिस के पेड़ काटकर ले जाने तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
पीड़ित के मुताबिक 13 सितंबर 2026 की सुबह करीब 4 बजे उसके खेत के आसपास लगे सागौन और लिप्टिस के छोटे-बड़े पेड़ों को काटा गया। आरोप है कि मिश्रा पुत्र स्वर्गीय कैलाश नाथ मिश्रा, निवासी ग्राम सुखुई कला, थाना कोतवाली देहात सहित अन्य लोगों ने पेड़ों को काटकर उठा लिया।
बताया जा रहा है कि मौके पर दो प्रजातियों के करीब 25 पेड़ों का कटान किया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि पेड़ों की कटान के लिए कटान परमिट और लकड़ी की लोडिंग/परिवहन परमिट मौजूद था या नहीं? यदि परमिट नहीं था तो इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटान और लकड़ी की लोडिंग कैसे हो गई और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने मामले का विरोध किया तो उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
सरकार की अपील के बीच पेड़ों की कटान पर बड़ा सवाल
एक ओर सरकार लगातार लोगों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि आरोप सही हैं तो धड़ल्ले से पेड़ों की कटान और उन्हें चोरी-छिपे ले जाने का मामला गंभीर सवाल खड़े करता है।
सवाल यह है कि करीब 25 पेड़ आखिर किसकी अनुमति से काटे गए? कटान और लोडिंग परमिट था या नहीं? यदि परमिट था तो किसके नाम और कितने पेड़ों का था? और यदि परमिट नहीं था तो जिम्मेदार विभाग को इतने पेड़ों के कटान की जानकारी क्यों नहीं हुई?
मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस/विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
Balrampur, Balrampur | Sep 13, 2026