कंपनी के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में फर्जी बैंक गारंटी देने वाला आरोपी गिरफ्तार।
गुरुग्राम, गौरव गर्ग,10 अक्टूबर । 18 सितंबर 2025 को FarMart Service Private Limited के पदाधिकारी ने थाना उद्योग विहार, गुरुग्राम में एक शिकायत के माध्यम से बतलाया कि Bhartiya Natural Products (BNP) का प्रोपराइटर राजेंद्र चेरूकुरी गेहूं की आपूर्ति के व्यावसायिक लेन-देन के संबंध में इनकी कंपनी के संपर्क में आया था। शुरुआत में गेहूं की आपूर्ति से जुड़े लेन-देन सामान्य रूप से हुए, जिसके आधार पर कंपनी का आरोपी के साथ व्यावसायिक विश्वास स्थापित हो गया। जिसके बाद आरोपी द्वारा बड़े स्तर पर गेहूं की आपूर्ति के लिए व्यावसायिक प्रस्ताव दिया गया तथा इसके लिए 14 अक्टुबर 2022 को बैंक के नाम से 2 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी प्रस्तुत की गई। उक्त बैंक गारंटी को व्यावसायिक लेन-देन में सुरक्षा के रूप में दिया गया था, जिससे कंपनी को भुगतान में चूक होने की स्थिति में आर्थिक नुकसान की भरपाई होने का भरोसा हुआ। कंपनी द्वारा आरोपी को गेहूं की आपूर्ति की गई तथा संबंधित इनवॉइस जारी किए गए। इन बिलों का भुगतान आंशिक रूप से किया गया, जबकि शेष भुगतान बकाया रह गया। बैंक गारंटी प्रस्तुत किए जाने के बाद बड़ी मात्रा में माल की आपूर्ति की गई, लेकिन संबंधित बिलों का भुगतान नहीं किया गया। बकाया भुगतान की राशि लगभग 54.50 लाख रुपये होने पर जब कंपनी ने बकाया राशि की वसूली के लिए प्रस्तुत बैंक गारंटी को भुनाने की प्रक्रिया शुरू की तो इनको पर चला कि बैंक गारंटी को फर्जी है। आरोपी द्वारा बैंक के नाम की मुहर तथा स्टाम्प संबंधी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बैंक गारंटी को वास्तविक दर्शाया गया था। शिकायत के आधार पर थाना उद्योग विहार, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।
आर्थिक अपराध शाखा-2, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने कार्यवाही करते हुए उपरोक्त अभियोग में एक आरोपी को 8 अक्टूबर को कोलकाता से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान जयनता कुंडू (उम्र-48 वर्ष) निवासी नील रतन मुखर्जी रोड, हावड़ा, पश्चिम-बंगाल के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपी सॉफ्टवेयर बनाने का काम करता है। उपरोक्त मामले में फर्जी बैंक गारंटी बनाने के बदले आरोपी को 24 लाख 30 हजार रुपए मिले थे। उपरोक्त अभियोग में आरोपी राजेंद्र को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस टीम द्वारा आरोपी से अन्य तथ्यों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। अभियोग अनुसंधानाधीन है।