⏩कहानी बदलाव की
⏩बांधवगढ़ में बढ़ रहा गौर का कुनबा
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बड़े शाकाहारी वन्यजीव निभाते हैं जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका
⏩ मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ में बड़े शाकाहारी वन्यजीवों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। बांधवगढ़ में गौर (इंडियन बायसन) की संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गौर और वन भैंसा देखने में कुछ समान प्रतीत हो सकते हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग प्रजातियों से संबंधित हैं और इनके आवास तथा खान-पान में भी अंतर है।
⏩ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक श्री अनुपम सहाय ने बताया कि गौर, जिसे भारतीय बायसन भी कहा जाता है, एशिया का सबसे बड़ा जंगली गौवंश है। बांधवगढ़ में गौर वर्ष 1998 में विलुप्त हो गया था। इसके बाद वर्ष 2011-12 में कान्हा से 50 गौर लाकर बांधवगढ़ में पुनः स्थापित किए गए। इनकी संख्या बढ़कर लगभग 170 तक पहुंची। आनुवंशिक विविधता बनाए रखने के उद्देश्य से सतपुड़ा से भी गौर �
1 views | Umaria, Madhya Pradesh | Sep 22, 2026