ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही बेटी, बिस्तर पर मां... बूढ़े पिता की पुकार, “कोई मेरी बेटी का इलाज करवा दो
जलडेगा प्रखंड के टाटी पंचायत अंतर्गत हुटुबदा पहाड़ टोली से सामने आई यह कहानी सिर्फ बीमारी की नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार की बेबसी की है, जहां एक मां बिस्तर से उठ नहीं सकती और उसकी 47 वर्षीय बेटी पिछले करीब दो वर्षों से ब्रेस्ट कैंसर से जिंदगी की जंग लड़ रही है। सुशीला तोपनो, पिता मरकस तोपनो, लंबे समय से ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हैं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची ले जाने की जरूरत है, लेकिन परिवार की मजबूरी ऐसी है कि उन्हें अस्पताल तक ले जाने वाला भी कोई नहीं है। उनकी मां जयवंती तोपनो खुद अज्ञात बीमारी के कारण बिस्तर पर हैं और उन्हें भी लगातार देखभाल की जरूरत है। बूढ़े पिता मरकस तोपनो बेटी का इलाज कराने की उम्मीद में दर-दर भटक रहे हैं। आंखों के सामने बेटी की हालत बिगड़ती देख रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह बेबस हैं। परिवार में एक बेटा विल्सन तोपनो है, जो खेती-बाड़ी कर किसी तरह घर का खर्च चलाता है। दो-दो मरीजों की बीमारी और इलाज ने परिवार की आर्थिक कमर तोड़ दी है। अब इस परिवार की उम्मीद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी है। सुशीला के पिता ने उपायुक्त सिमडेगा, स्थानीय विधायक और जलडेगा के प्रखंड विकास पदाधिकारी से मदद की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि बेटी को बेहतर इलाज के लिए रांची ले जाने और इलाज कराने में प्रशासनिक एवं आर्थिक सहयोग किया जाए।
यह परिवार सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक सहारे की तलाश में है। क्योंकि यहां सवाल सिर्फ इलाज का नहीं है—सवाल यह भी है कि जब मां खुद बिस्तर पर हो, तो कैंसर से जूझ रही बेटी को अस्पताल तक कौन पहुंचाए? सुशीला के परिवार ने समाज के सक्षम लोगों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ आगे आने की अपील की है। समय पर मिला सहयोग इस परिवार के लिए सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जिंदगी की एक नई उम्मीद बन सकता है।
सिमडेगा समाचार