तीन दशकों की राष्ट्रसेवा को शिरडी में मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, जैसलमेर के दमाराम गोगली होंगे सम्मानित
जैसलमेर : मनोहर लाल राठौड़
जैसलमेर । शिक्षा, रक्तदान, दिव्यांग सेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जनकल्याण के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय से निरंतर सक्रिय रहकर समाजसेवा करने वाले जैसलमेर जिले के एका निवासी एवं राउमावि दव में पदस्थापित अध्यापक दमाराम गोगली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। महाराष्ट्र के शिरडी स्थित होटल साईं पासा में आगामी 6 सितंबर को आयोजित होने वाले 26वें अखिल भारतीय प्रतिभा महासम्मेलन-2026 में उन्हें राष्ट्रहित में किए गए विशिष्ट योगदान, उत्कृष्ट कार्यों एवं अनुकरणीय सेवाओं के लिए ‘सम्माननीय पुरस्कारार्थी’ के रूप में आमंत्रित किया गया है। भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, पराक्रम एवं अमर बलिदान की गौरवशाली परंपरा को समर्पित इस राष्ट्रीय महासम्मेलन का आयोजन वर्ल्ड वंडर्स टैलेंट फाउंडेशन एवं ज्ञान उदय फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभाएं, समाजसेवी, शिक्षाविद्, उद्यमी, कलाकार तथा राष्ट्रसेवा से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्व भाग लेंगे। भानु सेवा संस्थान फलोदी के संरक्षक दमाराम गोगली लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। विशेष रूप से रक्तदान को जनसेवा का अभियान बनाने की दिशा में उन्होंने युवाओं एवं आमजन को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयासों से रक्तदान शिविरों, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों तथा जरूरतमंदों की सहायता से जुड़ी गतिविधियों को निरंतर गति मिली। उनकी समाजसेवा केवल रक्तदान तक सीमित नहीं रही। शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता, दिव्यांग सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों में भी वे सक्रिय रहे हैं। लंबे समय से बिना किसी प्रचार की अपेक्षा के किए जा रहे उनके सेवाकार्यों को स्थानीय एवं जिला स्तर पर भी विभिन्न अवसरों पर सराहना और सम्मान प्राप्त हुआ है। दमाराम गोगली भानु सेवा संस्थान फलोदी से भी जुड़े हुए हैं। संस्था के माध्यम से वे रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, दिव्यांग सेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके सेवाकार्यों का उद्देश्य जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा है। आयोजकों द्वारा गोगली को ‘सम्माननीय पुरस्कारार्थी’ के रूप में आमंत्रित किए जाने को उनकी तीन दशकों से अधिक लंबी समाजसेवा यात्रा की राष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है। जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले से निकलकर शिक्षा के साथ सामाजिक सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर योगदान देने वाले गोगली का राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होना क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।आयोजकों के अनुसार अखिल भारतीय प्रतिभा महासम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक जागरूकता, भारतीय संस्कृति, सैन्य सम्मान एवं राष्ट्रनिर्माण की भावना को मजबूत करना है। महासम्मेलन में शिक्षा, पर्यावरण, उद्योग, नवाचार, सामाजिक सेवा, महिला सशक्तीकरण, साहित्य तथा कला-संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया जाएगा l शिरडी में दमाराम गोगली को मिलने वाला सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत सेवाकार्यों की उपलब्धि नहीं बल्कि जैसलमेर एवं पश्चिमी राजस्थान की सामाजिक सेवा परंपरा का भी राष्ट्रीय सम्मान माना जा रहा है। उनके सम्मान की खबर से क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। तीन दशक से अधिक समय तक शिक्षा और समाजसेवा को साथ लेकर चलने वाले दमाराम गोगली का शिरडी में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान उनकी सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। उनके सम्मान से जैसलमेर की उन सामाजिक शक्तियों को भी राष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से रक्तदान, शिक्षा, पर्यावरण, दिव्यांग सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।