पितृपक्ष से पहले गया में स्वच्छता का शंखनाद: विष्णुपद से निकली सफाई की फौज, DM से लेकर पार्षदों तक ने उठाई झाड़ू
25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले को लेकर नगर निगम ने कसी कमर, 10 अक्टूबर तक लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए साफ-सफाई, पानी और रोशनी की व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर
गया। पितृपक्ष मेले की तैयारियों को लेकर गया नगर निगम ने अब पूरी तरह कमर कस ली है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को पवित्र विष्णुपद मंदिर के प्रांगण से नगर निगम के विशेष स्वच्छता दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, मेयर गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ. गगन, पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव सहित नगर निगम के सभी वार्ड पार्षद मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सिर्फ स्वच्छता दल को रवाना कर औपचारिकता पूरी नहीं की गई, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने खुद हाथों में झाड़ू थामकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया। जिलाधिकारी, मेयर, नगर आयुक्त, पूर्व डिप्टी मेयर और वार्ड पार्षदों ने विष्णुपद मंदिर परिसर में सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान लोगों से भी अपील की गई कि पवित्र गया जी को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में नगर निगम का सहयोग करें।
लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर विशेष तैयारी
पितृपक्ष मेला गया के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर सहित विभिन्न पिंडवेदी स्थलों पर पिंडदान और तर्पण करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने इस बार सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी शुरू की है। मेला क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई के साथ कूड़ा उठाव और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा। निगम की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को किसी भी स्थान पर गंदगी का सामना न करना पड़े और गया की धार्मिक पहचान के अनुरूप शहर साफ-सुथरा नजर आए।
25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा मेला
मेयर गणेश पासवान ने कहा कि इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नगर निगम की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता दल को आज से ही सक्रिय कर दिया गया है, ताकि मेला शुरू होने से पहले पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित और स्वच्छ बनाया जा सके। मेयर गणेश पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेले के दौरान सफाई व्यवस्था नगर निगम की प्राथमिकता में रहेगी। स्वच्छता कर्मियों की टीम अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार काम करेगी और मेला क्षेत्र में साफ-सफाई बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
मोहन श्रीवास्तव बोले- सफाई कर्मी हैं नगर निगम के योद्धा
पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि गया जी की पहचान भगवान विष्णु के चरण स्थल विष्णुपद धाम और मोक्षभूमि के रूप में पूरे देश और दुनिया में है। वहीं, बोधगया भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली के रूप में विश्व प्रसिद्ध है। गया और बोधगया की यह धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान इसे दुनिया के महत्वपूर्ण स्थलों में शामिल करती है। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश-दुनिया से श्रद्धालु यहां पिंडदान और तर्पण के लिए आते हैं। ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था के साथ-साथ जलापूर्ति, पेयजल, लाइट और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर करना भी निगम की प्राथमिकता है। पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने सफाई कर्मियों को नगर निगम का योद्धा बताते हुए कहा कि आज इन योद्धाओं को हरी झंडी दिखाकर मेला क्षेत्र में रवाना किया गया है। नगर निगम ने स्वच्छता को लेकर कमर कस ली है और अब मेला क्षेत्र को साफ-सुथरा और चकाचक रखने का अभियान तेज होगा।
जनता के सहयोग के बिना स्वच्छता अभियान अधूरा
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि गया को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं है। इसमें शहर के लोगों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। लोगों से अपील की गई कि वे सड़कों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकें तथा कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें। नगर निगम का लक्ष्य है कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिलें। इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। स्वच्छता दल के मैदान में उतरने के साथ ही मेला क्षेत्र में सफाई अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पितृपक्ष मेले के दौरान गया आने वाले श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर लौटें, इसके लिए सफाई, पानी और रोशनी समेत तमाम व्यवस्थाओं को बेहतर करने का प्रयास जारी है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम की इस बड़ी तैयारी को जनता का कितना सहयोग मिलता है। क्योंकि स्वच्छ और सुंदर गया सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शहर के हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।